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शुक्रताल क्षेत्र में राष्ट्रीय पक्षी दिवस मनाया
Updated Fri, 09 Feb 2018 11:33 PM IST
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मोरना। प्रदेश सरकार की पहल पर वन विभाग द्वारा शुक्रताल गंगा खादर क्षेत्र में राष्ट्रीय पक्षी दिवस मनाया गया। जिसमें वन अधिकारियों व प्राणी विज्ञान विशेषज्ञों सहित स्कूली बच्चों, गंगा किनारे आबाद ग्रामीणों ने भाग लिया। गंगा किनारे अप्रवासी और प्रवासी पक्षियों का विश्लेषण किया गया।
हस्तिनापुर सुरक्षित वन्य अभ्यारण्य क्षेत्र के शुक्रताल गंगा खादर से जलालपुर स्थित गंगा नदी के किनारे राष्ट्रीय पक्षी दिवस को वन क्षेत्राधिकारी सिंहराज पुंडीर के नेतृत्व में मनाया गया। जहां प्राणी विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. योगेश कुमार व डॉ. सतेंद्र ने पक्षियों के प्रकार, उनके जीवन चक्र, आवास, सुरक्षा आदि को लेकर टीम सदस्य मारिया खान, पूजा, शिवानी, अलीशा व स्कूली बच्चों तथा ग्रामीणों को विस्तार से समझाया। बताया कि इस क्षेत्र में पक्षियों की कई प्रजातियां मौजूद हैं, जिनमें प्रमुख रुप से ग्रेट व्हाइट पेलिकन, स्पॉट बिल्ड पॉलिकन, लार्ज इग्रेट, पर्पल हिरॉन, गोलियप हिरॉन, इंडिकन क्रेन, वाइल्ड स्पेरो, ब्राह्मणी सेलडम, ग्रेलेज ग्रूज, गारमेनी, कॉमन कॉयल, सेरस क्रेन जो स्टेट बर्ड भी हैं। क्षेत्र पक्षी विहार के लिए उपयोगी व उचित है। क्षेत्र में मानवीय उपस्थिति कम होने के कारण पक्षियों के संरक्षण के लिए काफी संभावनाएं हैं। मुजफ्फरनगर जनपद के सबसे मनोरम क्षेत्र पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इस मौके पर डिप्टी रेंजर खुर्शीद आलम, शबी हैदर, अंशीलाल, प्रमोद कुमार आदि रहे।
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हस्तिनापुर सुरक्षित वन्य अभ्यारण्य क्षेत्र के शुक्रताल गंगा खादर से जलालपुर स्थित गंगा नदी के किनारे राष्ट्रीय पक्षी दिवस को वन क्षेत्राधिकारी सिंहराज पुंडीर के नेतृत्व में मनाया गया। जहां प्राणी विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. योगेश कुमार व डॉ. सतेंद्र ने पक्षियों के प्रकार, उनके जीवन चक्र, आवास, सुरक्षा आदि को लेकर टीम सदस्य मारिया खान, पूजा, शिवानी, अलीशा व स्कूली बच्चों तथा ग्रामीणों को विस्तार से समझाया। बताया कि इस क्षेत्र में पक्षियों की कई प्रजातियां मौजूद हैं, जिनमें प्रमुख रुप से ग्रेट व्हाइट पेलिकन, स्पॉट बिल्ड पॉलिकन, लार्ज इग्रेट, पर्पल हिरॉन, गोलियप हिरॉन, इंडिकन क्रेन, वाइल्ड स्पेरो, ब्राह्मणी सेलडम, ग्रेलेज ग्रूज, गारमेनी, कॉमन कॉयल, सेरस क्रेन जो स्टेट बर्ड भी हैं। क्षेत्र पक्षी विहार के लिए उपयोगी व उचित है। क्षेत्र में मानवीय उपस्थिति कम होने के कारण पक्षियों के संरक्षण के लिए काफी संभावनाएं हैं। मुजफ्फरनगर जनपद के सबसे मनोरम क्षेत्र पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इस मौके पर डिप्टी रेंजर खुर्शीद आलम, शबी हैदर, अंशीलाल, प्रमोद कुमार आदि रहे।
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