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आयुर्वेद को विदेशों तक पहुंचाने की कवायद
Updated Wed, 07 Feb 2018 12:37 AM IST
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पुरकाजी। हेलीकॉप्टर से पहुंचे दुबई के एनआरआई कारोबारियों ने मंगलवार को पुरकाजी गंगनहर पर स्वामी कर्मवीर महाराज के आश्रम में स्वामीजी से एक घंटे तक वार्ता की। इस दौरान उन्होंने आश्रम में मौजूद देशी दवाइयों के बारे में जानकारी लेकर उन्हें विदेशों तक पहुंचाने के बारे में विचार-विमर्श किया।
करीब 12 बजे हेलीकॉप्टर आश्रम में बनाए गए हेलीपैड पर उतरा, जिसमें आए एनआरआई दुबई निवासी मुरारी जालान, अमीन जफ्फार अब्दुल्ला और दिल्ली निवासी आदेश त्यागी और राधेश्याम यादव का स्वामी जी ने फूल भेंटकर स्वागत किया। व्यापारियों ने स्वामी जी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। उसके उपरांत चारों कारोबारियों ने स्वामीजी के साथ महर्षि दयानंद भवन के बंद कमरे में करीब एक घंटे तक व्यापारिक वार्ता की। वार्ता के बाद आश्रम में बने औषधि भंडार में मौजूद च्यवनप्राश, आंवला रस और एलोविरा आदि के बारे में जानकारी लेकर कुछ दवाईयों की खरीदारी भी की। इस दौरान दुबई निवासी लोगों को दवाईयों की जानकारी देने में स्वामीजी को भारी मश्क्कत करनी पड़ी। इस दौरान मीडिया से रूबरू होते हुए स्वामी कर्मवीर महाराज ने कहा कि आयुर्वेद को पूरा विश्व जानता है। कुछ ऐसी बीमारियां हैं, जिनका अंग्रेजी दवाईयों में कोई ईलाज नहीं है, मगर आयुर्वेद में समस्त बीमारियों का इलाज हो सकता है। आदेश त्यागी और राधेश्याम यादव ने कहा कि हम लोगों का स्वामी जी के पास आने का मुख्य उद्देश्य स्वामीजी से वार्ता कर उनके सहयोग से आयुर्वेद को विदेशों तक कैसे पहुंचाए, इस पर चर्चा करने का था। हम चाहते हैं कि स्वामी जी के सानिध्य में भारत की संस्कृति आयुर्वेद विदेशों तक पहुंचे और इसका इतना विस्तार हो। इस दौरान विनोद भाटी, सुधीर कुमार, गौरव कुमार योगाचार्य, निरंजन सिंह आदि लोगों मौजूद रहे।
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करीब 12 बजे हेलीकॉप्टर आश्रम में बनाए गए हेलीपैड पर उतरा, जिसमें आए एनआरआई दुबई निवासी मुरारी जालान, अमीन जफ्फार अब्दुल्ला और दिल्ली निवासी आदेश त्यागी और राधेश्याम यादव का स्वामी जी ने फूल भेंटकर स्वागत किया। व्यापारियों ने स्वामी जी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। उसके उपरांत चारों कारोबारियों ने स्वामीजी के साथ महर्षि दयानंद भवन के बंद कमरे में करीब एक घंटे तक व्यापारिक वार्ता की। वार्ता के बाद आश्रम में बने औषधि भंडार में मौजूद च्यवनप्राश, आंवला रस और एलोविरा आदि के बारे में जानकारी लेकर कुछ दवाईयों की खरीदारी भी की। इस दौरान दुबई निवासी लोगों को दवाईयों की जानकारी देने में स्वामीजी को भारी मश्क्कत करनी पड़ी। इस दौरान मीडिया से रूबरू होते हुए स्वामी कर्मवीर महाराज ने कहा कि आयुर्वेद को पूरा विश्व जानता है। कुछ ऐसी बीमारियां हैं, जिनका अंग्रेजी दवाईयों में कोई ईलाज नहीं है, मगर आयुर्वेद में समस्त बीमारियों का इलाज हो सकता है। आदेश त्यागी और राधेश्याम यादव ने कहा कि हम लोगों का स्वामी जी के पास आने का मुख्य उद्देश्य स्वामीजी से वार्ता कर उनके सहयोग से आयुर्वेद को विदेशों तक कैसे पहुंचाए, इस पर चर्चा करने का था। हम चाहते हैं कि स्वामी जी के सानिध्य में भारत की संस्कृति आयुर्वेद विदेशों तक पहुंचे और इसका इतना विस्तार हो। इस दौरान विनोद भाटी, सुधीर कुमार, गौरव कुमार योगाचार्य, निरंजन सिंह आदि लोगों मौजूद रहे।
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