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193 जर्जर स्कूलों में पढ़ाई कर रहे नौनिहाल
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193 जर्जर स्कूलों में पढ़ाई कर रहे नौनिहाल
मुजफ्फरनगर। जिले में अभी भी 193 परिषदीय स्कूलों की बिल्डिंग जर्जर हालत में है। कायाकल्प के तहत कराए गए सर्वे में स्कूल भवनों के जर्जर होने की रिपोर्ट मिली है। इनमें से 43 के भवन निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है, जबकि 22 अभी लाइन में हैं। विभागीय अधिकारी बाकी स्कूलों का निर्माण की स्वीकृति भी जल्द ही कराने का दावा कर रहे हैं।
शासन ने स्कूलों की रंगत बदलने के लिए कायाकल्प अभियान शुरू किया है। स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर सर्वे कराया गया। जहां जो कमियां मिली हैं उन्हें ठीक कराने की कवायद शुरू हो गई है। जिले में कुल 1263 परिषदीय विद्यालय हैं। सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार इनमें से 193 स्कूलों की बिल्डिंग बेहद जर्जर हालत में मिली है। इनमें बैठकर पढ़ाई करना बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर स्कूल भवनों के निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। 43 स्कूलों की बिल्डिंग निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत हो गया है, जबकि 22 को भी शीघ्र स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। इन स्कूल भवनों का निर्माण ग्राम पंचायत के माध्यम से कराया जाएगा। भवन निर्माण की राशि सीधे ग्राम पंचायतों को दी जाएगी और निर्माण का जिम्मा ग्राम प्रधान एवं पंचायत सेक्रेट्री का होगा। जिला समन्वयक निर्माण दीपक कुमार का कहना है कि बाकी बचे स्कूलों के निर्माण की स्वीकृति कराने का भी प्रयास किया जा रहा है। स्वीकृति मिलने के बाद जिले में जर्जर बिल्डिंग वाले स्कूलों के नए भवन का निर्माण कराया जाएगा।
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मुजफ्फरनगर। जिले में अभी भी 193 परिषदीय स्कूलों की बिल्डिंग जर्जर हालत में है। कायाकल्प के तहत कराए गए सर्वे में स्कूल भवनों के जर्जर होने की रिपोर्ट मिली है। इनमें से 43 के भवन निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है, जबकि 22 अभी लाइन में हैं। विभागीय अधिकारी बाकी स्कूलों का निर्माण की स्वीकृति भी जल्द ही कराने का दावा कर रहे हैं।
शासन ने स्कूलों की रंगत बदलने के लिए कायाकल्प अभियान शुरू किया है। स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर सर्वे कराया गया। जहां जो कमियां मिली हैं उन्हें ठीक कराने की कवायद शुरू हो गई है। जिले में कुल 1263 परिषदीय विद्यालय हैं। सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार इनमें से 193 स्कूलों की बिल्डिंग बेहद जर्जर हालत में मिली है। इनमें बैठकर पढ़ाई करना बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर स्कूल भवनों के निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। 43 स्कूलों की बिल्डिंग निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत हो गया है, जबकि 22 को भी शीघ्र स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। इन स्कूल भवनों का निर्माण ग्राम पंचायत के माध्यम से कराया जाएगा। भवन निर्माण की राशि सीधे ग्राम पंचायतों को दी जाएगी और निर्माण का जिम्मा ग्राम प्रधान एवं पंचायत सेक्रेट्री का होगा। जिला समन्वयक निर्माण दीपक कुमार का कहना है कि बाकी बचे स्कूलों के निर्माण की स्वीकृति कराने का भी प्रयास किया जा रहा है। स्वीकृति मिलने के बाद जिले में जर्जर बिल्डिंग वाले स्कूलों के नए भवन का निर्माण कराया जाएगा।
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