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शिक्षा व संस्कार बगैर जिंदगी नाकामयाब-वसीम
Updated Thu, 15 Mar 2018 11:56 PM IST
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कामयाबी के लिए संस्कार जरूरी
मोरना (मुजफ्फरनगर)। गांव जौली स्थित इमामबाड़ा मेंहदी असगर में स्वर्गीय इब्ने हसन के चेहल्लुम के अवसर पर मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस का शुभारंभ हाजी जहीर आलम, रोशन अली, अली हैदर ने सोज ख्वानी के साथ किया। वाराणसी से आए मौलाना वसीम असगर रिजवी ने कहा कि शिक्षा और संस्कार के बिना जिंदगी कामयाब नहीं हो सकती है। परिवार शिक्षित होगा तो बच्चों में संस्कार भी अच्छे होंगे। इस मौके पर मौलाना बाकर काजमी, मौलाना जावेद अब्बास, मौलाना गजनफर, मौलाना रजी हैदर, अली मेंहदी ने करबला की घटना पर प्रकाश डालते हुए हुसैन की जिंदगी व कुरबानी से शिक्षा ग्रहण करने उनके आचरण को जीवन में उतारने पर बल दिया। इस मौके पर बाबू रौनक अली एडवोकेट, साजिद अली, अली अब्बास, जफर आलम प्रधान, अनीस बिलासपुर, असगर कैथौड़ा, एडवोकेट नईम हैदर, कौसर एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। गांव जौली स्थित इमामबाड़ा मेंहदी असगर में स्वर्गीय इब्ने हसन के चेहल्लुम के अवसर पर मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस का शुभारंभ हाजी जहीर आलम, रोशन अली, अली हैदर ने सोज ख्वानी के साथ किया। वाराणसी से आए मौलाना वसीम असगर रिजवी ने कहा कि शिक्षा और संस्कार के बिना जिंदगी कामयाब नहीं हो सकती है। परिवार शिक्षित होगा तो बच्चों में संस्कार भी अच्छे होंगे। इस मौके पर मौलाना बाकर काजमी, मौलाना जावेद अब्बास, मौलाना गजनफर, मौलाना रजी हैदर, अली मेंहदी ने करबला की घटना पर प्रकाश डालते हुए हुसैन की जिंदगी व कुरबानी से शिक्षा ग्रहण करने उनके आचरण को जीवन में उतारने पर बल दिया। इस मौके पर बाबू रौनक अली एडवोकेट, साजिद अली, अली अब्बास, जफर आलम प्रधान, अनीस बिलासपुर, असगर कैथौड़ा, एडवोकेट नईम हैदर, कौसर एडवोकेट आदि मौजूद रहे।