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न्याय के लिए संविधान के पन्ने ढूंढ रहा विजय
Updated Fri, 26 Jan 2018 12:50 AM IST
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न्याय के लिए संविधान के पन्ने ढूंढ रहा विजय
मुजफ्फरनगर। भूमाफिया से सरकारी भूमि कब्जामुक्त कराने को लेकर 22 साल से कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे विजय सिंह संविधान के उस पन्ने को ढूंढ रहे हैं, जिनसे उसे न्याय मिलने की उम्मीद है। उनके लिए राजनीतिक दल सपा, बसपा, भाजपा सब एक जैसे हैं। कोई भी सरकार उनके मामले में न्याय पथ तक नहीं पहुंच पाई।
इस देश के गण पर तंत्र कितना हावी है, इसका जीता जागता उदाहरण 22 साल से कचहरी में धरने पर बैठे विजय सिंह हैं। 26 फरवरी 1996 से कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे विजय सिंह की समस्या कोई भी सरकार हल नहीं कर सकी है। दरअसल, उसकी अपनी कोई समस्या भी नहीं है, वह गांव चौसाना की तीन हजार बीघा सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराना चाहते हैं। सरकारी जमीन को भी सरकार इन 22 सालों में खाली नहीं करा सकी है। इस बीच जिले का बंटवारा हो गया। उनका गांव चौसाना शामली जिले में चला गया, लेकिन उनकी समस्या जस की तस है। नई सरकार बनती है, उनकी उम्मीद बढ़ती है। बसपा की सरकार बनी तो उम्मीद हुई, जांच हुई मांग जायज मिली, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं हुई। सपा की सरकार आई, प्रदेश स्तर पर जांच कमेटी बनी, लेकिन रिपोर्ट आज तक नहीं आई। भाजपा ने भूमाफिया के खिलाफ अभियान चलाया। जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक कमेटियों का गठन किया गया। विजय सिंह को उम्मीद जगी, लेकिन अभी तक योगी सरकार भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी। विजय सिंह तो यहां तक कहते हैं कि अगर मैं गलत हूं और मेरी मांग गलत है तो मुझे जेल में डाला जाए। अगर मांग जायज है तो सरकारी भूमि को भूमाफियाओं से खाली कराया जाए।
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मुजफ्फरनगर। भूमाफिया से सरकारी भूमि कब्जामुक्त कराने को लेकर 22 साल से कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे विजय सिंह संविधान के उस पन्ने को ढूंढ रहे हैं, जिनसे उसे न्याय मिलने की उम्मीद है। उनके लिए राजनीतिक दल सपा, बसपा, भाजपा सब एक जैसे हैं। कोई भी सरकार उनके मामले में न्याय पथ तक नहीं पहुंच पाई।
इस देश के गण पर तंत्र कितना हावी है, इसका जीता जागता उदाहरण 22 साल से कचहरी में धरने पर बैठे विजय सिंह हैं। 26 फरवरी 1996 से कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे विजय सिंह की समस्या कोई भी सरकार हल नहीं कर सकी है। दरअसल, उसकी अपनी कोई समस्या भी नहीं है, वह गांव चौसाना की तीन हजार बीघा सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराना चाहते हैं। सरकारी जमीन को भी सरकार इन 22 सालों में खाली नहीं करा सकी है। इस बीच जिले का बंटवारा हो गया। उनका गांव चौसाना शामली जिले में चला गया, लेकिन उनकी समस्या जस की तस है। नई सरकार बनती है, उनकी उम्मीद बढ़ती है। बसपा की सरकार बनी तो उम्मीद हुई, जांच हुई मांग जायज मिली, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं हुई। सपा की सरकार आई, प्रदेश स्तर पर जांच कमेटी बनी, लेकिन रिपोर्ट आज तक नहीं आई। भाजपा ने भूमाफिया के खिलाफ अभियान चलाया। जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक कमेटियों का गठन किया गया। विजय सिंह को उम्मीद जगी, लेकिन अभी तक योगी सरकार भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी। विजय सिंह तो यहां तक कहते हैं कि अगर मैं गलत हूं और मेरी मांग गलत है तो मुझे जेल में डाला जाए। अगर मांग जायज है तो सरकारी भूमि को भूमाफियाओं से खाली कराया जाए।
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