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प्लानिंग के साथ कठिन परिश्रम कर पाया मुकाम
Updated Sun, 27 May 2018 12:29 AM IST
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इंजीनियर बनना चाहता है पुलकित
मुजफ्फरनगर। सीबीएसई बोर्ड के इंटरमीडिएट के घोषित परीक्षा परिणाम में जिले में तीसरा स्थान पाने वाले छात्र पुलकित जैन का कहना है कि यदि कामयाबी हासिल करनी है तो जीवन में मैनेजमेंट और अनुशासन जरूरी है। उसने प्लानिंग के साथ रोजाना 14 घंटे पढ़ाई कर यह सफलता पाई है।
जानसठ रोड के प्रेम विहार निवासी रजनीश जैन के बेटे पुलकित जैन ने इंटर की परीक्षा में 500 में से 488 अंक हासिल कर जहां जिले में तीसरा स्थान पाया है, वहीं अपने विद्यालय एमजी पब्लिक स्कूल का टॉपर बना है। पुलकित ने बताया कि उसने पूरी प्लानिंग करके रोजाना 12 से 14 घंटे पढ़ाई की है, तब यह कामयाबी मिली। कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर पूरी प्लानिंग के साथ कठिन परिश्रम से ही सफलता हासिल होती है। वह आगे इंजीनियर बन कर देश की सेवा करना चाहता है। वह सोशल मीडिया से दूर रहा। फिल्मों में कोई रुचि नहीं है। पुलकित की सफलता से दादा वकीलचंद जैन, दादी शारदा जैन, मां संगीता जैन, पिता रजनीश जैन, बड़ी बहन आशी जैन की खुशी का ठिकाना नहीं है। उनका कहना है कि उसकी लगन और परिश्रम का फल मिला है।
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मुजफ्फरनगर। सीबीएसई बोर्ड के इंटरमीडिएट के घोषित परीक्षा परिणाम में जिले में तीसरा स्थान पाने वाले छात्र पुलकित जैन का कहना है कि यदि कामयाबी हासिल करनी है तो जीवन में मैनेजमेंट और अनुशासन जरूरी है। उसने प्लानिंग के साथ रोजाना 14 घंटे पढ़ाई कर यह सफलता पाई है।
जानसठ रोड के प्रेम विहार निवासी रजनीश जैन के बेटे पुलकित जैन ने इंटर की परीक्षा में 500 में से 488 अंक हासिल कर जहां जिले में तीसरा स्थान पाया है, वहीं अपने विद्यालय एमजी पब्लिक स्कूल का टॉपर बना है। पुलकित ने बताया कि उसने पूरी प्लानिंग करके रोजाना 12 से 14 घंटे पढ़ाई की है, तब यह कामयाबी मिली। कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर पूरी प्लानिंग के साथ कठिन परिश्रम से ही सफलता हासिल होती है। वह आगे इंजीनियर बन कर देश की सेवा करना चाहता है। वह सोशल मीडिया से दूर रहा। फिल्मों में कोई रुचि नहीं है। पुलकित की सफलता से दादा वकीलचंद जैन, दादी शारदा जैन, मां संगीता जैन, पिता रजनीश जैन, बड़ी बहन आशी जैन की खुशी का ठिकाना नहीं है। उनका कहना है कि उसकी लगन और परिश्रम का फल मिला है।
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