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छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल कैद
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मुजफ्फरनगर। छात्रा का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी ने आरोपी को 20 साल कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान एक अन्य आरोपी की मौत हो चुकी है।
अभियोजन के अनुसार शामली जनपद के आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति की छात्रा का आठ जनवरी 2010 को कॉलेज से लौटते समय वैन सवार दो युवकों ने अपहरण कर लिया था। आरोपी छात्रा को गाजियाबाद के लोनी ले गए थे, जहां उसे कई दिन बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। छात्रा ने किसी तरह बंधनमुक्त होकर लोनी पुलिस को घटना की जानकारी दी थी, जिसके बाद परिजन छात्रा को लोनी से लेकर आए थे।
मामले में थानाभवन क्षेत्र के गांव उस्मानपुर निवासी विपिन मलिक व अमित के खिलाफ अपहरण व सामूहिक दुष्कर्म के साथ ही एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सेशन सुपुर्द होने के बाद मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी विरेंद्र कुमार पांडेय के समक्ष हुई। लोक अभियोजक एससी-एसटी यशपाल सिंह और एडीजीसी सहदेव सिंह ने बताया कि सुनवाई के दौरान ही एक आरोपी अमित की मौत हो गई थी, जबकि विपिन मलिक जमानत पर चल रहा था। मामले में छह गवाहों के साथ ही आरोपी विपिन के खिलाफ पुख्ता सुबूत पेश किए गए, जिनके आधार पर न्यायाधीश विरेंद्र कुमार पांडेय ने आरोपी विपिन मलिक को दोषी करार दिया। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने विपिन मलिक को 20 साल सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अभियोजन के अनुसार शामली जनपद के आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति की छात्रा का आठ जनवरी 2010 को कॉलेज से लौटते समय वैन सवार दो युवकों ने अपहरण कर लिया था। आरोपी छात्रा को गाजियाबाद के लोनी ले गए थे, जहां उसे कई दिन बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। छात्रा ने किसी तरह बंधनमुक्त होकर लोनी पुलिस को घटना की जानकारी दी थी, जिसके बाद परिजन छात्रा को लोनी से लेकर आए थे।
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मामले में थानाभवन क्षेत्र के गांव उस्मानपुर निवासी विपिन मलिक व अमित के खिलाफ अपहरण व सामूहिक दुष्कर्म के साथ ही एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सेशन सुपुर्द होने के बाद मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी विरेंद्र कुमार पांडेय के समक्ष हुई। लोक अभियोजक एससी-एसटी यशपाल सिंह और एडीजीसी सहदेव सिंह ने बताया कि सुनवाई के दौरान ही एक आरोपी अमित की मौत हो गई थी, जबकि विपिन मलिक जमानत पर चल रहा था। मामले में छह गवाहों के साथ ही आरोपी विपिन के खिलाफ पुख्ता सुबूत पेश किए गए, जिनके आधार पर न्यायाधीश विरेंद्र कुमार पांडेय ने आरोपी विपिन मलिक को दोषी करार दिया। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने विपिन मलिक को 20 साल सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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