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सैक्सोफोन वादन पर दर्शक गदगद

Fri, 19 Jan 2018 12:41 AM IST
Updated Fri, 19 Jan 2018 12:41 AM IST
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सैक्सोफोन वादन पर दर्शक गदगद
मुजफ्फरनगर। स्पिक मैके की विश्व विरासत श्रृंखला के तहत जानसठ रोड स्थित स्टेपिंग स्टोन स्कूल में विश्वविख्यात संगीतकार लार्स म्युलर के सैक्सोफोन वादन पर दर्शकगण गदगद हो गए। डेनमार्क निवासी संगीतकार को तबले के साथ सुनना एक अद्भुत और असाधारण अनुभूति से कम नहीं रहा। लार्स म्युलर ने पाश्चात्य शास्त्रीय संगीत से लेकर जैज, डेनमार्क का लोकसंगीत और भारतीय रागों पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत की। उन्होंने अपनी रचनाओं को उस्ताद बिस्मिल्लाह खान और उस्ताद अकबर अली खान जैसे भारत के महान संगीतकारों को समर्पित किया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ लार्स म्युलर, जुएब खान और स्टेपिंग स्टोन के प्रबंधक अभिनव सुशील, आरएम तिवारी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अपनी रचना प्रस्तुत करने से पूर्व लार्स म्युलर ने जानकारी दी कि जैज संगीत एक खुले किस्म का संगीत है, जो विश्व की सारी संगीत परंपराओं को आत्मसात करने में गुरेज नहीं करता। 1950 के दशक में भारत के महान संगीतकार उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की शहनाई सुनकर पूरा पश्चिम वाह कर उठा। इसके बाद जैज संगीत ने उनसे भरपूर प्रेरणा ली। उन्होंने बताया कि वे स्वयं भारत में रहकर भारतीय शास्त्रीय संगीत और खासकर शहनाई सीख रहे हैं। अनेक पुरस्कारों से सम्मानित और जैज संगीत के प्रख्यात कलाकार लार्स म्युलर ने डेनमार्क के लोकसंगीत पर आधारित रचना से कार्यक्रम की शुरुआत की। तबले की संगत के साथ ऐसा लगा ही नहीं कि हम विदेशी संगीत सुन रहे हैं। शायद इसीलिए कहते हैं संगीत की भाषा सार्वभौमिक है। अपनी दूसरी अकबर तोड़ी को उन्होंने विख्यात सरोद वादक उस्ताद अली अकबर खान को समर्पित करते हुए उनकी राग तोड़ी से प्रेरित बताया। जुएब खान ने सात मात्राओं की रूपक ताल पर बखूबी संगत पेश की।
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लार्स म्युलर की अगली रचना इंडियन स्काइज प्रकृति की विभिन्न छटाओं को प्रस्तुत करती उनकी अपनी कृति थी, जिसपर उन्होंने खूब तालियां बटोरीं। इस रचना की प्रेरणा उन्होंने भारतीय राग चारुकेशी से ली। भारतीय रागों में उनके पसंदीदा रागों में से एक राग श्री पर आधारित उन्होंने अपनी रचना ग्लो ऑफ़ बनारस को भी भरपूर तालियों मिली। यह रचना विलंबित एक ताल और मत्ता मध्य लय में प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम का समापन म्युलर ने महान सेक्सोफोन वादक वाइन शोर्टर की शास्त्रीय जैज रचना से किया। विश्व के अनेक देशों में बड़े बड़े कलाकारों के साथ कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुके लार्स म्युलर का कार्यक्रम नगर वासियों के लिए एक यादगार बन गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या सोनिया बंसल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा की अपने देश की कलाओं के साथ साथ विश्व की अन्य कलापरम्पराओं के संपर्क से हमारी सोच का विस्तार होता है। इसी मकसद से स्पिक मैके ने यह कार्यक्रम आयोजित किया था। तबले और सेक्सोफोन का एक साथ होना इस बात का प्रमाण है। सोनिया एवं प्रीति सिंह द्वारा विद्यालय की ओर से कलाकारों को भेंट प्रदान की गई। कार्यक्रम में नीरजा बंसल, मृदुला मित्तल, सुनीता शर्मा, गरिमा जैन, लक्ष्मी तिवारी, डॉ एनएन पंत, अरुण पंवार, अंजलि पंवार, नीहार, आशीष, मांगे खलील तथा नगर के अन्य संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। राहुल सेन, सागर, शुभम, हर्ष, मनीष, गोविन्द, अभिनव त्यागी आदि का कार्यक्रम की सफलता में योगदान रहा। अनुष्का एवं परिधि ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।
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- रणवीर सैनी
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