फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   पुलिस की लापरवाही से भड़की हिंसा

पुलिस की लापरवाही से भड़की हिंसा

Tue, 03 Apr 2018 01:12 AM IST
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:12 AM IST
विज्ञापन
पुलिस की लापरवाही से भड़की हिंसा
पुलिस की लापरवाही से भड़की हिंसा
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। दलितों के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पुलिस की लापरवाही का परिणाम है। पुलिस ने इस आंदोलन को गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस ने बहुत हल्के में आंदोलन को लेकर इसके लिए कोई भी कार्ययोजना नहीं बनाई थी। वहीं, पुलिस का खुफिया तंत्र भी पूरी तरह से फेल रहा। दलित संगठनों की ओर से गांव-गांव में मीटिंग कर जिला मुख्यालय पर पहुंच कर आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया जा रहा था। पुलिस और एलआईयू आदि खुफिया विभाग की एजेंसियों को इन बैठकों की भनक तक नहीं लग सकी, जिसका परिणाम हिंसा के रूप में सामने आया।

एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में होने वाले आंदोलन की तैयारी बीते आठ दिनों से चल रही थी। दलितों के विभिन्न संगठन बीते आठ दिनों से जिले भर के ग्रामों में बैठक कर और पंपलेट बांट कर लोगों से इस आंदोलन में पहुंचने का आह्वान कर रहे थे। तय कर लिया था कि जिला मुख्यालय पर ही आंदोलन कर बाजार बंद कराया जाएगा और रेल भी रोकी जाएगी। मगर, खुफिया विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। दलित संगठनों ने रविवार को भी प्रेस ब्यान जारी कर जीआईसी में दलितों के एकत्र होने और बाजार बंद कराने की घोषणा कर दी थी। इसके बावजूद खुफिया तंत्र आंदोलनकारियों के रुख को भांप नहीं सका। पुलिस ने भी इस आंदोलन को गंभीरता से नहीं लिया और न ही आंदोलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए थे। यहां तक कि जिले के थानों की फोर्स को भी मुख्यालय नहीं बुलवाया गया। जबकि पूरे जिले भर से आंदोलनकारियों ने सुबह ही हाथों में लाठी डंडे का खुला प्रदर्शन करते हुए जिला मुख्यालय की ओर कूच दिया था। पुलिस ने रास्ते में कभी भी इन आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास नहीं किया, जिसका परिणाम यह हुआ कि आंदोलन के दौरान शहर में हिंसा भड़क गई, जिसमें एक युवक की जान चली गई तथा कई दर्जन लोग घायल हो गए। जमकर पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी हुई। एसएसपी अनंत देव ने भी स्वीकार किया कि पुलिस की चूक हुई है, आभास नहीं था कि इतनी भीड़ आ जाएगी और आंदोलन के दौरान हिंसा होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed