{"_id":"594d6d414f1c1bc9678b47f1","slug":"191498246465-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छोटी नेकी पर भी मिलता है बड़ा सवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छोटी नेकी पर भी मिलता है बड़ा सवाब
Updated Sat, 24 Jun 2017 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। माह-ए-रमजान के अलविदा जुमे की नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों पर अकीदतमंदों की भीड़ जुटी रही। स्थिति ऐसी रही कि लोगों को सड़क पर नमाज अदा करनी पड़ी। उधर, मस्जिदों में उलेमा ने तकरीर की। उलेमा ने फरमाया कि सदका-ए-फितर परिवार के हर सदस्य का देना फर्ज है।
रमजान के अलविदा जुमा को लेकर मुस्लिम समाज में उत्साह रहा। मुस्लिम बस्तियों में खूब हलचल रही। मस्जिदों में दोपहर से ही अकीदतमंदों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। मस्जिदों में आलिमों और उलेमा ने रमजान और जकात, फितरे की फजीलत बयां की। मस्जिद कुम्हारान में मुफ्ति जुल्फिकार ने बयान किया कि जकात, फितरा हर माले निसाब मुसलमान पर फर्ज है। हर हाल में ईद की नमाज से पहले इसका अदा करना जरूरी है। सदका-ए-फितर उस बच्चे की भी जायज है, जो ईद की नमाज से चंद घंटे पहले पैदा हुआ है। परिवार में आए मेहमान का भी सदका मेजबान को अदा करना पड़ेगा। खालापार फक्करशाह मस्जिद के इमाम मौलाना खालिद ने खिताब फरमाया कि हर उस मुसलमान पर जकात फर्ज रखी गई है। जिसके पास साढ़े सात तौले सोना, या साढ़े 52 तौला चांदी या इतनी हैसियत हो कि वो साढ़े 52 तौला चांदी का मूल्य अदा कर सके। उस पर जकात देना फर्ज कर दिया गया है।
उलेमा ने फरमाया कि रमजान का महीना सबसे पाक और रहमतों वाला है। इस महीने में छोटी से छोटी नेकी पर भी अल्लाह बड़ा सवाब देते हैं। रोजेदार और इबादत करने वालों की 24 घंटे में एक दुआ अल्लाह जरुर कबूल करते हैं। शहर की लद्दावाला, खालापार, किदवईनगर आदि क्षेत्रों की बड़ी मस्जिदों में अलविदा जुमे की नमाज अदा करने के लिए अकीदतमंदों की भीड़ रही।
विज्ञापन
आला अफसरों ने संभाली कमान
मुजफ्फरनगर। अलविदा नमाज के दौरान जिले के आला अफसरों ने कमान संभाले रखी। आला अधिकारियों ने मस्जिदों के निकट निरीक्षण किया और सुरक्षा, सुविधा का जायजा लिया। नगर पालिका प्रशासन भी अलविदा जुमे को लेकर अलर्ट रहा। मस्जिदों के बाहर साफ-सफाई कर चूना डाला गया। पेयजल की व्यवस्था के लिए भी पूरी मुस्तैदी बरती गई।
सोमवार को ईद, बाजारों में भीड़
मुजफ्फरनगर। अलविदा जुमे पर नमाज अदा कर लोगों ने बच्चों के साथ बाजार का रुख कर लिया। ईद की आमद को लेकर शीर का सामान, कपड़े, चूड़ियां, ज्वैलरी समेत जूतों की दुकानों पर भीड़ रही। बाजार में बढ़ी भीड़ के कारण दुकानदारों के भी हाथ-पांव फूले रहे। भीड़ को काबू करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों ने जमकर खरीदारी की।
ईद-उल-फितर की नमाज का वक्त:
ईदगाह शहर सुबह 7.45 बजे
मस्जिद फखऱ़शाह सुबह 8.00 बजे
मस्जिद हौज वाली खालापार सुबह 8.00 बजे
मस्जिद पीरवाली मल्हूपुरा सुबह 8.00 बज
मस्जिद लियाकतपुरा लद्दावाला सुबह 8.00 बजे
मस्जिद हौजवाली सरवट गेट सुबह 8.15 बज
मस्जिद नुमाईश कैंप सुबह 8.15 बज
मस्जिद मुहम्मदी, रहमतनगर सुबह 8.30 बजे
विज्ञापन
रमजान के अलविदा जुमा को लेकर मुस्लिम समाज में उत्साह रहा। मुस्लिम बस्तियों में खूब हलचल रही। मस्जिदों में दोपहर से ही अकीदतमंदों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। मस्जिदों में आलिमों और उलेमा ने रमजान और जकात, फितरे की फजीलत बयां की। मस्जिद कुम्हारान में मुफ्ति जुल्फिकार ने बयान किया कि जकात, फितरा हर माले निसाब मुसलमान पर फर्ज है। हर हाल में ईद की नमाज से पहले इसका अदा करना जरूरी है। सदका-ए-फितर उस बच्चे की भी जायज है, जो ईद की नमाज से चंद घंटे पहले पैदा हुआ है। परिवार में आए मेहमान का भी सदका मेजबान को अदा करना पड़ेगा। खालापार फक्करशाह मस्जिद के इमाम मौलाना खालिद ने खिताब फरमाया कि हर उस मुसलमान पर जकात फर्ज रखी गई है। जिसके पास साढ़े सात तौले सोना, या साढ़े 52 तौला चांदी या इतनी हैसियत हो कि वो साढ़े 52 तौला चांदी का मूल्य अदा कर सके। उस पर जकात देना फर्ज कर दिया गया है।
विज्ञापन
उलेमा ने फरमाया कि रमजान का महीना सबसे पाक और रहमतों वाला है। इस महीने में छोटी से छोटी नेकी पर भी अल्लाह बड़ा सवाब देते हैं। रोजेदार और इबादत करने वालों की 24 घंटे में एक दुआ अल्लाह जरुर कबूल करते हैं। शहर की लद्दावाला, खालापार, किदवईनगर आदि क्षेत्रों की बड़ी मस्जिदों में अलविदा जुमे की नमाज अदा करने के लिए अकीदतमंदों की भीड़ रही।
विज्ञापन
आला अफसरों ने संभाली कमान
मुजफ्फरनगर। अलविदा नमाज के दौरान जिले के आला अफसरों ने कमान संभाले रखी। आला अधिकारियों ने मस्जिदों के निकट निरीक्षण किया और सुरक्षा, सुविधा का जायजा लिया। नगर पालिका प्रशासन भी अलविदा जुमे को लेकर अलर्ट रहा। मस्जिदों के बाहर साफ-सफाई कर चूना डाला गया। पेयजल की व्यवस्था के लिए भी पूरी मुस्तैदी बरती गई।
सोमवार को ईद, बाजारों में भीड़
मुजफ्फरनगर। अलविदा जुमे पर नमाज अदा कर लोगों ने बच्चों के साथ बाजार का रुख कर लिया। ईद की आमद को लेकर शीर का सामान, कपड़े, चूड़ियां, ज्वैलरी समेत जूतों की दुकानों पर भीड़ रही। बाजार में बढ़ी भीड़ के कारण दुकानदारों के भी हाथ-पांव फूले रहे। भीड़ को काबू करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों ने जमकर खरीदारी की।
ईद-उल-फितर की नमाज का वक्त:
ईदगाह शहर सुबह 7.45 बजे
मस्जिद फखऱ़शाह सुबह 8.00 बजे
मस्जिद हौज वाली खालापार सुबह 8.00 बजे
मस्जिद पीरवाली मल्हूपुरा सुबह 8.00 बज
मस्जिद लियाकतपुरा लद्दावाला सुबह 8.00 बजे
मस्जिद हौजवाली सरवट गेट सुबह 8.15 बज
मस्जिद नुमाईश कैंप सुबह 8.15 बज
मस्जिद मुहम्मदी, रहमतनगर सुबह 8.30 बजे