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आधार से जुड़ने पर मिलेगा गुरुजी को वेतन
Updated Mon, 26 Jun 2017 01:07 AM IST
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आधार बिना नहीं मिलेगा शिक्षकों का वेतन
मुजफ्फरनगर। अब आधार कार्ड लिंक होने के बाद ही गुरुजी के खाते में वेतन आएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के सैलरी डाटा को आधार कार्ड से जोड़ा जा रहा है। साथ ही पैन नंबर भी जोड़ा गया है। क्योंकि प्रदेश सरकार शिक्षकों की हाजिरी को भी ऑनलाइन और बायोमैट्रिक से जोड़ने की तैयारी में है। ताकि शिक्षकों की गतिविधियों में नजर रखी जा सके।
प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षिकाओं के सैलरी डाटा को आधार कार्ड, पैन कार्ड से लिंक किया है। जनपद में चार हजार से अधिक शिक्षक तैनात है। जो जिले के 1163 स्कूलों के साथ कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में तैनात है। अब तक शिक्षकों को सीधे बैंक खाते में ट्रेजरी के माध्यम से वेतन भुगतान होता था। इसके लिए विभाग मस्ट्रोल बनाकर सैलरी डाटा बनाता था, जिसे शासन को भेजकर भुगतान होता है। इस सत्र से व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
उस शिक्षक के खाते में ही भुगतान पहुंचेगा, जिसका खाता आधार कार्ड से लिंक रहेगा। इसके लिए विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों ने सैलरी डाटा को आधार कार्ड से लिंक करने के लिए शिक्षकों से आधार कार्ड नंबर, पैन कार्ड नंबर मंगवाए है। अभी तक 45 फीसदी शिक्षकों ने ही इसे जमा कराया है। बीएसए चंद्रकेश यादव ने बताया कि शिक्षकों का सैलरी डाटा आधार कार्ड, पैन कार्ड से जोड़ा जा रहा है। जुलाई माह की सैलरी से ही यह व्यवस्था लागू की जा रही है। जिसके चलते विभाग ने युद्ध स्तर पर शिक्षकों का डाटा आधार से लिंक करने कार्य किया जा रहा है। सभी शिक्षकों को इस बाबत निर्देश दिए गए हैं।
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मुजफ्फरनगर। अब आधार कार्ड लिंक होने के बाद ही गुरुजी के खाते में वेतन आएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के सैलरी डाटा को आधार कार्ड से जोड़ा जा रहा है। साथ ही पैन नंबर भी जोड़ा गया है। क्योंकि प्रदेश सरकार शिक्षकों की हाजिरी को भी ऑनलाइन और बायोमैट्रिक से जोड़ने की तैयारी में है। ताकि शिक्षकों की गतिविधियों में नजर रखी जा सके।
प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षिकाओं के सैलरी डाटा को आधार कार्ड, पैन कार्ड से लिंक किया है। जनपद में चार हजार से अधिक शिक्षक तैनात है। जो जिले के 1163 स्कूलों के साथ कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में तैनात है। अब तक शिक्षकों को सीधे बैंक खाते में ट्रेजरी के माध्यम से वेतन भुगतान होता था। इसके लिए विभाग मस्ट्रोल बनाकर सैलरी डाटा बनाता था, जिसे शासन को भेजकर भुगतान होता है। इस सत्र से व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
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उस शिक्षक के खाते में ही भुगतान पहुंचेगा, जिसका खाता आधार कार्ड से लिंक रहेगा। इसके लिए विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों ने सैलरी डाटा को आधार कार्ड से लिंक करने के लिए शिक्षकों से आधार कार्ड नंबर, पैन कार्ड नंबर मंगवाए है। अभी तक 45 फीसदी शिक्षकों ने ही इसे जमा कराया है। बीएसए चंद्रकेश यादव ने बताया कि शिक्षकों का सैलरी डाटा आधार कार्ड, पैन कार्ड से जोड़ा जा रहा है। जुलाई माह की सैलरी से ही यह व्यवस्था लागू की जा रही है। जिसके चलते विभाग ने युद्ध स्तर पर शिक्षकों का डाटा आधार से लिंक करने कार्य किया जा रहा है। सभी शिक्षकों को इस बाबत निर्देश दिए गए हैं।
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