{"_id":"5af1f2524f1c1b84098b8ff1","slug":"151525805650-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाइप में भी गडबडी की आशंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाइप में भी गडबडी की आशंका
Updated Wed, 09 May 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जल निगम में आपूर्ति की गई पाइपों में गड़बड़ी का अंदेशा
मुजफ्फरनगर। हैंडपंपों की अधोमानक चौकी रिजेक्ट किए जाने के बाद जल निगम में आपूूर्ति किए गए पाइपों में भी गड़बड़ी का अंदेशा है। डीएम ने पाइपों के अधोमानक पाए जाने की शिकायत की जांच सीडीओ को सौंप दी है।
डीएम ने पेयजल योजना का धन अन्य योजनाओं में ट्रांसफर करने के भी जांच के आदेश दिए हैं। जल निगम में हैंडपंपों की 300 चौकियों में गड़बड़ी पाए जाने के बाद एक्सईएन ने उनकी आपूर्ति को रिजेक्ट कर दिया था। रिजेक्ट चौकियों की जांच रुड़की आईआईटी प्रयोगशाला में कराई जाएगी। उधर, अधोमानक पाइप आपूर्ति मामले की जांच डीएम राजीव शर्मा ने सीडीओ अर्चना वर्मा को दी है। गत वर्ष तत्कालीन सीडीओ अंकित अग्रवाल ने अधोमानक पाइप की आपूर्ति का मामला पकड़ा था। उस वक्त पाइपों के वजन की जांच के लिए शासन से एक टीम आई थी। बावजूद इसके जल निगम की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है। पेयजल योजना को आए बजट का भुगतान हैंडपंपों की योजना में कर दिया गया। डीएम ने इस मामले की भी जांच सीडीओ को दिए हैं। सीडीओ अर्चना वर्मा का कहना है कि जल निगम में रखे पाइपों को जांच कराई जाएगी। डीएम ने भी पेयजल योजना के पैसे को दूसरी योजना में ट्रांसफर करने की भी जांच सौंपी है। दोनों मामलों की शीघ्र जांच पूरी कर डीएम को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। जांच सौंपे जाने से महकमे के अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। इस मामले में महकमे के कई लोगों पर गाज गिर सकने की प्रबल संभावना है। जल निगम के अधिकारियों ने इस मसले पर चुप्पी साध रखी है।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। हैंडपंपों की अधोमानक चौकी रिजेक्ट किए जाने के बाद जल निगम में आपूूर्ति किए गए पाइपों में भी गड़बड़ी का अंदेशा है। डीएम ने पाइपों के अधोमानक पाए जाने की शिकायत की जांच सीडीओ को सौंप दी है।
डीएम ने पेयजल योजना का धन अन्य योजनाओं में ट्रांसफर करने के भी जांच के आदेश दिए हैं। जल निगम में हैंडपंपों की 300 चौकियों में गड़बड़ी पाए जाने के बाद एक्सईएन ने उनकी आपूर्ति को रिजेक्ट कर दिया था। रिजेक्ट चौकियों की जांच रुड़की आईआईटी प्रयोगशाला में कराई जाएगी। उधर, अधोमानक पाइप आपूर्ति मामले की जांच डीएम राजीव शर्मा ने सीडीओ अर्चना वर्मा को दी है। गत वर्ष तत्कालीन सीडीओ अंकित अग्रवाल ने अधोमानक पाइप की आपूर्ति का मामला पकड़ा था। उस वक्त पाइपों के वजन की जांच के लिए शासन से एक टीम आई थी। बावजूद इसके जल निगम की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है। पेयजल योजना को आए बजट का भुगतान हैंडपंपों की योजना में कर दिया गया। डीएम ने इस मामले की भी जांच सीडीओ को दिए हैं। सीडीओ अर्चना वर्मा का कहना है कि जल निगम में रखे पाइपों को जांच कराई जाएगी। डीएम ने भी पेयजल योजना के पैसे को दूसरी योजना में ट्रांसफर करने की भी जांच सौंपी है। दोनों मामलों की शीघ्र जांच पूरी कर डीएम को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। जांच सौंपे जाने से महकमे के अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। इस मामले में महकमे के कई लोगों पर गाज गिर सकने की प्रबल संभावना है। जल निगम के अधिकारियों ने इस मसले पर चुप्पी साध रखी है।
विज्ञापन