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पैदा होने से लेकर अंतिम संस्कार तक का पैसा बांटा
Updated Tue, 20 Mar 2018 11:53 PM IST
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जन्म से लेकर अंतिम संस्कार तक का पैसा बांटा
मुजफ्फरनगर।
श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों के घर में बच्चा पैदा होने पर सरकार 15 हजार दे रही है। श्रमिक की मृत्यु होने पर उसकी अंत्येष्टि का खर्च भी सरकार उठा रही है। परिवार को 25 हजार रुपये खर्च के रूप में दिए जा रहे हैं। आर्थिक मदद के लिए दो लाख अलग से दिया जाता है। इसी तरह विभाग प्रत्येक श्रमिक को चिकित्सा सुविधा योजना में तीन हजार दे रहा है।
प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के लिए बच्चे के पैदा होने से लेकर श्रमिक की मृत्यु उपरांत उसके अंतिम संस्कार तक के खर्च की योजना चलाई है। श्रमिक के यहां बच्चा पैदा होने पर उसे दो योजनाओं का लाभ मिलता है। इसमें शिशु हित लाभ योजना में बेटा पैदा होने पर श्रमिक को 12 हजार और बेटी पैदा होने पर 15 हजार मिलते हैं। इस योजना में 27 श्रमिकों को तीन लाख 19 हजार रुपया दिया गया है। दूसरी योजना मातृत्व हित लाभ है, इसमें महिला श्रमिक का पंजीकरण होने पर उसे देखरेख के लिए 12 हजार और पुरुष श्रमिक का पंजीकरण होने पर पत्नी पर खर्च करने के लिए छह हजार रुपया मिलता है। इस योजना में जिले में 18 लाभार्थियों को 72 हजार दिए गए हैं। मृत्यु, अंत्येष्टि सहायता योजना में श्रमिक की मृत्यु होने पर परिवार को दो लाख आर्थिक सहायता के रूप में दिए जाते हैं। 25 हजार रुपये श्रमिक की अंत्येष्टि के खर्च के रूप में दिए जाते हैं। सात श्रमिक परिवारों को इस योजना में 15.75 लाख की मदद दी गई है। श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को ही योजना का लाभ मिल सकता है। श्रमिक को छोटी-मोटी बीमारी में आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए सरकार ने चिकित्सा सुविधा योजना चलाई है। इस योजना में पंजीकृत श्रमिकों को विभाग प्रति वर्ष तीन हजार रुपया देगा।
मेधावी पुरस्कार योजना
मुजफ्फरनगर। श्रमिकों के बच्चों को मेधावी पुरस्कार योजना के अंतर्गत चार हजार से लेकर 22 हजार तक दिया जाता है। योजना में 30 छात्रों को 77 हजार दिया गया है। संत रविदास शिक्षा छात्रवृत्ति योजना में कक्षा एक से लेकर पीजी तक छात्रवृत्ति दी जाती है। 100 रुपये से लेकर पांच हजार तक दिया जाता है, इसमें 100 लाभार्थियों को 74 हजार 100 दिया गया है।
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पंजीकृत श्रमिक को ही लाभ
मुजफ्फरनगर। सहायक श्रमायुक्त अनिल सिंह ने बताया कि जिले में अब तक 73 हजार 927 श्रमिक पंजीकृत हैं। श्रम विभाग की समस्त योजनाओं का लाभ केवल पंजीकृत श्रमिक को ही मिल सकेगा। योजना का पैसा लखनऊ से सीधे लाभार्थी के खाते में जाता है। विभाग लखनऊ मुख्यालय को सूची बनाकर भेजता है।
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मुजफ्फरनगर।
श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों के घर में बच्चा पैदा होने पर सरकार 15 हजार दे रही है। श्रमिक की मृत्यु होने पर उसकी अंत्येष्टि का खर्च भी सरकार उठा रही है। परिवार को 25 हजार रुपये खर्च के रूप में दिए जा रहे हैं। आर्थिक मदद के लिए दो लाख अलग से दिया जाता है। इसी तरह विभाग प्रत्येक श्रमिक को चिकित्सा सुविधा योजना में तीन हजार दे रहा है।
प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के लिए बच्चे के पैदा होने से लेकर श्रमिक की मृत्यु उपरांत उसके अंतिम संस्कार तक के खर्च की योजना चलाई है। श्रमिक के यहां बच्चा पैदा होने पर उसे दो योजनाओं का लाभ मिलता है। इसमें शिशु हित लाभ योजना में बेटा पैदा होने पर श्रमिक को 12 हजार और बेटी पैदा होने पर 15 हजार मिलते हैं। इस योजना में 27 श्रमिकों को तीन लाख 19 हजार रुपया दिया गया है। दूसरी योजना मातृत्व हित लाभ है, इसमें महिला श्रमिक का पंजीकरण होने पर उसे देखरेख के लिए 12 हजार और पुरुष श्रमिक का पंजीकरण होने पर पत्नी पर खर्च करने के लिए छह हजार रुपया मिलता है। इस योजना में जिले में 18 लाभार्थियों को 72 हजार दिए गए हैं। मृत्यु, अंत्येष्टि सहायता योजना में श्रमिक की मृत्यु होने पर परिवार को दो लाख आर्थिक सहायता के रूप में दिए जाते हैं। 25 हजार रुपये श्रमिक की अंत्येष्टि के खर्च के रूप में दिए जाते हैं। सात श्रमिक परिवारों को इस योजना में 15.75 लाख की मदद दी गई है। श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को ही योजना का लाभ मिल सकता है। श्रमिक को छोटी-मोटी बीमारी में आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए सरकार ने चिकित्सा सुविधा योजना चलाई है। इस योजना में पंजीकृत श्रमिकों को विभाग प्रति वर्ष तीन हजार रुपया देगा।
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मेधावी पुरस्कार योजना
मुजफ्फरनगर। श्रमिकों के बच्चों को मेधावी पुरस्कार योजना के अंतर्गत चार हजार से लेकर 22 हजार तक दिया जाता है। योजना में 30 छात्रों को 77 हजार दिया गया है। संत रविदास शिक्षा छात्रवृत्ति योजना में कक्षा एक से लेकर पीजी तक छात्रवृत्ति दी जाती है। 100 रुपये से लेकर पांच हजार तक दिया जाता है, इसमें 100 लाभार्थियों को 74 हजार 100 दिया गया है।
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पंजीकृत श्रमिक को ही लाभ
मुजफ्फरनगर। सहायक श्रमायुक्त अनिल सिंह ने बताया कि जिले में अब तक 73 हजार 927 श्रमिक पंजीकृत हैं। श्रम विभाग की समस्त योजनाओं का लाभ केवल पंजीकृत श्रमिक को ही मिल सकेगा। योजना का पैसा लखनऊ से सीधे लाभार्थी के खाते में जाता है। विभाग लखनऊ मुख्यालय को सूची बनाकर भेजता है।