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वहलना में वर्षायोग एवं कलश स्थापना समारोह
Updated Sat, 08 Jul 2017 01:07 AM IST
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वहलना में वर्षा योग और कलश स्थापना समारोह
मुजफ्फरनगर। दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र वहलना में आचार्य ज्ञान सागर महाराज का 30वां वर्षा योग एवं मंगल कलश स्थापना समारोह धूमधाम से मनाया गया। बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
समारोह में ध्वजारोहण नरेंद्र जैन, विपिन जैन, संजय जैन, राजीव जैन ने किया। मंच का उद्घाटन कमल जैन, अर्चित जैन दिल्ली वालो ने किया। संचालन रविंद्र जैन एवं पुनीत जैन ने किया। भगवान पार्श्वनाथ का चित्र अनावरण एलएम जैन, संजय जैन, नीरज जैन ने किया। दीप प्रज्वलन श्रेयांस जैन ने किया। आचार्य श्री के वर्षायोग के कलशों की बोलियां हुई। प्रथम बोली पवन जैन को मिली। जैन कन्या पाठशाला की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन का सौभाग्य राजेश जैन, सुनील जैन को मिला। इस अवसर पर आचार्य श्री ने कहा कि हमें धर्म का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए। प्रेम भाव, दया, मैत्री भाव का जीवन व्यतीत करें। जैन वही है जो अहिंसा धर्म का पालन करे। राजकुमार जैन, विरेंद्र जैन, राजेश जैन, जितेंद्र जैन, रजनीश जैन, देवेंद्र जैन, सतीश चंद जैन, चंद्रमोहन जैन, अजय जैन आदि का सहयोग रहा।
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मुजफ्फरनगर। दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र वहलना में आचार्य ज्ञान सागर महाराज का 30वां वर्षा योग एवं मंगल कलश स्थापना समारोह धूमधाम से मनाया गया। बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
समारोह में ध्वजारोहण नरेंद्र जैन, विपिन जैन, संजय जैन, राजीव जैन ने किया। मंच का उद्घाटन कमल जैन, अर्चित जैन दिल्ली वालो ने किया। संचालन रविंद्र जैन एवं पुनीत जैन ने किया। भगवान पार्श्वनाथ का चित्र अनावरण एलएम जैन, संजय जैन, नीरज जैन ने किया। दीप प्रज्वलन श्रेयांस जैन ने किया। आचार्य श्री के वर्षायोग के कलशों की बोलियां हुई। प्रथम बोली पवन जैन को मिली। जैन कन्या पाठशाला की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन का सौभाग्य राजेश जैन, सुनील जैन को मिला। इस अवसर पर आचार्य श्री ने कहा कि हमें धर्म का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए। प्रेम भाव, दया, मैत्री भाव का जीवन व्यतीत करें। जैन वही है जो अहिंसा धर्म का पालन करे। राजकुमार जैन, विरेंद्र जैन, राजेश जैन, जितेंद्र जैन, रजनीश जैन, देवेंद्र जैन, सतीश चंद जैन, चंद्रमोहन जैन, अजय जैन आदि का सहयोग रहा।
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