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खतौली पालिका चेयरपर्सन पर गिर सकती है गाज
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खतौली पालिका चेयरपर्सन पर गिर सकती है गाज
मुजफ्फरनगर। खतौली नगर पालिका की चेयरपर्सन बिलकिस पर गाज गिर सकती है। डीएम अजय शंकर पांडेय ने टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की जांच कराकर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। पालिका सभासद मनोज कुमार ने छह प्रकरण में उनकी शिकायत की थी। दो मामलों में शिकायत सही पाई गई।
खतौली पालिका के सभासद मनोज कुमार ने चेयरपर्सन बिलकिस की शिकायत की थी कि उन्होंने ई-टेडरिंग से बचने के लिए कुछ काम कई हिस्सों में बांटकर करा दिए हैं। कुछ प्रकरणों में ई-टेडरिंग की प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। उन्होंने कुल छह प्रकरणों में शिकायत की, जिनमें चार शिकायतें सही पाई गई। डीएम ने एसडीएम खतौली को जांच अधिकारी बनाया और सभी बिंदुओं पर जांच कराई। डिप्टी कलेक्टर की रिपोर्ट आने के बाद सामने आया कि शिकायत में बिंदु एक और दो में निर्माण कार्यों को टुकड़ों में बांटकर करना बताया गया है, यह शिकायत सहीं पाई गई। इसी के साथ बिंदु संख्या चार में अंकित शिकायत में पालिका द्वारा टेंडर की सूचना वेबसाइट पर प्रकाशित नहीं कराये जाने की पुष्टि हुई है, जो कि प्रक्रियात्मक अनियमितता की श्रेणी में आती है। शिकायती पत्र के बिंदु संख्या तीन, पांच, छह और सात में अंकित शिकायतों की पुष्टि नहीं हुई है। डीएम ने बताया कि रिपोर्ट को जांच आख्या के साथ अग्रिम कार्यवाही को शासन को भेजा गया है।
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मुजफ्फरनगर। खतौली नगर पालिका की चेयरपर्सन बिलकिस पर गाज गिर सकती है। डीएम अजय शंकर पांडेय ने टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की जांच कराकर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। पालिका सभासद मनोज कुमार ने छह प्रकरण में उनकी शिकायत की थी। दो मामलों में शिकायत सही पाई गई।
खतौली पालिका के सभासद मनोज कुमार ने चेयरपर्सन बिलकिस की शिकायत की थी कि उन्होंने ई-टेडरिंग से बचने के लिए कुछ काम कई हिस्सों में बांटकर करा दिए हैं। कुछ प्रकरणों में ई-टेडरिंग की प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। उन्होंने कुल छह प्रकरणों में शिकायत की, जिनमें चार शिकायतें सही पाई गई। डीएम ने एसडीएम खतौली को जांच अधिकारी बनाया और सभी बिंदुओं पर जांच कराई। डिप्टी कलेक्टर की रिपोर्ट आने के बाद सामने आया कि शिकायत में बिंदु एक और दो में निर्माण कार्यों को टुकड़ों में बांटकर करना बताया गया है, यह शिकायत सहीं पाई गई। इसी के साथ बिंदु संख्या चार में अंकित शिकायत में पालिका द्वारा टेंडर की सूचना वेबसाइट पर प्रकाशित नहीं कराये जाने की पुष्टि हुई है, जो कि प्रक्रियात्मक अनियमितता की श्रेणी में आती है। शिकायती पत्र के बिंदु संख्या तीन, पांच, छह और सात में अंकित शिकायतों की पुष्टि नहीं हुई है। डीएम ने बताया कि रिपोर्ट को जांच आख्या के साथ अग्रिम कार्यवाही को शासन को भेजा गया है।
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