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प्लास्टर के 2000 तो आप्रेशन के 4000 रुपये
Updated Mon, 27 Nov 2017 11:38 PM IST
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डॉक्टर पर उगाही करने का आरोप लगाया
मुजफ्फरनगर। पीड़ित ने स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक पर दलालों के साथ मिलकर मरीजों से अवैध उगाही करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि प्लास्टर के लिए दो हजार तो ऑपरेशन के नाम पर 4000 रुपये लिए गए। बाद में चिकित्सक ने ऑपरेशन करने से इंकार कर दिया। इस पर पीड़ितों ने हंगामा किया तो चिकित्सक ने 3000 रुपये लौटा दिए।
शामली के गांव कैंडी बाबरी निवासी इमरान की तीन वर्षीय बेटी बुशरा घर में खेलते वक्त गिरकर चोटिल हो गई। परिजनों ने उसे शामली सरकारी अस्पताल में दिखाया। यहां पर बुशरा के पैर की हड्डी टूटी बताकर मुजफ्फरनगर के लिए रेफर कर दिया। शनिवार को अस्पताल पहुंचे इमरान ने चिकित्सालय के हड्डी विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ एमआर सिंह को दिखाया। हड्डी रोग विभाग में इमरान से बच्ची के पैर पर प्लॉस्टर करने के नाम पर दो हजार रुपये लिए गए। इसके बाद डॉ. ने ऑपरेशन के लिए दो दिन बाद का समय दिया। सोमवार को इमरान अपने परिजनों के साथ पीड़ित बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचा। पीड़ित का आरोप है कि अस्पताल में चिकित्सक ने अपने दलाल के माध्यम से पीड़ितों से चार हजार रुपये की रकम ले ली। दोपहर तक ऑपरेशन नहीं होने पर परिजनों ने विरोध किया। इस पर चिकित्सक ने एक व्यक्ति के माध्यम से इमरान को तीन हजार रुपये लौटा दिए, जबकि ऑपरेशन कहीं बाहर करने को कह दिया। इस पर अस्पताल में हंगामा हुआ। शाम तक पीड़ितों ने चिकित्सक के आवास पर डेरा डाल दिया। हंगामा होने के बाद डॉ एमआर सिंह ने पीड़ितों को बाकी रुपये लौटाकर घर भेज दिए।
प्लास्टर की सरकारी फीस 260 रुपये
मुजफ्फरनगर। हड्डी टूटने के बाद होने वाले प्लॉस्टर की सरकारी फीस 260 रुपये है। मगर पीड़ितों से 2000 रुपये लेकर बच्ची के पैर पर प्लॉस्टर किया गया। इतना ही नहीं अस्पताल में एक्सरे मशीन होने के बाद भी बच्ची के पैर का एक्सरे प्राइवेट स्तर पर कराया गया।
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मैंने नहीं, डॉ अतीक ने लिए रुपये
हड्डी विशेष डॉ एमआर सिंह ने बताया कि उन्होंने कोई रुपये नहीं लिए हैं। एक मरीज उपचार के लिए डॉ अतीक को रुपये दिए थे। सोमवार को भी उन्होंने ही रुपये लिए। ऑपरेशन करने के लिए बेहोशी दवा जरूरी होती है, जिसे देने के लिए चिकित्सक ने मना कर दिया। पीड़ितों को सभी रुपये लौटा दिए गए हैं।
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जांच कराने के बाद कार्रवाई होगी
सीएमएस डॉ पंकज अग्रवाल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि किसी चिकित्सक ने कोई गड़बड़ी की है तो पीड़ित उनसे आकर मिलें। जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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मुजफ्फरनगर। पीड़ित ने स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक पर दलालों के साथ मिलकर मरीजों से अवैध उगाही करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि प्लास्टर के लिए दो हजार तो ऑपरेशन के नाम पर 4000 रुपये लिए गए। बाद में चिकित्सक ने ऑपरेशन करने से इंकार कर दिया। इस पर पीड़ितों ने हंगामा किया तो चिकित्सक ने 3000 रुपये लौटा दिए।
शामली के गांव कैंडी बाबरी निवासी इमरान की तीन वर्षीय बेटी बुशरा घर में खेलते वक्त गिरकर चोटिल हो गई। परिजनों ने उसे शामली सरकारी अस्पताल में दिखाया। यहां पर बुशरा के पैर की हड्डी टूटी बताकर मुजफ्फरनगर के लिए रेफर कर दिया। शनिवार को अस्पताल पहुंचे इमरान ने चिकित्सालय के हड्डी विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ एमआर सिंह को दिखाया। हड्डी रोग विभाग में इमरान से बच्ची के पैर पर प्लॉस्टर करने के नाम पर दो हजार रुपये लिए गए। इसके बाद डॉ. ने ऑपरेशन के लिए दो दिन बाद का समय दिया। सोमवार को इमरान अपने परिजनों के साथ पीड़ित बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचा। पीड़ित का आरोप है कि अस्पताल में चिकित्सक ने अपने दलाल के माध्यम से पीड़ितों से चार हजार रुपये की रकम ले ली। दोपहर तक ऑपरेशन नहीं होने पर परिजनों ने विरोध किया। इस पर चिकित्सक ने एक व्यक्ति के माध्यम से इमरान को तीन हजार रुपये लौटा दिए, जबकि ऑपरेशन कहीं बाहर करने को कह दिया। इस पर अस्पताल में हंगामा हुआ। शाम तक पीड़ितों ने चिकित्सक के आवास पर डेरा डाल दिया। हंगामा होने के बाद डॉ एमआर सिंह ने पीड़ितों को बाकी रुपये लौटाकर घर भेज दिए।
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प्लास्टर की सरकारी फीस 260 रुपये
मुजफ्फरनगर। हड्डी टूटने के बाद होने वाले प्लॉस्टर की सरकारी फीस 260 रुपये है। मगर पीड़ितों से 2000 रुपये लेकर बच्ची के पैर पर प्लॉस्टर किया गया। इतना ही नहीं अस्पताल में एक्सरे मशीन होने के बाद भी बच्ची के पैर का एक्सरे प्राइवेट स्तर पर कराया गया।
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मैंने नहीं, डॉ अतीक ने लिए रुपये
हड्डी विशेष डॉ एमआर सिंह ने बताया कि उन्होंने कोई रुपये नहीं लिए हैं। एक मरीज उपचार के लिए डॉ अतीक को रुपये दिए थे। सोमवार को भी उन्होंने ही रुपये लिए। ऑपरेशन करने के लिए बेहोशी दवा जरूरी होती है, जिसे देने के लिए चिकित्सक ने मना कर दिया। पीड़ितों को सभी रुपये लौटा दिए गए हैं।
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जांच कराने के बाद कार्रवाई होगी
सीएमएस डॉ पंकज अग्रवाल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि किसी चिकित्सक ने कोई गड़बड़ी की है तो पीड़ित उनसे आकर मिलें। जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।