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झांकियों के साथ श्रीकृष्ण जन्म पर झूमें श्रद्धालु
Updated Sat, 18 Aug 2018 12:29 AM IST
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चरथावल। केदारनाथ के कथावाचक पंडित हरिशरण शास्त्री ने जेल में जन्मे भगवान श्रीकृष्ण लीला का प्रसंग सुनाकर भाव विभोर कर दिया। कान्हा के जन्म को सजीव झांकियों के साथ प्रस्तुति पर श्रद्धालु झूम उठे।
कस्बे में रैनबो एकेडमी में केदारनाथ से पधारे कथा मर्मज्ञ पंडित हरिशरण शास्त्री भागवत कथा की अमृत वर्षा कर रहे हैं। उन्होंने देर ना हो जाए कहीं, देर ना हो जाए, आ जाओ गिरधारी, पधाई मेरे आ जाओ...भजन सुनाकर भगवान के जन्म का प्रसंग सुनाया। श्राप झेल रहे वासुदेव-देवकी को कंस मथुरा जेल में बंद कर देते है। वहां देवकी के जन्मे पुत्रों को मार दिया जाता है। लेकिन जब आठवें पुत्र के रूप में भगवान कृष्ण का जन्म होता है। कंस आठवें पुत्र के जन्म से पहले दो तालों के स्थान पर आठ ताले, पहरे पर भारी भरकम सिपाहियों की फौज खड़ी कर देता है। माता देवकी द्वारा भगवान के जन्म के बाद चमत्कारी लीला पर नतमस्तक होती है। भगवान के जन्म के बाद वासुदेव द्वारा गोकुल ले जाने के समय तमाम तालें खुद खुल जाते है और सिपाही नींद में मदमस्त। भगवान के जन्म को नन्हे बच्चें की झांकी के रूप में दिखाया, तो श्रद्धालु भजनों पर झूम गए। देवेंद्र बंसल, शालिनी अरोरा, ममता गर्ग, विनेश त्यागी, समिति सभापति कुबेरदत्त त्यागी, श्रीराम गुप्ता, विजेंद्र कुमार, अभिषेक बंसल, सुभाष त्यागी मौजूद रहे।
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कस्बे में रैनबो एकेडमी में केदारनाथ से पधारे कथा मर्मज्ञ पंडित हरिशरण शास्त्री भागवत कथा की अमृत वर्षा कर रहे हैं। उन्होंने देर ना हो जाए कहीं, देर ना हो जाए, आ जाओ गिरधारी, पधाई मेरे आ जाओ...भजन सुनाकर भगवान के जन्म का प्रसंग सुनाया। श्राप झेल रहे वासुदेव-देवकी को कंस मथुरा जेल में बंद कर देते है। वहां देवकी के जन्मे पुत्रों को मार दिया जाता है। लेकिन जब आठवें पुत्र के रूप में भगवान कृष्ण का जन्म होता है। कंस आठवें पुत्र के जन्म से पहले दो तालों के स्थान पर आठ ताले, पहरे पर भारी भरकम सिपाहियों की फौज खड़ी कर देता है। माता देवकी द्वारा भगवान के जन्म के बाद चमत्कारी लीला पर नतमस्तक होती है। भगवान के जन्म के बाद वासुदेव द्वारा गोकुल ले जाने के समय तमाम तालें खुद खुल जाते है और सिपाही नींद में मदमस्त। भगवान के जन्म को नन्हे बच्चें की झांकी के रूप में दिखाया, तो श्रद्धालु भजनों पर झूम गए। देवेंद्र बंसल, शालिनी अरोरा, ममता गर्ग, विनेश त्यागी, समिति सभापति कुबेरदत्त त्यागी, श्रीराम गुप्ता, विजेंद्र कुमार, अभिषेक बंसल, सुभाष त्यागी मौजूद रहे।
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