{"_id":"5d0540368ebc3e20a265ed58","slug":"15606251947-muzaffarnagar-news36","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनैतिक संबंधों के शक ने तबाह कर दिया परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनैतिक संबंधों के शक ने तबाह कर दिया परिवार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनैतिक संबंधों के शक ने तबाह कर दिया परिवार
मंसूरपुर। गांव नरा में दंपती के बीच उपजे अनैतिक संबंधों के शक ने हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। गांव नरा निवासी सुनील शर्मा गांव में ही मोबाइल की दुकान करता है। करीब 13 साल पूर्व हुई शादी के कुछ समय बाद से ही सुनील शर्मा गांव में ही माता-पिता से अलग दूसरे मकान में पत्नी के साथ रहने लगा था। ग्रामीणों का कहना है कि शादी के कुछ समय बाद ही मीनू को पति सुनील शर्मा पर यह शक हो गया था कि उसके किसी महिला से अनैतिक संबंध हैं। मीनू ने इस संबंध में मायके में भी बताया हुआ था, हालांकि इससे पति हमेशा इंकार करता था, लेकिन इसी बात को लेकर अक्सर दंपती के बीच विवाद हो जाता था। इस शक की बुनियाद इतनी गहरी थी कि मीनू की मौत के बाद मायके पक्ष ने जो तहरीर दी, उसमें सुनील शर्मा पर अनैतिक संबंधों के चलते ही पत्नी व बेटी को जहर देने का आरोप लगाया गया है।
दादी के घर होने से बच गई तीन बच्चों की जान
मंसूरपुर। गांव नरा में मीनू शर्मा द्वारा सात साल की बेटी खुशी को जहर देकर खुद भी खाने की सनसनीखेज घटना में उसके तीन बच्चे मौत के मुंह में जाने से बच गए। मीनू व सुनील शर्मा के परिवार में चार बच्चे थे, जिनमें सबसे बड़ा आर्यन (12), उससे छोटी बेटी खुशी (7), गौरी (5) व तीन माह की गुडिया है। शुक्रवार शाम जिस समय मीनू ने आत्मघाती कदम उठाया, तब बेटा आर्यन व बेटी गौरी पास ही रहने वाली अपनी दादी मीना शर्मा के यहां गए हुए थे, जिस कारण उनकी जान बच गई। वहीं, तीन माह की अबोध गुड़िया मां के ही पास थी। ग्रामीणों का कहना है कि मीनू ने जान देने की नीयत से कोई जहरीला पदार्थ दूध में घोलने के बाद पहले मासूम खुशी को पिलाया, फिर खुद भी जहर मिला दूध पी लिया। इसके बाद महिला ने अबोध गुड़िया को भी जहरीला दूध पिलाने के लिए उसे एक बोतल में भर लिया, लेकिन तब तक उसके ऊपर जहर का असर होने लगा, जिसके चलते वह जहरीला दूध गुड़िया को नहीं पिला पाई और उसकी भी जान बच गई। हालांकि इंस्पेक्टर संजीव कुमार का कहना है कि मौके से उन्हें कोई भी जहरीला पदार्थ नहीं मिला, जिसके चलते जहर किस तरह का था, इसकी जानकारी नहीं हो पाई। इस संबंध में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही जानकारी मिल पाएगी।
हवालात में बैठकर बिलखता रहा पिता
मंसूरपुर। गांव नरा में मां-बेटी की जहर से हुई मौत के बाद घर छोड़कर फरार हुए पति सुनील शर्मा को पुलिस ने शनिवार शाम हिरासत में ले लिया। हालांकि पुलिस उससे घटना के संबंध में किसी तरह की पूछताछ नहीं कर पाई, क्योंकि वह हवालात में जाने के बाद पत्नी व बेटी को याद करते हुए बिलखता रहा। पूछताछ में वह खुद को बेकसूर बताते हुए केवल इतना ही बता पाया कि वह तो घटना के समय अपनी मोबाइल शॉप पर मौजूद था। उसे नहीं पता कि मीनू ने इतना बड़ा कदम कैसे और क्यों उठाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंसूरपुर। गांव नरा में दंपती के बीच उपजे अनैतिक संबंधों के शक ने हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। गांव नरा निवासी सुनील शर्मा गांव में ही मोबाइल की दुकान करता है। करीब 13 साल पूर्व हुई शादी के कुछ समय बाद से ही सुनील शर्मा गांव में ही माता-पिता से अलग दूसरे मकान में पत्नी के साथ रहने लगा था। ग्रामीणों का कहना है कि शादी के कुछ समय बाद ही मीनू को पति सुनील शर्मा पर यह शक हो गया था कि उसके किसी महिला से अनैतिक संबंध हैं। मीनू ने इस संबंध में मायके में भी बताया हुआ था, हालांकि इससे पति हमेशा इंकार करता था, लेकिन इसी बात को लेकर अक्सर दंपती के बीच विवाद हो जाता था। इस शक की बुनियाद इतनी गहरी थी कि मीनू की मौत के बाद मायके पक्ष ने जो तहरीर दी, उसमें सुनील शर्मा पर अनैतिक संबंधों के चलते ही पत्नी व बेटी को जहर देने का आरोप लगाया गया है।
दादी के घर होने से बच गई तीन बच्चों की जान
मंसूरपुर। गांव नरा में मीनू शर्मा द्वारा सात साल की बेटी खुशी को जहर देकर खुद भी खाने की सनसनीखेज घटना में उसके तीन बच्चे मौत के मुंह में जाने से बच गए। मीनू व सुनील शर्मा के परिवार में चार बच्चे थे, जिनमें सबसे बड़ा आर्यन (12), उससे छोटी बेटी खुशी (7), गौरी (5) व तीन माह की गुडिया है। शुक्रवार शाम जिस समय मीनू ने आत्मघाती कदम उठाया, तब बेटा आर्यन व बेटी गौरी पास ही रहने वाली अपनी दादी मीना शर्मा के यहां गए हुए थे, जिस कारण उनकी जान बच गई। वहीं, तीन माह की अबोध गुड़िया मां के ही पास थी। ग्रामीणों का कहना है कि मीनू ने जान देने की नीयत से कोई जहरीला पदार्थ दूध में घोलने के बाद पहले मासूम खुशी को पिलाया, फिर खुद भी जहर मिला दूध पी लिया। इसके बाद महिला ने अबोध गुड़िया को भी जहरीला दूध पिलाने के लिए उसे एक बोतल में भर लिया, लेकिन तब तक उसके ऊपर जहर का असर होने लगा, जिसके चलते वह जहरीला दूध गुड़िया को नहीं पिला पाई और उसकी भी जान बच गई। हालांकि इंस्पेक्टर संजीव कुमार का कहना है कि मौके से उन्हें कोई भी जहरीला पदार्थ नहीं मिला, जिसके चलते जहर किस तरह का था, इसकी जानकारी नहीं हो पाई। इस संबंध में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही जानकारी मिल पाएगी।
विज्ञापन
हवालात में बैठकर बिलखता रहा पिता
मंसूरपुर। गांव नरा में मां-बेटी की जहर से हुई मौत के बाद घर छोड़कर फरार हुए पति सुनील शर्मा को पुलिस ने शनिवार शाम हिरासत में ले लिया। हालांकि पुलिस उससे घटना के संबंध में किसी तरह की पूछताछ नहीं कर पाई, क्योंकि वह हवालात में जाने के बाद पत्नी व बेटी को याद करते हुए बिलखता रहा। पूछताछ में वह खुद को बेकसूर बताते हुए केवल इतना ही बता पाया कि वह तो घटना के समय अपनी मोबाइल शॉप पर मौजूद था। उसे नहीं पता कि मीनू ने इतना बड़ा कदम कैसे और क्यों उठाया।
विज्ञापन