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शिक्षा ऋषि की निष्काम सेवा राष्ट्र को देती है प्रेरणा
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शिक्षा ऋषि की निष्काम सेवा राष्ट्र को देती है प्रेरणा
मोरना। प्रदेश के व्यावसायिक एवं प्राविधिक शिक्षा सचिव भुवनेश कुमार ने कहा कि शुकतीर्थ सत्य को जानने और समझने की पावन भूमि है। शिक्षा ऋषि वीतराग स्वामी कल्याणदेव की निष्काम सेवा राष्ट्र को प्रेरणा देती है। भागवत पीठ शुकदेव आश्रम में पधारे सचिव भुवनेश कुमार ने समाधि मंदिर में वीतराग संत स्वामी कल्याणदेव को पुष्पांजलि अर्पित की और उनकी दिव्य प्रतिमा को नमन किया। शुकदेव संस्कृत माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने मंत्रोच्चार किया।
पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद के सानिध्य में उन्होंने अक्षय वट की परिक्रमा की तथा शुकदेव मंदिर में पुरोहित विकास शास्त्री ने पूजन कराया। शुकदेव आश्रम में संचालित भागवत कथाओं का अवलोकन किया। स्वामी कल्याणदेव स्मृति संग्रहालय देख अतीत की स्मृतियां ताजा की। भोजन ग्रहण करने के उपरांत प्राविधिक सचिव भुवनेश कुमार ने स्वामी ओमानंद जी महाराज से भेंट की। उन्होंने कहा कि सत्य को जानने तथा समझने की शुकतीर्थ पावन धरा है। कई वर्षों के बाद इस पवित्र तीर्थ में आने और स्वामी ओमानंद से आशीर्वाद का सौभाग्य मिला। शुकतीर्थ परम आनंद और शांति की अनुभूति देता है। बड़ी संख्या में श्रीमद्भागवत कथा श्रवण को आए श्रद्धालुओं को देख अच्छा लगा। यह तीर्थ भारतीय संस्कृति की विशिष्टता का प्रतीक है। पौराणिक तीर्थ के विकास से जुड़ी योजनाओं की पत्रावली स्वामी ने उन्हें दी। इस मौके पर सचिव को स्वामी ओमानंद ने शुकतीर्थ साहित्य एवं प्रसाद भेंट कर आशीर्वाद दिया। ट्रस्ट अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सोमांश प्रकाश, रमेश मलिक, राम स्नेही शास्त्री, अचल शास्त्री, विनोद शर्मा, हरीश शर्मा, हर्षमणि, राजू, दीपक शर्मा, एडीएम प्रशासन अमित कुमार सिंह, एसपी ग्रामीण आलोक शर्मा, एसडीएम जानसठ विजय कुमार, तहसीलदार पुष्कर नाथ चौधरी, सीओ भोपा राममोहन शर्मा आदि मौजूद रहे। जिले के दो दिवसीय दौरे के बाद प्राविधिक सचिव ने शुकदेव आश्रम से बिजनौर जनपद को प्रस्थान किया।
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मोरना। प्रदेश के व्यावसायिक एवं प्राविधिक शिक्षा सचिव भुवनेश कुमार ने कहा कि शुकतीर्थ सत्य को जानने और समझने की पावन भूमि है। शिक्षा ऋषि वीतराग स्वामी कल्याणदेव की निष्काम सेवा राष्ट्र को प्रेरणा देती है। भागवत पीठ शुकदेव आश्रम में पधारे सचिव भुवनेश कुमार ने समाधि मंदिर में वीतराग संत स्वामी कल्याणदेव को पुष्पांजलि अर्पित की और उनकी दिव्य प्रतिमा को नमन किया। शुकदेव संस्कृत माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने मंत्रोच्चार किया।
पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद के सानिध्य में उन्होंने अक्षय वट की परिक्रमा की तथा शुकदेव मंदिर में पुरोहित विकास शास्त्री ने पूजन कराया। शुकदेव आश्रम में संचालित भागवत कथाओं का अवलोकन किया। स्वामी कल्याणदेव स्मृति संग्रहालय देख अतीत की स्मृतियां ताजा की। भोजन ग्रहण करने के उपरांत प्राविधिक सचिव भुवनेश कुमार ने स्वामी ओमानंद जी महाराज से भेंट की। उन्होंने कहा कि सत्य को जानने तथा समझने की शुकतीर्थ पावन धरा है। कई वर्षों के बाद इस पवित्र तीर्थ में आने और स्वामी ओमानंद से आशीर्वाद का सौभाग्य मिला। शुकतीर्थ परम आनंद और शांति की अनुभूति देता है। बड़ी संख्या में श्रीमद्भागवत कथा श्रवण को आए श्रद्धालुओं को देख अच्छा लगा। यह तीर्थ भारतीय संस्कृति की विशिष्टता का प्रतीक है। पौराणिक तीर्थ के विकास से जुड़ी योजनाओं की पत्रावली स्वामी ने उन्हें दी। इस मौके पर सचिव को स्वामी ओमानंद ने शुकतीर्थ साहित्य एवं प्रसाद भेंट कर आशीर्वाद दिया। ट्रस्ट अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सोमांश प्रकाश, रमेश मलिक, राम स्नेही शास्त्री, अचल शास्त्री, विनोद शर्मा, हरीश शर्मा, हर्षमणि, राजू, दीपक शर्मा, एडीएम प्रशासन अमित कुमार सिंह, एसपी ग्रामीण आलोक शर्मा, एसडीएम जानसठ विजय कुमार, तहसीलदार पुष्कर नाथ चौधरी, सीओ भोपा राममोहन शर्मा आदि मौजूद रहे। जिले के दो दिवसीय दौरे के बाद प्राविधिक सचिव ने शुकदेव आश्रम से बिजनौर जनपद को प्रस्थान किया।
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