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खतौली की त्रिवेणी शुगर मिल गन्ना पेराई करने में तोड़ेगी रिकॉर्ड
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त्रिवेणी शुगर मिल गन्ना पेराई करने में तोड़ेगी रिकॉर्ड
खतौली। त्रिवेणी शुगर मिल इस बार गन्ना पेराई करने में देश की सभी शुगर मिलों का रिकॉर्ड तोड़ने जा रही है। शुगर मिल अब तक 2.11 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। हालांकि पिछले वर्ष मिल ने 2.21 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। मिल के जीएम डा. अशोक कुमार का दावा है कि इस बार शुगर मिल का गन्ना पेराई करने में अव्वल स्थान रहेगा और देश की सभी शुगर मिलों का पेराई करने में रिकॉर्ड तोड़ेगी। इस बार चीनी रिकवरी में भी चीनी परता 11.70 प्रतिशत रहा है। जबकि पिछले वर्ष चीनी परता 11.38 प्रतिशत था। मिल में गन्ना आपूर्ति कम हो गई है, जिस कारण मिल किसी भी समय बंद कर दी जा सकती है।
खतौली की त्रिवेणी शुगर मिल एशिया की सबसे बड़ी शुगर मिल है। शुगर मिल के जीएम डा. अशोक कुमार के मुताबिक पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष भी गन्ने का रकबा बराबर ही रहा है। पिछले वर्ष गन्ने का रकबा 37 हजार हेक्टेयर था, इस बार ही उतना ही है। पिछले वर्ष 27 अक्तूबर को मिल चालू हो गई थी और 11 मई को बंद हुई थी। इस बार मिल 8 नवंबर को चालू हुई थी। इस बार चीनी परता की प्रतिशत मात्रा बढ़ी है, जिससे शुगर मिल को फायदा पहुंचेगा। जीएम ने बताया कि मिल की ओर से किसानों का 10 अप्रैल तक का 546.73 करोड़ रुपयों का गन्ना भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस बार देश की सभी शुगर मिलों से अधिक उनकी शुगर मिल गन्ना पेराई करने में अव्वल रही है। गन्ना पेराई करने में शुगर मिल देश की सभी मिलों का रिकॉर्ड तोड़ेगी। शुगर मिल में सोमवार से गन्ना आपूर्ति बहुत कम हो गई है। इसलिए किसी भी वक्त मिल को बंद किया जा सकता है।
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खतौली। त्रिवेणी शुगर मिल इस बार गन्ना पेराई करने में देश की सभी शुगर मिलों का रिकॉर्ड तोड़ने जा रही है। शुगर मिल अब तक 2.11 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। हालांकि पिछले वर्ष मिल ने 2.21 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। मिल के जीएम डा. अशोक कुमार का दावा है कि इस बार शुगर मिल का गन्ना पेराई करने में अव्वल स्थान रहेगा और देश की सभी शुगर मिलों का पेराई करने में रिकॉर्ड तोड़ेगी। इस बार चीनी रिकवरी में भी चीनी परता 11.70 प्रतिशत रहा है। जबकि पिछले वर्ष चीनी परता 11.38 प्रतिशत था। मिल में गन्ना आपूर्ति कम हो गई है, जिस कारण मिल किसी भी समय बंद कर दी जा सकती है।
खतौली की त्रिवेणी शुगर मिल एशिया की सबसे बड़ी शुगर मिल है। शुगर मिल के जीएम डा. अशोक कुमार के मुताबिक पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष भी गन्ने का रकबा बराबर ही रहा है। पिछले वर्ष गन्ने का रकबा 37 हजार हेक्टेयर था, इस बार ही उतना ही है। पिछले वर्ष 27 अक्तूबर को मिल चालू हो गई थी और 11 मई को बंद हुई थी। इस बार मिल 8 नवंबर को चालू हुई थी। इस बार चीनी परता की प्रतिशत मात्रा बढ़ी है, जिससे शुगर मिल को फायदा पहुंचेगा। जीएम ने बताया कि मिल की ओर से किसानों का 10 अप्रैल तक का 546.73 करोड़ रुपयों का गन्ना भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस बार देश की सभी शुगर मिलों से अधिक उनकी शुगर मिल गन्ना पेराई करने में अव्वल रही है। गन्ना पेराई करने में शुगर मिल देश की सभी मिलों का रिकॉर्ड तोड़ेगी। शुगर मिल में सोमवार से गन्ना आपूर्ति बहुत कम हो गई है। इसलिए किसी भी वक्त मिल को बंद किया जा सकता है।
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