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पीड़िताओं ने आयोग के सामने रखी समस्याएं
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मुजफ्फरनगर। राज्य महिला आयोग की सदस्या डॉ प्रियंवदा तोमर ने पीड़िताओं की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि महिला उत्पीड़न की शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई करें। वह कलक्ट्रेट में महिला उत्पीड़न एवं घरेलू हिंसा प्रकरणों की जन सुनवाई कर रही थी।
आयोग की सदस्या डॉ तोमर ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी न होने पर कई प्रकरण सुलझ नहीं पाते हैं। महिलाओं के अधिकारों के लिए अधिक से अधिक प्रचार प्रसार कराया जाए। महिला उत्पीड़न की रोकथाम एवं पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाए जाने तथा आवेदकों की सुगमता की दृष्टि से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में महिला उत्पीड़न की घटनाओं की समीक्षा की जा रही है, ताकि पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का निराकरण किया जा सके। समीक्षा बैठक में महिला थाना अध्यक्ष ने विगत में हुई महिला उत्पीड़न संबंधी घटनाओं में हुई कार्रवाई के बारे में बताया। आयोग के सामने नौ पीड़ित महिलाओं ने प्रार्थना पत्र दिए। सभी प्रकरणों को आयोग ने गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पीड़ित महिलाओं के उत्पीड़न संबंधी मामलों में त्वरित गति से कार्रवाई करें। महिला थानाध्यक्ष को निर्देशित किया कि यदि कोई महिला अपना प्रार्थना पत्र देती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर उसका तत्काल निस्तारण कराएं। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि अजय कुमार अम्बष्ट ने बताया कि यदि किसी महिला या आम नागरिक के द्वारा पीड़ित महिला के संबंध में जानकारी दी जाती है तो तत्काल 181 महिला हेल्प लाईन को सूचित करते हुए पीड़ित महिला को संरक्षण प्रदान किया जाता है और प्रकरण का निस्तारण किया जाता है। डिप्टी कलेक्टर अजय अम्बष्ट, सीओ सिटी हरीश भदौरिया, महिला थानाध्यक्ष मीनाक्षी शर्मा प्रभारी हेल्प लाइन प्रीता सिंह आदि मौजूद रहे।
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आयोग की सदस्या डॉ तोमर ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी न होने पर कई प्रकरण सुलझ नहीं पाते हैं। महिलाओं के अधिकारों के लिए अधिक से अधिक प्रचार प्रसार कराया जाए। महिला उत्पीड़न की रोकथाम एवं पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाए जाने तथा आवेदकों की सुगमता की दृष्टि से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में महिला उत्पीड़न की घटनाओं की समीक्षा की जा रही है, ताकि पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का निराकरण किया जा सके। समीक्षा बैठक में महिला थाना अध्यक्ष ने विगत में हुई महिला उत्पीड़न संबंधी घटनाओं में हुई कार्रवाई के बारे में बताया। आयोग के सामने नौ पीड़ित महिलाओं ने प्रार्थना पत्र दिए। सभी प्रकरणों को आयोग ने गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पीड़ित महिलाओं के उत्पीड़न संबंधी मामलों में त्वरित गति से कार्रवाई करें। महिला थानाध्यक्ष को निर्देशित किया कि यदि कोई महिला अपना प्रार्थना पत्र देती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर उसका तत्काल निस्तारण कराएं। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि अजय कुमार अम्बष्ट ने बताया कि यदि किसी महिला या आम नागरिक के द्वारा पीड़ित महिला के संबंध में जानकारी दी जाती है तो तत्काल 181 महिला हेल्प लाईन को सूचित करते हुए पीड़ित महिला को संरक्षण प्रदान किया जाता है और प्रकरण का निस्तारण किया जाता है। डिप्टी कलेक्टर अजय अम्बष्ट, सीओ सिटी हरीश भदौरिया, महिला थानाध्यक्ष मीनाक्षी शर्मा प्रभारी हेल्प लाइन प्रीता सिंह आदि मौजूद रहे।
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