{"_id":"5d068cb98ebc3e431f38b072","slug":"15607103161-muzaffarnagar-news18","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज बंद रहेंगी जिले की चिकित्सा सेवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज बंद रहेंगी जिले की चिकित्सा सेवाएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आज बंद रहेंगी जिले की चिकित्सा सेवाएं
मुजफ्फरनगर। पश्चिमी बंगाल में जूनियर डाक्टर्स पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में जिले के निजी चिकित्सक सोमवार को हड़ताल पर रहेंगे। इमरजेंसी और भर्ती मरीजों को छोड़कर अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं बंद रहेंगी। पश्चिम बंगाल में चिकित्सक के हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने पश्चिमी बंगाल में डाक्टर्स पर हमले की घटना के विरोध में 24 घंटे की हड़ताल का एलान किया है। सोमवार को सवेरे छह बजे से मंगलवार सुबह छह बजे तक जिले के निजी चिकित्सक चिकित्सा कार्य नहीं करेंगे। आईएमए के प्रेस सचिव डा. सुनील सिंघल ने बताया कि इमरजेंसी सेवाओं तथा अस्पतालों में भर्ती मरीजों को छोड़कर अन्य कोई चिकित्सा कार्य नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की मांग है कि डाक्टरों व अस्पतालों पर हिंसा के विरुद्घ सख्त कानून बनाया जाए। हिंसा करने वालों को आतंकवाद मानते हुए गिरफ्तार का प्राविधान हो तथा पश्चिमी बंगाल में दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। पश्चिमी बंगाल में जूनियर डाक्टर्स पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में जिले के निजी चिकित्सक सोमवार को हड़ताल पर रहेंगे। इमरजेंसी और भर्ती मरीजों को छोड़कर अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं बंद रहेंगी। पश्चिम बंगाल में चिकित्सक के हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने पश्चिमी बंगाल में डाक्टर्स पर हमले की घटना के विरोध में 24 घंटे की हड़ताल का एलान किया है। सोमवार को सवेरे छह बजे से मंगलवार सुबह छह बजे तक जिले के निजी चिकित्सक चिकित्सा कार्य नहीं करेंगे। आईएमए के प्रेस सचिव डा. सुनील सिंघल ने बताया कि इमरजेंसी सेवाओं तथा अस्पतालों में भर्ती मरीजों को छोड़कर अन्य कोई चिकित्सा कार्य नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की मांग है कि डाक्टरों व अस्पतालों पर हिंसा के विरुद्घ सख्त कानून बनाया जाए। हिंसा करने वालों को आतंकवाद मानते हुए गिरफ्तार का प्राविधान हो तथा पश्चिमी बंगाल में दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन