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डीएम ने रिसोर्ट का निर्माण रुकवाया
Updated Thu, 04 Oct 2018 12:00 AM IST
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डीएम ने रिसोर्ट का निर्माण रुकवाया
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। दिल्ली-दून राष्ट्रीय राजमार्ग पर 15 हजार वर्ग मीटर में बिना नक्शा पास बन रहे रिसोर्ट के निर्माण पर डीएम ने रोक लगा दी है। उन्होंने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एमडीए सचिव को आदेश दिए है।
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण में आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। एनएच-58 पर खतौली परिक्षेत्र में मेरठ की सीमा से सटे भंगेला इलाके में बीते एक साल से रिसोर्ट बन रहा है। 15 हजार वर्ग मीटर में बनाए गए रिसोर्ट की निर्माता कंपनी एचबीएम हॉस्पिटिलिटी है, जिसके डायरेक्टर मुश्ताक अली निवासी कालोनी कृष्णायन, जिला बरेली है। कंपनी ने रिसोर्ट बनाते समय विभागों की एनओसी और नक्शा स्वीकृत नहीं कराया। रिसोर्ट मेरठ की सीमा में है या मुजफ्फरनगर की, इसी पर एमडीए के इंजीनियर्स ने कई माह तक अफसरों को उलझाए रखा। मामले की तहकीकात बढ़ी तो पता चला कि बन रहा रिसोर्ट मुजफ्फरनगर की परिधि में है। गुपचुप तरीके से 16 फरवरी 2018 को रिसोर्ट मालिकों को एक नोटिस जारी किया गया। बिना नक्शे के रिसोर्ट बनाए जाने को लेकर हलचल मची तो एमडीए के अफसर हरकत में आए। सितंबर माह में रिसोर्ट बनवा रही कंपनी के निदेशक की ओर से एमडीए में नक्शा स्वीकृति को आवेदन किया गया। रिसोर्ट के निर्माण पर मानचित्र शुल्क का स्टीमेट तैयार हुआ, तो वो करीब 1.76 करोड़ बैठता है। निर्माण कंपनी के पास हाईवे अथारिटी और सिंचाई विभाग की एनओसी ही नहीं है, इस कारण कंपाउंड भी जमा नहीं हो सकता है। इस मामले का अमर उजाला ने खुलासा किया तो एमडीए के वीसी एवं डीएम राजीव शर्मा ने फाइल तलब की, तो वह भी दंग रह गए। डीएम ने एमडीए सचिव सियाराम मौर्य को तत्काल निर्माण कार्य रुकवाने के आदेश किए। डीएम इसमें लापरवाही के दोषी एमडीए अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
महत्वपूर्ण
- लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के
डीएम राजीव शर्मा के आदेश पर रिसोर्ट का निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है। अवैध निर्माण में शामिल एमडीए के अफसर और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच चीफ इंजीनियर एसपी सिंह को दी गई है।
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- सियाराम मौर्य, सचिव एमडीए एवं एडीएम न्यायिक, मुजफ्फरनगर।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। दिल्ली-दून राष्ट्रीय राजमार्ग पर 15 हजार वर्ग मीटर में बिना नक्शा पास बन रहे रिसोर्ट के निर्माण पर डीएम ने रोक लगा दी है। उन्होंने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एमडीए सचिव को आदेश दिए है।
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण में आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। एनएच-58 पर खतौली परिक्षेत्र में मेरठ की सीमा से सटे भंगेला इलाके में बीते एक साल से रिसोर्ट बन रहा है। 15 हजार वर्ग मीटर में बनाए गए रिसोर्ट की निर्माता कंपनी एचबीएम हॉस्पिटिलिटी है, जिसके डायरेक्टर मुश्ताक अली निवासी कालोनी कृष्णायन, जिला बरेली है। कंपनी ने रिसोर्ट बनाते समय विभागों की एनओसी और नक्शा स्वीकृत नहीं कराया। रिसोर्ट मेरठ की सीमा में है या मुजफ्फरनगर की, इसी पर एमडीए के इंजीनियर्स ने कई माह तक अफसरों को उलझाए रखा। मामले की तहकीकात बढ़ी तो पता चला कि बन रहा रिसोर्ट मुजफ्फरनगर की परिधि में है। गुपचुप तरीके से 16 फरवरी 2018 को रिसोर्ट मालिकों को एक नोटिस जारी किया गया। बिना नक्शे के रिसोर्ट बनाए जाने को लेकर हलचल मची तो एमडीए के अफसर हरकत में आए। सितंबर माह में रिसोर्ट बनवा रही कंपनी के निदेशक की ओर से एमडीए में नक्शा स्वीकृति को आवेदन किया गया। रिसोर्ट के निर्माण पर मानचित्र शुल्क का स्टीमेट तैयार हुआ, तो वो करीब 1.76 करोड़ बैठता है। निर्माण कंपनी के पास हाईवे अथारिटी और सिंचाई विभाग की एनओसी ही नहीं है, इस कारण कंपाउंड भी जमा नहीं हो सकता है। इस मामले का अमर उजाला ने खुलासा किया तो एमडीए के वीसी एवं डीएम राजीव शर्मा ने फाइल तलब की, तो वह भी दंग रह गए। डीएम ने एमडीए सचिव सियाराम मौर्य को तत्काल निर्माण कार्य रुकवाने के आदेश किए। डीएम इसमें लापरवाही के दोषी एमडीए अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
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महत्वपूर्ण
- लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के
डीएम राजीव शर्मा के आदेश पर रिसोर्ट का निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है। अवैध निर्माण में शामिल एमडीए के अफसर और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच चीफ इंजीनियर एसपी सिंह को दी गई है।
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- सियाराम मौर्य, सचिव एमडीए एवं एडीएम न्यायिक, मुजफ्फरनगर।