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गांधी कालोनी में नाला बनाने को लेकर खड़ा हुआ विवाद
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गांधी कालोनी में नाला बनाने को लेकर हुआ विवाद
मुजफ्फरनगर। गांधी कालोनी की जलनिकासी को लेकर बनाए जा रहे नाले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सरवट फाटक से एसडी इंटर से होते हुए पचेंडा रोड तक नाले का निर्माण हो रहा है। 80 प्रतिशत कार्य पूरा होने के बाद कुछ प्रभावशाली लोगों ने निर्माण रुकवा दिया है। 55 फुट की जगह 25 फुट की सड़क पर नाला बनाने का दबाव बनाया गया। इससे दूसरा पक्ष भी सामने आ गया। एडीएम प्रशासन ने मौके पर जाकर स्थिति को संभाला।
नाला निर्माण के बीच कुछ दुकानदारों का बेसमेंट और सेफ्टी टैंक आने से इन दुकानदारों ने राजनीतिक प्रभाव के चलते निर्माण बीच में रुकवा दिया। नाले का निर्माण कर रहे जल निगम पर नाला दूसरी सड़क पर बनाने का दबाव बनाया। जिस सड़क पर नाला बनाने का दबाव बनाया उस पर 200 मकान हैं और यह सड़क मात्र 25 फुट की है। नाला निर्माण की लंबाई 200 मीटर बढ़ जाएगी और 12 लाख का अतिरिक्त खर्च आएगा। 48 पेड़ काटने पड़ेंगे और सात बिजली के खंभे और एक ट्रांसफार्मर हटाना पड़ेगा। दबाव में जल निगम 55 फुट छोड़ 25 मीटर की सड़क पर नाला बनाने को तैयार हो गया तो इस मार्ग के नागरिक सामने आ गए। नागरिकों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के दबाव में निर्माण को बदला जा रहा है। तीन उच्च अधिकारी जांच कर चुके हैं, सभी ने 55 फुट पर नाला बनाने की बात कही है। नागरिकों के बीच बढ़ते विवाद की सूचना पर एडीएम प्रशासन अमित सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया। मामले को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
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मुजफ्फरनगर। गांधी कालोनी की जलनिकासी को लेकर बनाए जा रहे नाले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सरवट फाटक से एसडी इंटर से होते हुए पचेंडा रोड तक नाले का निर्माण हो रहा है। 80 प्रतिशत कार्य पूरा होने के बाद कुछ प्रभावशाली लोगों ने निर्माण रुकवा दिया है। 55 फुट की जगह 25 फुट की सड़क पर नाला बनाने का दबाव बनाया गया। इससे दूसरा पक्ष भी सामने आ गया। एडीएम प्रशासन ने मौके पर जाकर स्थिति को संभाला।
नाला निर्माण के बीच कुछ दुकानदारों का बेसमेंट और सेफ्टी टैंक आने से इन दुकानदारों ने राजनीतिक प्रभाव के चलते निर्माण बीच में रुकवा दिया। नाले का निर्माण कर रहे जल निगम पर नाला दूसरी सड़क पर बनाने का दबाव बनाया। जिस सड़क पर नाला बनाने का दबाव बनाया उस पर 200 मकान हैं और यह सड़क मात्र 25 फुट की है। नाला निर्माण की लंबाई 200 मीटर बढ़ जाएगी और 12 लाख का अतिरिक्त खर्च आएगा। 48 पेड़ काटने पड़ेंगे और सात बिजली के खंभे और एक ट्रांसफार्मर हटाना पड़ेगा। दबाव में जल निगम 55 फुट छोड़ 25 मीटर की सड़क पर नाला बनाने को तैयार हो गया तो इस मार्ग के नागरिक सामने आ गए। नागरिकों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के दबाव में निर्माण को बदला जा रहा है। तीन उच्च अधिकारी जांच कर चुके हैं, सभी ने 55 फुट पर नाला बनाने की बात कही है। नागरिकों के बीच बढ़ते विवाद की सूचना पर एडीएम प्रशासन अमित सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया। मामले को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
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