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बोनस नहीं मिलने पर कर्मियों ने की हड़ताल
Updated Tue, 20 Feb 2018 12:08 AM IST
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मुजफ्फरनगर।
नगर पालिका परिषद में सोमवार को हंगामा खड़ा हो गया। पालिका कर्मचारियों के दोनों संगठनों ने पालिका प्रशासन के खिलाफ बोनस और साल 2016 से लागू हाउस रेंट एरियर का भुगतान नहीं देने पर कामबंद हड़ताल कर दी। कर्मचारियों ने कामकाज छोड़कर पालिका परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद में चेयरमैन अंजू अग्रवाल के हस्तक्षेप से हड़ताल को एक दिन के लिए टाला गया।
सोमवार को स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ और स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन के आह्नान पर पालिका के कर्मचारियों ने हड़ताल शुुरू कर दी। दोनों संगठनों ने संयुक्त आंदोलन शुरू करते हुए पालिका प्रशासन पर कर्मचारियों के देयकों का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इस हंगामे और हड़ताल की सूचना जब चेयरमैन अंजू अग्रवाल को मिली, तो उन्होंने तत्काल ही ईओ विकास सेन को पालिका कर्मचारियों के साथ सभागार में वार्ता बुलाने के निर्देश दिए। एक बजे कर्मचारियों के साथ चेयरमैन की अध्यक्षता में पालिका सभागार में ईओ विकास सेन ने वार्ता शुरू की। इस वार्ता में ईओ ने कहा कि शासनादेश के अनुसार ही वो कर्मचारियों को बोनस का भुगतान करेंगे, क्योंकि उनको करीब 60 लाख रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। ऐसे में पालिका के पास वित्तीय संसाधन की कमी होने के कारण बोनस और हाउस रेंट एरियर का भुगतान शासनादेश के अनुसार ही करने की मजबूरी है। इस पर कर्मचारी संगठनों के नेताओं ओमवीर सिंह, गोपाल त्यागी, मुकेश शर्मा ने ईओ से 60 लाख के अतिरिक्त खर्च का ब्योरा मांगा। इसके लिए वो खर्च का कोई भी ब्योरा नहीं दे पाए। मीटिंग में जब चेयरमैन अंजू अग्रवाल ने लेखाकार को बुलाकर कोष की स्थिति की जानकारी चाही, तो लेखाकार राजेंद्र सिंह ने बताया कि पालिका के पास पैसा है और बोनस का भुगतान किया जा सकता है। स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष ओमवीर सिंह ने कहा कि यदि बोनस शासनादेश के अनुसार मिलेगा, तो पालिका में अन्य व्यवस्थाएं और कार्य भी शासनादेश के अनुसार ही होंगे। बोनस के भुगतान के लिए शासनादेश के तहत 75 प्रतिशत धनराशि कर्मचारी के पीएफ एकाउंट में जाती है और 25 प्रतिशत राशि का भुगतान ही नकद किया जाता है। बाद में चेयरमैन अंजू अग्रवाल ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि होली से पूर्व उनको बोनस का भुगतान पूर्व की व्यवस्थाओं के अनुसार कर दिया जाएगा। अब वो हड़ताल छोड़कर काम पर लौटें। संगठन के नेताओं ने चेयरमैन के आश्वासन पर पालिका प्रशासन को एक दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि भुगतान शुरू नहीं किया गया तो 21 फरवरी से आंदोलन पर चले जाएंगे। इस दौरान ओमवीर सिंह, गोपाल त्यागी, मुकेश शर्मा, तनवीर आलम, मोतीराम, रणधीर सिंह, बिजेन्द सिंह, संजय गुप्ता, संजीव गुप्ता, प्रवीण कुमार, राजीव वर्मा, मैनपाल सिंह, विजय कुमार जैन, मनोज बालियान, फिरोज खां, विकास कुमार, मोहन कुमार, भगवती, दुष्यंत कुमार, अशोक ढींगरा, अशोक पाल सहित सभी कर्मचारी, अधिकारी उपस्थित रहे।
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नगर पालिका परिषद में सोमवार को हंगामा खड़ा हो गया। पालिका कर्मचारियों के दोनों संगठनों ने पालिका प्रशासन के खिलाफ बोनस और साल 2016 से लागू हाउस रेंट एरियर का भुगतान नहीं देने पर कामबंद हड़ताल कर दी। कर्मचारियों ने कामकाज छोड़कर पालिका परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद में चेयरमैन अंजू अग्रवाल के हस्तक्षेप से हड़ताल को एक दिन के लिए टाला गया।
सोमवार को स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ और स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन के आह्नान पर पालिका के कर्मचारियों ने हड़ताल शुुरू कर दी। दोनों संगठनों ने संयुक्त आंदोलन शुरू करते हुए पालिका प्रशासन पर कर्मचारियों के देयकों का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इस हंगामे और हड़ताल की सूचना जब चेयरमैन अंजू अग्रवाल को मिली, तो उन्होंने तत्काल ही ईओ विकास सेन को पालिका कर्मचारियों के साथ सभागार में वार्ता बुलाने के निर्देश दिए। एक बजे कर्मचारियों के साथ चेयरमैन की अध्यक्षता में पालिका सभागार में ईओ विकास सेन ने वार्ता शुरू की। इस वार्ता में ईओ ने कहा कि शासनादेश के अनुसार ही वो कर्मचारियों को बोनस का भुगतान करेंगे, क्योंकि उनको करीब 60 लाख रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। ऐसे में पालिका के पास वित्तीय संसाधन की कमी होने के कारण बोनस और हाउस रेंट एरियर का भुगतान शासनादेश के अनुसार ही करने की मजबूरी है। इस पर कर्मचारी संगठनों के नेताओं ओमवीर सिंह, गोपाल त्यागी, मुकेश शर्मा ने ईओ से 60 लाख के अतिरिक्त खर्च का ब्योरा मांगा। इसके लिए वो खर्च का कोई भी ब्योरा नहीं दे पाए। मीटिंग में जब चेयरमैन अंजू अग्रवाल ने लेखाकार को बुलाकर कोष की स्थिति की जानकारी चाही, तो लेखाकार राजेंद्र सिंह ने बताया कि पालिका के पास पैसा है और बोनस का भुगतान किया जा सकता है। स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष ओमवीर सिंह ने कहा कि यदि बोनस शासनादेश के अनुसार मिलेगा, तो पालिका में अन्य व्यवस्थाएं और कार्य भी शासनादेश के अनुसार ही होंगे। बोनस के भुगतान के लिए शासनादेश के तहत 75 प्रतिशत धनराशि कर्मचारी के पीएफ एकाउंट में जाती है और 25 प्रतिशत राशि का भुगतान ही नकद किया जाता है। बाद में चेयरमैन अंजू अग्रवाल ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि होली से पूर्व उनको बोनस का भुगतान पूर्व की व्यवस्थाओं के अनुसार कर दिया जाएगा। अब वो हड़ताल छोड़कर काम पर लौटें। संगठन के नेताओं ने चेयरमैन के आश्वासन पर पालिका प्रशासन को एक दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि भुगतान शुरू नहीं किया गया तो 21 फरवरी से आंदोलन पर चले जाएंगे। इस दौरान ओमवीर सिंह, गोपाल त्यागी, मुकेश शर्मा, तनवीर आलम, मोतीराम, रणधीर सिंह, बिजेन्द सिंह, संजय गुप्ता, संजीव गुप्ता, प्रवीण कुमार, राजीव वर्मा, मैनपाल सिंह, विजय कुमार जैन, मनोज बालियान, फिरोज खां, विकास कुमार, मोहन कुमार, भगवती, दुष्यंत कुमार, अशोक ढींगरा, अशोक पाल सहित सभी कर्मचारी, अधिकारी उपस्थित रहे।
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