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दसवीं पास मांग रहे ड्रग लाइसेंस
Updated Sat, 05 Aug 2017 01:12 AM IST
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दसवीं पास मांग रहे ड्रग लाइसेंस
मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री जन औषधि योजना में दसवीं पास लोग मेडिकल स्टोर खोलने के लिए आवेदन कर रहे हैं। इससे विभाग की टेंशन बढ़ गई है। आवेदकों की संख्या में इजाफा केंद्र सरकार से जेनरिक दवाइयों पर मिलने वाली सब्सिडी को लेकर है। हालांकि शामली क्षेत्र के आवेदक भी यहीं पहुंच रहे हैं। इससे कर्मचारी और अधिकारी परेशान हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से ड्रग लाइसेंस जारी होता है। उसके बाद ही मेडिकल स्टोर पंजीकृत माना जाता है। मेडिकल स्टोर या होलसेल लाइसेंस के लिए बी-फार्मा, डी-फार्मा से फार्मेसिस्ट होना जरूरी है। इस पर लाइसेंस टिका है। केंद्र सरकार ने लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए जेनरिक दवाइयों को बढ़ावा देने की योजना तैयार की है। जिसमें प्रधानमंत्री जन औषधि के तहत प्रत्येक जिले में जेनरिक मेडिकल स्टोर खोले जाने हैं। फिलहाल इसके लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जेनरिक मेडिकल स्टोर के लिए दसवीं पास ग्रामीण तक आवेदन ठोक रहे हैं।
आवेदन शहरों की तुलना में गांवों से अधिक बढ़ रहे हैं। विभागीय कर्मचारी दसवीं पास के आवेदन करने से हैरान है। दूसरे जिलों के लाइसेंस के लिए भी जनपद में एंट्री की जा रही है। डीआई जगबीर सिंह ने बताया कि जेनरिक दवाईयों के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने हैं। उसके बाद हार्डकॉपी विभाग में जमा होगी। हालांकि आवेदकों में कई लोग ऐसे भी पहुंच रहे हैं, जो दसवीं पास हैं।
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मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री जन औषधि योजना में दसवीं पास लोग मेडिकल स्टोर खोलने के लिए आवेदन कर रहे हैं। इससे विभाग की टेंशन बढ़ गई है। आवेदकों की संख्या में इजाफा केंद्र सरकार से जेनरिक दवाइयों पर मिलने वाली सब्सिडी को लेकर है। हालांकि शामली क्षेत्र के आवेदक भी यहीं पहुंच रहे हैं। इससे कर्मचारी और अधिकारी परेशान हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से ड्रग लाइसेंस जारी होता है। उसके बाद ही मेडिकल स्टोर पंजीकृत माना जाता है। मेडिकल स्टोर या होलसेल लाइसेंस के लिए बी-फार्मा, डी-फार्मा से फार्मेसिस्ट होना जरूरी है। इस पर लाइसेंस टिका है। केंद्र सरकार ने लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए जेनरिक दवाइयों को बढ़ावा देने की योजना तैयार की है। जिसमें प्रधानमंत्री जन औषधि के तहत प्रत्येक जिले में जेनरिक मेडिकल स्टोर खोले जाने हैं। फिलहाल इसके लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जेनरिक मेडिकल स्टोर के लिए दसवीं पास ग्रामीण तक आवेदन ठोक रहे हैं।
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आवेदन शहरों की तुलना में गांवों से अधिक बढ़ रहे हैं। विभागीय कर्मचारी दसवीं पास के आवेदन करने से हैरान है। दूसरे जिलों के लाइसेंस के लिए भी जनपद में एंट्री की जा रही है। डीआई जगबीर सिंह ने बताया कि जेनरिक दवाईयों के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने हैं। उसके बाद हार्डकॉपी विभाग में जमा होगी। हालांकि आवेदकों में कई लोग ऐसे भी पहुंच रहे हैं, जो दसवीं पास हैं।
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