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‘संसारी मोह में फंस जाने से दुखों से घिर रहा मनुष्य’
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‘संसारी मोह में फंस जाने से दुखों से घिर रहा मनुष्य’
देवबंद (सहारनपुर)। सैनपुर के योगी महाराज ने गुरु रविदास जी महाराज की अमरकथा सुनाते हुए कहा कि आज मनुष्य स्वार्थ और संसारी मोह में फंस जाने के कारण दुखों से घिरता जा रहा है।
रविवार को हाशिमपुरा गांव में कार्यक्रम में योगी महाराज ने कहा कि मनुष्य दुखों से घिरने के बाद सत्संग में जाता है और अपनी परेशानी सुनाता है। इसके उलट जब संत मनुष्य को सत्संग लेने को कहता है तो वह बहाने बनाने लगता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सत्संग में जाकर वहां बताई जाने वाली अच्छी बातों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। संतों की सेवा में ही सुख छिपा है। गुरू के बताए मार्ग पर चलने से ही दुखों का निवारण हो सकता है। योगी महाराज ने भक्तों को सभी धर्मों एवं गुरुओं का सम्मान और अपने माता पिता की सेवा करने की शिक्षा दी। बताया कि माता-पिता की सेवा में ही जन्नत है। उन्होंने कहा कि नशा सभी अपराधों की जड़ है जो बुरे कामों की ओर ले जाता है। हमें नशे को त्याग कर जीवन में अच्छे कर्म करने चाहिए। उन्होंने जीवन में सत्य को ही मनुष्य की सफलता की कुंजी बताया। संचालन रणवीर दास ने किया। इस मौके पर बलबीर, दीपचंद, कर्ण सागर, विकास, प्रमोद, विजयपाल, संतोष दास, जसवीर दास, भंवर सिंह, सुशील, सुरेंद्र आदि मौजूद रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। सैनपुर के योगी महाराज ने गुरु रविदास जी महाराज की अमरकथा सुनाते हुए कहा कि आज मनुष्य स्वार्थ और संसारी मोह में फंस जाने के कारण दुखों से घिरता जा रहा है।
रविवार को हाशिमपुरा गांव में कार्यक्रम में योगी महाराज ने कहा कि मनुष्य दुखों से घिरने के बाद सत्संग में जाता है और अपनी परेशानी सुनाता है। इसके उलट जब संत मनुष्य को सत्संग लेने को कहता है तो वह बहाने बनाने लगता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सत्संग में जाकर वहां बताई जाने वाली अच्छी बातों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। संतों की सेवा में ही सुख छिपा है। गुरू के बताए मार्ग पर चलने से ही दुखों का निवारण हो सकता है। योगी महाराज ने भक्तों को सभी धर्मों एवं गुरुओं का सम्मान और अपने माता पिता की सेवा करने की शिक्षा दी। बताया कि माता-पिता की सेवा में ही जन्नत है। उन्होंने कहा कि नशा सभी अपराधों की जड़ है जो बुरे कामों की ओर ले जाता है। हमें नशे को त्याग कर जीवन में अच्छे कर्म करने चाहिए। उन्होंने जीवन में सत्य को ही मनुष्य की सफलता की कुंजी बताया। संचालन रणवीर दास ने किया। इस मौके पर बलबीर, दीपचंद, कर्ण सागर, विकास, प्रमोद, विजयपाल, संतोष दास, जसवीर दास, भंवर सिंह, सुशील, सुरेंद्र आदि मौजूद रहे।
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