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प्रिंसिपल की हत्या के विरोध में सड़कों पर उतरे अध्यापक
Updated Wed, 31 Jan 2018 12:52 AM IST
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मुजफ्फरनगर।
यमुनानगर में स्कूल प्रिंसिपल की हत्या के विरोध में मंगलवार को इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन और इंडिपेंडेंट स्कूल फेडरेशन के आह्वान पर जिले के सीबीएसई स्कूल बंद रहे। शिक्षकों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर हरियाणा सरकार के प्रति कड़ा रोष जाहिर करते प्रिंसिपल के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। राष्ट्रपति के नाम छह सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा।
20 जनवरी को हरियाणा के यमुनानगर स्थित विवेकानंद पब्लिक स्कूल में प्रिंसिपल ऋतु छाबड़ा की छात्र ने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसी के विरोध में जिले के सीबीएसई स्कूलों को बंद रखा गया। सभी निजी स्कूलों के प्रधानाचार्य और शिक्षक जीआईसी मैदान पर पहुंचे और यहां से जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां डीएम कार्यालय पर शिक्षकों ने धरना शुरू कर दिया। कहा कि यमुनानगर की घटना के बाद सभी विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों में भय का वातावरण बना हुआ है। हरियाणा सरकार के रवैये के प्रति रोष प्रकट हुए कहा गया कि ऋतु छाबड़ा की हत्या के बाद हरियाणा सरकार और प्रशासन ने रियान इंटरनेशनल स्कूल प्रकरण की तरह न तो छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के लिए कोई गाइड लाइन जारी की और न ही मृतका के परिजनों को किसी भी प्रकार की कोई सहायता उपलब्ध कराई। दोनों घटनाएं एक ही प्रदेश में घटित हुई हैं। उन्होंने मृतका ऋतु के परिजनों को सामाजिक, आर्थिक न्याय दिलाने के लिए हरियाणा सरकार से मांग की।
शिक्षकों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा को सौंपा। इसमें रियान इंटरनेशनल स्कूल की तरह ऋतु मर्डर केस की सुनवाई एफटीसी में कराने, मृतका के परिजनों को राज्य और केन्द्र सरकार से एक करोड़ मुआवजा राशि दिलाने, एक परिजन को सरकारी नौकरी दिलाने और शिक्षकों को डॉ राधाकृष्णन और डॉ अब्दुल कलाम के आदर्शों के अनुसार सामाजिक और न्यायिक व्यवस्था प्रदान कराने की मांग की है। प्रदर्शन में मुख्य रूप से इंडिपेंडेंट स्कूल फेडरेशन के अध्यक्ष एसके बंसल, जीबी पांडे, विश्व रतन, धारा रतन, अभिनव सुशील, चंचल सक्सेना, मृणालिनी अनंत, आजादवीर समेत बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल रहे।
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डीएम को बुलाने की जिद पर अड़े
मुजफ्फरनगर। कलक्ट्रेट में धरना दे रहे शिक्षकों के बीच पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा ने जब ज्ञापन देने को कहा तो उन्होंने इंकार कर दिया। शिक्षकों ने डीएम को उनके बीच बुलाने की मांग की। डीएम ने पांच शिक्षकों को ऑफिस में आने के लिए कहा। इस पर शिक्षकों ने फिर मना कर दिया। दो बजे तक यहीं झंझट चलता रहा। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट के समझाने पर शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपा।
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यमुनानगर में स्कूल प्रिंसिपल की हत्या के विरोध में मंगलवार को इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन और इंडिपेंडेंट स्कूल फेडरेशन के आह्वान पर जिले के सीबीएसई स्कूल बंद रहे। शिक्षकों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर हरियाणा सरकार के प्रति कड़ा रोष जाहिर करते प्रिंसिपल के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। राष्ट्रपति के नाम छह सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा।
20 जनवरी को हरियाणा के यमुनानगर स्थित विवेकानंद पब्लिक स्कूल में प्रिंसिपल ऋतु छाबड़ा की छात्र ने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसी के विरोध में जिले के सीबीएसई स्कूलों को बंद रखा गया। सभी निजी स्कूलों के प्रधानाचार्य और शिक्षक जीआईसी मैदान पर पहुंचे और यहां से जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां डीएम कार्यालय पर शिक्षकों ने धरना शुरू कर दिया। कहा कि यमुनानगर की घटना के बाद सभी विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों में भय का वातावरण बना हुआ है। हरियाणा सरकार के रवैये के प्रति रोष प्रकट हुए कहा गया कि ऋतु छाबड़ा की हत्या के बाद हरियाणा सरकार और प्रशासन ने रियान इंटरनेशनल स्कूल प्रकरण की तरह न तो छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के लिए कोई गाइड लाइन जारी की और न ही मृतका के परिजनों को किसी भी प्रकार की कोई सहायता उपलब्ध कराई। दोनों घटनाएं एक ही प्रदेश में घटित हुई हैं। उन्होंने मृतका ऋतु के परिजनों को सामाजिक, आर्थिक न्याय दिलाने के लिए हरियाणा सरकार से मांग की।
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शिक्षकों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा को सौंपा। इसमें रियान इंटरनेशनल स्कूल की तरह ऋतु मर्डर केस की सुनवाई एफटीसी में कराने, मृतका के परिजनों को राज्य और केन्द्र सरकार से एक करोड़ मुआवजा राशि दिलाने, एक परिजन को सरकारी नौकरी दिलाने और शिक्षकों को डॉ राधाकृष्णन और डॉ अब्दुल कलाम के आदर्शों के अनुसार सामाजिक और न्यायिक व्यवस्था प्रदान कराने की मांग की है। प्रदर्शन में मुख्य रूप से इंडिपेंडेंट स्कूल फेडरेशन के अध्यक्ष एसके बंसल, जीबी पांडे, विश्व रतन, धारा रतन, अभिनव सुशील, चंचल सक्सेना, मृणालिनी अनंत, आजादवीर समेत बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल रहे।
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डीएम को बुलाने की जिद पर अड़े
मुजफ्फरनगर। कलक्ट्रेट में धरना दे रहे शिक्षकों के बीच पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा ने जब ज्ञापन देने को कहा तो उन्होंने इंकार कर दिया। शिक्षकों ने डीएम को उनके बीच बुलाने की मांग की। डीएम ने पांच शिक्षकों को ऑफिस में आने के लिए कहा। इस पर शिक्षकों ने फिर मना कर दिया। दो बजे तक यहीं झंझट चलता रहा। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट के समझाने पर शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपा।