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चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है सरकारी अस्पताल

Fri, 20 Jul 2018 12:32 AM IST
Updated Fri, 20 Jul 2018 12:32 AM IST
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चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है सरकारी अस्पताल
चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है सरकारी अस्पताल
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खतौली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सकों की कमी के अभाव से जूझ रहा है। उमस भरी गर्मी में मरीजों की दिन प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल में ओपीडी 800 से पार हो गई है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मात्र चिकित्सा अधीक्षक डा. राजीव निगम बाल रोग विशेषज्ञ हैं, जबकि डा. अनिरुद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ, डा. बबीता महिला चिकित्सक, डा. भावना आयुर्वेदिक चिकित्सक, डा. विकास होम्योपैथिक चिकित्सक हैं। इसके अलावा अस्पताल में तीन फार्मेसिस्ट, तीन वार्ड ब्वाय की तैनाती है। अस्पताल में स्वीपर की तैनाती भी नहीं है, गालिबपुर के सरकारी अस्पताल से एक स्वीपर को अटैच किया गया है। अकेले एक स्वीपर के कंधों पर ही पूरे अस्पताल के साफ सफाई की जिम्मेदारी है। अस्पताल में सर्जन चिकित्सक नहीं हैं। रेडियोलोजिस्ट चिकित्सक नहीं है। पैथोलॉजी लैब तो है, चिकित्सक नहीं है। आयुर्वेदिक चिकित्सक तो हैं, लेकिन अस्पताल में दवाईयां उपलब्ध नहीं है। चिकित्सकों के अभाव में अस्पताल जूझ रहा है। आम जनता भी कई बार चिकित्सकों के तैनाती की मांग कर चुकी है। अस्पताल में प्रतिदिन 500 से लेकर 600 तक ओपीडी होती थी। अब उमस भरी गर्मी में नजला, जुकाम, खाज, खुजली और खसरा की बीमारी लोगों में फैल रही है। अस्पताल में जेनरेटर तो है, लेकिन उसे इमरजेंसी में चलाया जाता है।
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अस्पताल में चिकित्सकों की कमी को लेकर कई बार सीएमओ द्वारा शासन को लिखकर भेजा जा चुका है। इसके बावजूद चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी है। -डा. राजीव निगम, चिकित्सा प्रभारी।
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