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बलवाखेड़ी से 40 गोवंशीय पशु जांएगे रामराज गौशाला
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चरथावल। बलवाखेड़ी में आवारा गोवंशीय पशुओं को ग्रामीणों द्वारा पकड़े जाने के बाद प्रशासन की अनदेखी की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने पर पंचायत प्रशासन हरकत में आ गया। शुक्रवार को पशुओं को रामराज गोशाला में भिजवाने के लिए बीडीओ डॉ. साजिद अहमद ने पहल की। ग्राम पंचायत विभाग ने देर शाम दो ट्रकों को गांव में पशुओं को गोशाला में छुड़वाने को इंतजाम कराया। उन्होंने आवारा पशुओं को छुड़वाने के लिए अनुमति पत्र ग्रामीणों को सौंप दिया।
गांव बलवाखेड़ी के अलावा आसपास के गांवों में किसानों की फसलों को बर्बाद करने वाले आवारा पशुओं को पकड़कर बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने पकड़कर एक प्लाट में बांधा था। लेकिन प्रशासन को खबर करने के बाद प्रशासन ने उन्हें पशु आश्रयशाला या गौशाला में भिजवाने को कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। शुक्रवार के अंक में अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया। सुबह से ही बीडीओ ने खुद पकड़े पशुओं को गोशाला में भिजवाने के लिए रुचि ली। ग्रामीणों की शिकायत पर तत्परता दिखाते हुए उन्होंने प्रधान और सचिव को गोवंशीय पशुओं का हुलिया तैयार कराकर रामराज के पास स्थित गोशाला भिजवाने के लिए मंजूरी दी।
ग्रामीण सुबह से ट्रांसपोर्ट के लिए ट्रकों का इंतजाम करते रहे, लेकिन अधिकांश ड्राइवर गोवंशीय पशुओं को छोड़ने में रास्ते में पुलिस के झंझट के कारण कतराते रहें। ग्रामीणों ने शामली जिले के जलालाबाद से दो ट्रकों को बीडीओ का पत्र दिखाकर बुक किया गया और शाम करीब छह बजे दोनों ट्रक पशुओं को लादने के लिए गांव पहुंच गए। हालांकि अशोक पुंडीर और अंकुर राणा ने बताया कि रात में पशुओं को ट्रकों में लादने में काफी परेशानी हो रही है। 40 पशुओं को रात्रि में रामराज भिजवाया जा रहा है।
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गांव बलवाखेड़ी के अलावा आसपास के गांवों में किसानों की फसलों को बर्बाद करने वाले आवारा पशुओं को पकड़कर बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने पकड़कर एक प्लाट में बांधा था। लेकिन प्रशासन को खबर करने के बाद प्रशासन ने उन्हें पशु आश्रयशाला या गौशाला में भिजवाने को कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। शुक्रवार के अंक में अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया। सुबह से ही बीडीओ ने खुद पकड़े पशुओं को गोशाला में भिजवाने के लिए रुचि ली। ग्रामीणों की शिकायत पर तत्परता दिखाते हुए उन्होंने प्रधान और सचिव को गोवंशीय पशुओं का हुलिया तैयार कराकर रामराज के पास स्थित गोशाला भिजवाने के लिए मंजूरी दी।
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ग्रामीण सुबह से ट्रांसपोर्ट के लिए ट्रकों का इंतजाम करते रहे, लेकिन अधिकांश ड्राइवर गोवंशीय पशुओं को छोड़ने में रास्ते में पुलिस के झंझट के कारण कतराते रहें। ग्रामीणों ने शामली जिले के जलालाबाद से दो ट्रकों को बीडीओ का पत्र दिखाकर बुक किया गया और शाम करीब छह बजे दोनों ट्रक पशुओं को लादने के लिए गांव पहुंच गए। हालांकि अशोक पुंडीर और अंकुर राणा ने बताया कि रात में पशुओं को ट्रकों में लादने में काफी परेशानी हो रही है। 40 पशुओं को रात्रि में रामराज भिजवाया जा रहा है।
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