फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   रिया हत्याकांड:-परिजनों की गवाही बनी सजा का आधार

रिया हत्याकांड:-परिजनों की गवाही बनी सजा का आधार

Fri, 14 Jun 2019 12:32 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jun 2019 12:32 AM IST
विज्ञापन
रिया हत्याकांड:-परिजनों की गवाही बनी सजा का आधार
रिया के परिजनों को मिल गया इंसाफ
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। बहुचर्चित रिया हत्याकांड में उसके परिजनों की गवाही और पैरवी सजा का आधार बनी। अदालत में कुल 20 गवाह पेश किए गए, जबकि बचाव पक्ष कोर्ट में कोई गवाह पेश नहीं कर सका। उधर, तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाए जाने पर रिया के परिजनों ने इसे इंसाफ की जीत बताया। मृत रिया के पिता सुरेशपाल ने कहा कि हमें कानून पर पूरा भरोसा था। अदालत के फैसले से कानून पर विश्वास और बढ़ा है।
अदालत में रिया हत्याकांड के मामले की सुनवाई चार साल तक चली। पहले भौराकलां पुलिस और बाद में सीबीआई की ओर से अदालत में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई। वर्ष 2015 में अदालत ने तीनों आरोपियों रोहताश, सुनील और ललित पर चार्जफेम किया था। इसके बाद चार साल तक कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई चली। इस बीच एडीजीसी जितेंद्र त्यागी, आशीष त्यागी, वादी के अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार सिंह और सीबीआई के लोक अभियोजन अधिकारी दर्शन सिंह की ओर से अदालत में 20 गवाह पेश किए गए। इतने गवाहों के बयान और उन पर बचाव पक्ष की जिरह के चलते सुनवाई चलती रही। बीते दो माह से लगातार जिरह हो रही थी। तीन जून को सुनवाई पूरी हुई। अभियोजन और सीबीआई की ओर से वारदात में घायल मुख्य गवाह मृतका रिया की मां अनीता, पिता सुरेशपाल, ताऊ चंद्रपाल सिंह के अलावा पुलिस के आईओ विनोद कुमार, सीबीआई के आईओ सीओ पी.चक्रवर्ती, पंचनामा भरने वाले एसआई सुरेश कुमार के अलावा पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर समेत कुल 20 गवाह अदालत में पेश किए गए। जबकि बचाव पक्ष की ओर से कोई भी गवाह पेश नहीं किया गया। वारदात में मौके के गवाह रिया के परिजनों की गवाही मुकदमे में अहम रही। जो आरोपियों को सजा दिलाने का आधार बने। सभी गवाह अंत तक अपने बयानों पर कायम रहे। गवाहों के बयानों के आधार पर तीनों आरोपियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन

कोर्ट का फैसला जानने को रिया के परिजन भी कचहरी में ही मौजूद रहे। तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाए जाने पर परिजनों ने इस इंसाफ की जीत बताया। मृत रिया के पिता सुरेशपाल ने कोर्ट का फैसला आने पर कहा कि हमें इंसाफ मिला। हालांकि न्याय मिलने में काफी देरी हुई। अदालत का निर्णय हमें मंजूर है। परिवार को न्यायालय पर पूरा भरोसा था कि हमें न्याय मिलेगा। यदि सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील हुई तो, के सवाल पर पिता ने कहा कि अब हमें आगे कुछ नहीं करना है। इस दौरान रिया का ताऊ नरेश के अलावा प्रमोद, रमेश आदि परिजन मौजूद रहे। उधर, कोर्ट का फैसला आने पर मुंडभर में दोनों पक्षों के यहां रिश्तेदार मौजूद रहे। कोर्ट के फैसले को लेकर गांव में किसी प्रकार की कोई चर्चा ग्रामीणों के बीच देखने को नहीं मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिया के माता-पिता को मिलेंगे दो लाख रुपये
मुजफ्फरनगर। अदालत ने तीनों गुनहगारों को उम्रकैद के साथ विभिन्न धाराओं में 3.95 लाख रुपये का जुर्माना किया है। तीनों को धारा 302 में आजीवन कारावास व एक-एक लाख रुपये जुर्माना, धारा 307 में सात-सात वर्ष के कठोर कारावास व 25-25 हजार रुपये जुर्माना, धारा 452 में तीन-तीन साल कारावास व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना तथा ललित को 25/27 आर्म्स एक्ट में तीन साल का कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अदालत ने कुल जुर्माने की धनराशि 3.95 लाख रुपये में से 1.50 लाख रुपये मुकदमे के वादी रिया के पिता सुरेशपाल को और 50 हजार रुपये गंभीर घायल हुई उसकी मां अनीता को देने के आदेश दिए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed