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श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई
Updated Tue, 19 Dec 2017 12:33 AM IST
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श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई
मोरना। तीर्थनगरी शुक्रताल में सोमवती अमावस्या पर दूरदराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ कमाया। श्रद्धालुओं ने मंदिरों के दर्शन किए और गरीब असहाय लोगों को भोजन कराकर साधु-संतों से आशीर्वाद भी लिया।
शुक्रताल में सोमवार सुबह से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। अटूट आस्था भाव से श्रद्धालुओं ने भारी ठंड को दरकिनार करते हुए पतित पावनी मां गंगा की गोद में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। घाट के पुरोहितों से वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद नगर के शुकदेव आश्रम में प्राचीन वट वृक्ष की परिक्रमा कर परिवार की खुशहाली का धागा बांधकर मन्नत मांगी। सप्तऋषि भगवान श्रीकृष्ण मंदिर का दर्शन करते हुए शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याण देव की समाधि पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की। वहीं, दंडी आश्रम, हनुमान धाम, गणेशधाम, शिवधाम, गौडिया मठ, शनिधाम, दुर्गाधाम, पीतांबराधाम, राम आश्रम, आदि में जाकर मंदिरों के दर्शन कर प्रसाद चढ़ाया। वहीं, स्वामी ओमानंद महाराज, स्वामी गुरुदत्त महाराज, स्वामी केश्वानंद महाराज, स्वामी कृपालदास महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी गोपालाचार्य महाराज, स्वामी पुरुषोत्तम महाराज, स्वामी गीतानंद गिरि महाराज, माता राज नंदेश्वरी आदि से आशीर्वाद भी लिया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने आयोजित भंडारे का प्रसाद साधु-संतों के बीच वितरित किया। नगर के विभिन्न आश्रमों में चल रहे संत्सग और कथाओं में भाग लेकर आस्था के साथ सुना।
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मोरना। तीर्थनगरी शुक्रताल में सोमवती अमावस्या पर दूरदराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ कमाया। श्रद्धालुओं ने मंदिरों के दर्शन किए और गरीब असहाय लोगों को भोजन कराकर साधु-संतों से आशीर्वाद भी लिया।
शुक्रताल में सोमवार सुबह से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। अटूट आस्था भाव से श्रद्धालुओं ने भारी ठंड को दरकिनार करते हुए पतित पावनी मां गंगा की गोद में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। घाट के पुरोहितों से वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद नगर के शुकदेव आश्रम में प्राचीन वट वृक्ष की परिक्रमा कर परिवार की खुशहाली का धागा बांधकर मन्नत मांगी। सप्तऋषि भगवान श्रीकृष्ण मंदिर का दर्शन करते हुए शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याण देव की समाधि पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की। वहीं, दंडी आश्रम, हनुमान धाम, गणेशधाम, शिवधाम, गौडिया मठ, शनिधाम, दुर्गाधाम, पीतांबराधाम, राम आश्रम, आदि में जाकर मंदिरों के दर्शन कर प्रसाद चढ़ाया। वहीं, स्वामी ओमानंद महाराज, स्वामी गुरुदत्त महाराज, स्वामी केश्वानंद महाराज, स्वामी कृपालदास महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी गोपालाचार्य महाराज, स्वामी पुरुषोत्तम महाराज, स्वामी गीतानंद गिरि महाराज, माता राज नंदेश्वरी आदि से आशीर्वाद भी लिया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने आयोजित भंडारे का प्रसाद साधु-संतों के बीच वितरित किया। नगर के विभिन्न आश्रमों में चल रहे संत्सग और कथाओं में भाग लेकर आस्था के साथ सुना।
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