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शिया सोगवारों ने किया मातम
Updated Thu, 20 Sep 2018 12:26 AM IST
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शिया सोगवारों ने किया मातम
मुजफ्फरनगर। मोहर्रम का चांद दिखाई देने के बाद 19 सितंबर से शिया समाज के लोग मजलिस कर रहे हैं। मजलिसों में महिला और बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। मातमी जुलूस लगातार निकाले जा रहे हैं। कई शहरों से आए उलमायेदीन मौलाना इंतजार, मोहम्मद रजा, कुमेल असगर, कौसर मजहरी, आरिफ जौली, सुहैल अख्तर आदि इमाम बारगाहों में तकरीर कर रहे हैं। अबुपुरा में एक मजलिस जैगम जैदी की मर्सियाख्वानी से शुरु हुई। मौलाना अफसर हुसैन ने तकरीर में हजरत अब्बास और इमाम हुसैन की शहादत और जीवन पर रोशनी डाली। अलीमियां अरशद, मास्टर सादिक, शौकत हुसैन, आबिद अली, हसन मियां आदि घोडे़ के आगे मर्सिया पढ़ते हुए चल रहे थे। देर रात तक मातमी जुलूस चलता रहा। नौहाखुवानी बड़ी संख्या में युवाओं ने की। इंतजार हुसैन जैदी ने यह जानकारी दी।
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मुजफ्फरनगर। मोहर्रम का चांद दिखाई देने के बाद 19 सितंबर से शिया समाज के लोग मजलिस कर रहे हैं। मजलिसों में महिला और बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। मातमी जुलूस लगातार निकाले जा रहे हैं। कई शहरों से आए उलमायेदीन मौलाना इंतजार, मोहम्मद रजा, कुमेल असगर, कौसर मजहरी, आरिफ जौली, सुहैल अख्तर आदि इमाम बारगाहों में तकरीर कर रहे हैं। अबुपुरा में एक मजलिस जैगम जैदी की मर्सियाख्वानी से शुरु हुई। मौलाना अफसर हुसैन ने तकरीर में हजरत अब्बास और इमाम हुसैन की शहादत और जीवन पर रोशनी डाली। अलीमियां अरशद, मास्टर सादिक, शौकत हुसैन, आबिद अली, हसन मियां आदि घोडे़ के आगे मर्सिया पढ़ते हुए चल रहे थे। देर रात तक मातमी जुलूस चलता रहा। नौहाखुवानी बड़ी संख्या में युवाओं ने की। इंतजार हुसैन जैदी ने यह जानकारी दी।