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भागवत पीठ में मृतक रेल यात्रियों को श्रद्धांजलि
Updated Mon, 21 Aug 2017 01:08 AM IST
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उत्कल एक्सप्रेस हादसा दुखद : ओमानंद
मोरना (मुजफ्फरनगर)। भागवतपीठ शुकदेव आश्रम में कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के खतौली हादसे में मरे रेल यात्रियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि सोमवती अमावस्या के लिए हरिद्धार यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं की मृत्यु बेहद दुखद है। घायलों की हर संभव मदद सेवाभाव से करें।
शुकतीर्थ में उत्कल एक्सप्रेस भीषण हादसे के मृतकों की आत्मा की शांति के लिए मंत्र पाठ के बाद श्रद्धांजलि दी गई। प्राचीन अक्षय वट वृक्ष पर भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि पुरी-हरिद्वार उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटना दुखद है। देश के कई प्रांतों के श्रद्धालु इस ट्रेन से तीर्थ यात्रा करते हैं। हादसे में साधु की मृत्यु हृदय विदारक हैं। अन्य घायल साधु व संतों और श्रद्धालुओं की हर संभव मदद की जाए। जिस मानवीय संवेदना और सेवाभाव से खतौली और मुजफ्फरनगर, मेरठ में रेल यात्रियों की मदद को नागरिकों ने हाथ बढ़ाया वह प्रशंसनीय है। पीड़ितों की सेवा सबसे बड़ा पुण्य है। धार्मिक संस्थाएं घायलों की सहायता करें। श्री शुकदेव संस्कृत विद्यालय के ब्रह्मचारियों के साथ आचार्यों, पुरोहितों और भागवत भक्तों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। कथा व्यास संतोष शास्त्री, वृंदावन के कथा व्यास गोपीचंद, सुमन कृष्ण शास्त्री, आचार्य ज्ञान प्रसाद, गिरीश चंद उप्रेती, श्याम आदि मौजूद रहे। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान के भागवत भक्तों ने भी रेल तीर्थ यात्रियों की मौत पर दुख प्रकट किया।
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। भागवतपीठ शुकदेव आश्रम में कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के खतौली हादसे में मरे रेल यात्रियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि सोमवती अमावस्या के लिए हरिद्धार यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं की मृत्यु बेहद दुखद है। घायलों की हर संभव मदद सेवाभाव से करें।
शुकतीर्थ में उत्कल एक्सप्रेस भीषण हादसे के मृतकों की आत्मा की शांति के लिए मंत्र पाठ के बाद श्रद्धांजलि दी गई। प्राचीन अक्षय वट वृक्ष पर भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि पुरी-हरिद्वार उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटना दुखद है। देश के कई प्रांतों के श्रद्धालु इस ट्रेन से तीर्थ यात्रा करते हैं। हादसे में साधु की मृत्यु हृदय विदारक हैं। अन्य घायल साधु व संतों और श्रद्धालुओं की हर संभव मदद की जाए। जिस मानवीय संवेदना और सेवाभाव से खतौली और मुजफ्फरनगर, मेरठ में रेल यात्रियों की मदद को नागरिकों ने हाथ बढ़ाया वह प्रशंसनीय है। पीड़ितों की सेवा सबसे बड़ा पुण्य है। धार्मिक संस्थाएं घायलों की सहायता करें। श्री शुकदेव संस्कृत विद्यालय के ब्रह्मचारियों के साथ आचार्यों, पुरोहितों और भागवत भक्तों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। कथा व्यास संतोष शास्त्री, वृंदावन के कथा व्यास गोपीचंद, सुमन कृष्ण शास्त्री, आचार्य ज्ञान प्रसाद, गिरीश चंद उप्रेती, श्याम आदि मौजूद रहे। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान के भागवत भक्तों ने भी रेल तीर्थ यात्रियों की मौत पर दुख प्रकट किया।
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