{"_id":"5d03efbb8ebc3e413e7c4752","slug":"156053905614-muzaffarnagar-news49","type":"story","status":"publish","title_hn":"आधार कार्ड की गलत फिडिंग ने बढ़ाई परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आधार कार्ड की गलत फिडिंग ने बढ़ाई परेशानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। राशन यूनिट की गलत फिडिंग होने के कारण उपभोक्ताओं को ई-पीओएस (इलेक्ट्रॉनिक्स प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनों के माध्यम से सस्ते गल्ले का राशन नहीं मिल पा रहा है। कंप्यूटर में अपने परिजनों का आधार कार्ड दोबारा जमा कराने और यूनिट चालू कराने को सुबह से ही शहरी क्षेत्र के पूर्ति कार्यालय पर लंबी कतारें लग रही हैं। बीते एक माह से शहर की जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राशन वितरण प्रणाली का पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने सभी उपभोक्ताओं के राशन कार्ड फिडिंग का अभियान चलाया था। राशन कार्ड फिडिंग के बाद सिडिंग (मिलान) का कार्य हुआ। इस दौरान जो आधार नंबर दोबारा प्रयोग कर दिए गए, उनके यूनिट स्वत: ही गायब हो गए। उपभोक्ताओं के सामने परेशानी यह हो रही है कि जिस घर में पांच यूनिट हैं, उनमें ई-पीओएस मशीन में दो ही यूनिट शो हो रही है। किसी में तीन और किसी में चार यूनिट आ रही है। कंप्यूटर पर आधार फिडिंग करते समय एक परिवार के एक ही नंबर को कई बार चढ़ा दिया गया। जब तक आधार नंबर ऑनलाइन ठीक नहीं होता तब तक उपभोक्ता को राशन का वितरण नहीं हो सकता। शहर में बीते माह से ई-पीओएस मशीन से वितरण शुरू हुआ तो यह गड़बड़ी सामने आई। शहर में कलक्ट्रेट में स्थित पूर्ति कार्यालय पर आधार नंबर सही कराने और आधार नंबर की फोटो स्टेट जमा कराने को कतार लग जाती है। आम आदमी सुबह नौ बजे ही ऑफिस पहुंचकर लंबी कतार में खड़ा हो जाता है। ऑफिस पर प्रतिदिन शाम तक यही हाल है। सबसे बड़ी समस्या उन गरीब लोगों के लिए है जो पूरी तरह सरकारी सस्ते गल्ले के राशन पर ही निर्भर हैं।
कई बार करा चुके हैं ठीक
मुजफ्फरनगर। बाग जानकीदास के राशिद का कहना है कि वह आधार नंबर को तीन बार ऑनलाइन ठीक करा चुका है, लेकिन अभी भी सभी यूनिट पर उसे राशन मिलना शुरू नहीं हो पाया है। कृष्णापुरी के आशुतोष का कहना है कि उसके घर में पांच यूनिट है और मशीन में दो ही आ रहे हैं। तीन सदस्यों के आधार कार्ड दो बार जमा करा चुका हूं, अभी तक राशन मिलना शुरू नहीं हुआ है। कृष्णापुरी के ही सोहन सिंह का कहना है कि उसके परिवार के पांच सदस्यों में से केवल एक यूनिट पर ही राशन मिल रहा है। दो महीने से वह परेशान घूम रहा है। इसी तरह अन्य उपभोक्ता भी अपनी परेशानी बता रहे हैं।
विज्ञापन
तेजी से चल रहा है कार्य
मुजफ्फरनगर। जिला पूर्ति अधिकारी सुनील पुष्कर का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं के नाम सिडिंग के दौरान रह गए हैं, उनके आधार कार्ड लेकर कंप्यूटर में चढ़ाए जा रहे हैं। इस कार्य के लिए स्टाफ बढ़ाया गया है। राशन वितरण प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी हो रही है। अब आगे से उपभोक्ताओं की परेशानी बिल्कुल दूर हो जाएगी।
विज्ञापन
राशन वितरण प्रणाली का पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने सभी उपभोक्ताओं के राशन कार्ड फिडिंग का अभियान चलाया था। राशन कार्ड फिडिंग के बाद सिडिंग (मिलान) का कार्य हुआ। इस दौरान जो आधार नंबर दोबारा प्रयोग कर दिए गए, उनके यूनिट स्वत: ही गायब हो गए। उपभोक्ताओं के सामने परेशानी यह हो रही है कि जिस घर में पांच यूनिट हैं, उनमें ई-पीओएस मशीन में दो ही यूनिट शो हो रही है। किसी में तीन और किसी में चार यूनिट आ रही है। कंप्यूटर पर आधार फिडिंग करते समय एक परिवार के एक ही नंबर को कई बार चढ़ा दिया गया। जब तक आधार नंबर ऑनलाइन ठीक नहीं होता तब तक उपभोक्ता को राशन का वितरण नहीं हो सकता। शहर में बीते माह से ई-पीओएस मशीन से वितरण शुरू हुआ तो यह गड़बड़ी सामने आई। शहर में कलक्ट्रेट में स्थित पूर्ति कार्यालय पर आधार नंबर सही कराने और आधार नंबर की फोटो स्टेट जमा कराने को कतार लग जाती है। आम आदमी सुबह नौ बजे ही ऑफिस पहुंचकर लंबी कतार में खड़ा हो जाता है। ऑफिस पर प्रतिदिन शाम तक यही हाल है। सबसे बड़ी समस्या उन गरीब लोगों के लिए है जो पूरी तरह सरकारी सस्ते गल्ले के राशन पर ही निर्भर हैं।
विज्ञापन
कई बार करा चुके हैं ठीक
मुजफ्फरनगर। बाग जानकीदास के राशिद का कहना है कि वह आधार नंबर को तीन बार ऑनलाइन ठीक करा चुका है, लेकिन अभी भी सभी यूनिट पर उसे राशन मिलना शुरू नहीं हो पाया है। कृष्णापुरी के आशुतोष का कहना है कि उसके घर में पांच यूनिट है और मशीन में दो ही आ रहे हैं। तीन सदस्यों के आधार कार्ड दो बार जमा करा चुका हूं, अभी तक राशन मिलना शुरू नहीं हुआ है। कृष्णापुरी के ही सोहन सिंह का कहना है कि उसके परिवार के पांच सदस्यों में से केवल एक यूनिट पर ही राशन मिल रहा है। दो महीने से वह परेशान घूम रहा है। इसी तरह अन्य उपभोक्ता भी अपनी परेशानी बता रहे हैं।
विज्ञापन
तेजी से चल रहा है कार्य
मुजफ्फरनगर। जिला पूर्ति अधिकारी सुनील पुष्कर का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं के नाम सिडिंग के दौरान रह गए हैं, उनके आधार कार्ड लेकर कंप्यूटर में चढ़ाए जा रहे हैं। इस कार्य के लिए स्टाफ बढ़ाया गया है। राशन वितरण प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी हो रही है। अब आगे से उपभोक्ताओं की परेशानी बिल्कुल दूर हो जाएगी।