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17 साल बाद मिली डंडा मारने की सजा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 05 Jan 2017 12:44 AM IST
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डंडा मारकर पड़ोसी की आंख फोड़ने के जुर्म में कोर्ट ने दो भाइयों को 10-10 वर्ष के कारावास के साथ जुर्माना की सजा सुनाई है। घटना के 17 साल बाद कोर्ट का निर्णय आया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शामली के रेलपार निवासी कृष्णपाल ने थाना आदर्श मंडी शामली पर मुकदमा दर्ज कराया था।
बताया था कि वह 16 जून 1999 की सुबह भाई विजय पाल के साथ जंगल ग्राम फतेहपुर में खेत पर काम करने गया था। वहां पड़ोसी प्रवीण व अवनीश पुत्रगण जिनेन्द्र उनके नलकूप पर तार डालकर बिजली चोरी कर रहे थे। विरोध करने पर अवनीश ने उसके भाई विजय पाल पर तमंचे से फायर किया था।
प्रवीण ने लाठी से विजयपाल की आंख पर हमला किया। जिसमें वह घायल हो गया। उपचार कराया गया तो उसकी आंख की रोशनी चली गई। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे प्रथम दिनेश चंद्र सिंह की कोर्ट में हुई।
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जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में पांच गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने बुधवार को दोनों पक्षों को सुनते हुए प्रवीण व अवनीश को अंग भंग करने का दोषी करार देते हुए धारा 326 के तहत 10-10 वर्ष का कारावास व 5-5 हजार रूपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार शामली के रेलपार निवासी कृष्णपाल ने थाना आदर्श मंडी शामली पर मुकदमा दर्ज कराया था।
बताया था कि वह 16 जून 1999 की सुबह भाई विजय पाल के साथ जंगल ग्राम फतेहपुर में खेत पर काम करने गया था। वहां पड़ोसी प्रवीण व अवनीश पुत्रगण जिनेन्द्र उनके नलकूप पर तार डालकर बिजली चोरी कर रहे थे। विरोध करने पर अवनीश ने उसके भाई विजय पाल पर तमंचे से फायर किया था।
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प्रवीण ने लाठी से विजयपाल की आंख पर हमला किया। जिसमें वह घायल हो गया। उपचार कराया गया तो उसकी आंख की रोशनी चली गई। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे प्रथम दिनेश चंद्र सिंह की कोर्ट में हुई।
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जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में पांच गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने बुधवार को दोनों पक्षों को सुनते हुए प्रवीण व अवनीश को अंग भंग करने का दोषी करार देते हुए धारा 326 के तहत 10-10 वर्ष का कारावास व 5-5 हजार रूपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।