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टिकौला मिल ने अपने 90 तौल लिपिक हटाए
Updated Fri, 15 Sep 2017 01:39 AM IST
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टिकौला मिल ने अपने 90 तौल लिपिक हटाए
मुजफ्फरनगर। टिकौला शुगर मिल ने अपने यहां सीजनल काम करने वाले तौल लिपिकों को हटा दिया है। यूनियन बनाए जाने से नाराज प्रबंधन ने ठेके पर तौल लिपिकों की व्यवस्था की। सहायक श्रमायुक्त के यहां शिकायत पहुंच जाने के बाद दोनों पक्षों को बुलाया गया, लेकिन मिल प्रबंधन के लोग नहीं आए।
सहायक श्रमायुक्त डॉ अनिल सिंह ने बताया कि टिकौला शुगर मिल में 90 सीजनल तौल लिपिक काम करते रहे हैं। परंपरा यह रही है कि हर साल बीते वर्ष के तौल लिपिक ही बुलाए जाते हैं। इस बार मिल प्रबंधन तौल लिपिकों के यूनियन बनाने से नाराज था। इसी के चलते उसने ठेके पर तौल लिपिक रख लिए। इस बात की शिकायत तौल लिपिकों ने सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में की। इस मामले में दोनों पक्षों को एक साथ बुलाया गया था, जिससे समस्या का समाधान निकल सके। इसे देखते हुए ही अब तक चार बार बैठकें बुलाई जा चुकी हैं। अभी तक टिकौला मिलके मैनेजर केवल एक बैठक में ही आए हैं। बृहस्पतिवार को भी तारीख थी, लेकिन प्रबंधन के नहीं आने से अब 20 सितंबर की तारीख लगाई गई है।
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मुजफ्फरनगर। टिकौला शुगर मिल ने अपने यहां सीजनल काम करने वाले तौल लिपिकों को हटा दिया है। यूनियन बनाए जाने से नाराज प्रबंधन ने ठेके पर तौल लिपिकों की व्यवस्था की। सहायक श्रमायुक्त के यहां शिकायत पहुंच जाने के बाद दोनों पक्षों को बुलाया गया, लेकिन मिल प्रबंधन के लोग नहीं आए।
सहायक श्रमायुक्त डॉ अनिल सिंह ने बताया कि टिकौला शुगर मिल में 90 सीजनल तौल लिपिक काम करते रहे हैं। परंपरा यह रही है कि हर साल बीते वर्ष के तौल लिपिक ही बुलाए जाते हैं। इस बार मिल प्रबंधन तौल लिपिकों के यूनियन बनाने से नाराज था। इसी के चलते उसने ठेके पर तौल लिपिक रख लिए। इस बात की शिकायत तौल लिपिकों ने सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में की। इस मामले में दोनों पक्षों को एक साथ बुलाया गया था, जिससे समस्या का समाधान निकल सके। इसे देखते हुए ही अब तक चार बार बैठकें बुलाई जा चुकी हैं। अभी तक टिकौला मिलके मैनेजर केवल एक बैठक में ही आए हैं। बृहस्पतिवार को भी तारीख थी, लेकिन प्रबंधन के नहीं आने से अब 20 सितंबर की तारीख लगाई गई है।
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