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पूर्ण भुगतान की कार्य योजना बनाएं चीनी मिल: डीएम
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मुजफ्फरनगर। डीएम अजय शंकर पांडेय ने कहा कि चीनी मिलों को किसानों का समस्त भुगतान करना है। किसान हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। चीनी मिल प्रबंधतंत्र भुगतान के सोर्स और समय अपने आप ही निश्चित कर दें।
कलक्ट्रेट स्थित लोकवाणी भवन में पेराई सत्र 2018-19 के अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा बैठक में डीएम अजय शंकर पांडेय ने कहा कि किसानों शत-प्रतिशत भुगतान होना है। चीनी मिलों में किसानों ने अब तक 25 अरब 26 करोड़ 95 लाख का गन्ना डाला है। इसके सापेक्ष चीनी मिलों ने किसानों को अब तक 15 अरब 87 करोड़ 37 लाख का भुगतान किया है। चीनी मिलों पर किसानों का नौ अरब 39 करोड़ 55 लाख बकाया है। इसमें 14 दिन से ऊपर का ही सात अरब 23 करोड़ 44 लाख बाकी है। जिले में अब कुल 90 लाख कुंतल चीनी का उत्पादन हुआ है जबकि अब तक 68.69 प्रतिशत गन्ना भुगतान हुआ है। जिलाधिकारी ने कहा कि चीनी मिल कार्य योजनाएं बनाएं कि वह कब तक और किन संसाधनों से शत-प्रतिशत भुगतान करेगी। भुगतान के लिए चीनी मिलें क्या करेगी, उनके पास क्या विकल्प है, तीन दिन के अंदर अपनी पूरी कार्य योजना उनके सामने रखे। जिन चीनी मिलों की सीसीएल नही हैं उनकी भुगतान की क्या कार्ययोजना है, उनका भुगतान का क्या प्लान है, कितनी चीनी बेचकर भुगतान किया जा सकता है, यह सूचना बनाकर दें। डीएम ने क्रेडिट लिमिट वाली मिलों खतौली, मंसूरपुर, टिकौला एवं मोरना को निर्देश दिए कि गन्ना किसानों का भुगतान सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि नोन सीसीएल वाली चीनी मिलों तितावी, रोहाना, भैसाना एवं खाईखेड़ी चीनी बिक्री कर अवशेष गन्ना मूल्य का भुगतान सुनिश्चित कराएं। डीसीओ नेबताया कि वर्तमान में रिकवरी 11.51 प्रतिशत है। आज तक टिकौला शुगर मिल द्वारा तीन अरब नौ करोड़ 51 लाख का भुगतान किया है। मोरना शुगर मिल ने 94 करोड़ छह लाख का, तितावी शुगर मिल ने दो अरब 26 करोड़ 28 लाख, खतौली ने चार अरब 46 करोड़ 54 लाख, मंसूरपुर ने तीन अरब एक करोड़ सात लाख, रोहाना ने 43 करोड़ 26 लाख, खाईखेड़ी ने 68 करोड़ 91 लाख, भैंसाना ने 87 करोड़ 65 लाख का भुगतान किया है। मंसूरपुर चीनी मिल ने सबसे अधिक 90.82 प्रतिशत भुगतान कर दिया है। भैसाना चीनी मिल सबसे पीछे है और यह अभी तक केवल 23.23 प्रतिशत भुगतान ही कर पाई है। खतौली ने 87 प्रतिशत, तितावी ने 61 प्रतिशत, टिकौला ने 84 प्रतिशत, खाईखेड़ी ने 42 प्रतिशत, रोहाना ने 66 प्रतिशत और मोरना ने 78 प्रतिशत भुगतान किया है। जिले में अब तक कुल 68.69 प्रतिशत गन्ना भुगतान हुआ है। बैठक में एडीएम प्रशासन अमित सिंह, एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र, डीसीओ और सभी चीनी मिलों को प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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कलक्ट्रेट स्थित लोकवाणी भवन में पेराई सत्र 2018-19 के अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा बैठक में डीएम अजय शंकर पांडेय ने कहा कि किसानों शत-प्रतिशत भुगतान होना है। चीनी मिलों में किसानों ने अब तक 25 अरब 26 करोड़ 95 लाख का गन्ना डाला है। इसके सापेक्ष चीनी मिलों ने किसानों को अब तक 15 अरब 87 करोड़ 37 लाख का भुगतान किया है। चीनी मिलों पर किसानों का नौ अरब 39 करोड़ 55 लाख बकाया है। इसमें 14 दिन से ऊपर का ही सात अरब 23 करोड़ 44 लाख बाकी है। जिले में अब कुल 90 लाख कुंतल चीनी का उत्पादन हुआ है जबकि अब तक 68.69 प्रतिशत गन्ना भुगतान हुआ है। जिलाधिकारी ने कहा कि चीनी मिल कार्य योजनाएं बनाएं कि वह कब तक और किन संसाधनों से शत-प्रतिशत भुगतान करेगी। भुगतान के लिए चीनी मिलें क्या करेगी, उनके पास क्या विकल्प है, तीन दिन के अंदर अपनी पूरी कार्य योजना उनके सामने रखे। जिन चीनी मिलों की सीसीएल नही हैं उनकी भुगतान की क्या कार्ययोजना है, उनका भुगतान का क्या प्लान है, कितनी चीनी बेचकर भुगतान किया जा सकता है, यह सूचना बनाकर दें। डीएम ने क्रेडिट लिमिट वाली मिलों खतौली, मंसूरपुर, टिकौला एवं मोरना को निर्देश दिए कि गन्ना किसानों का भुगतान सुनिश्चित करें।
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उन्होंने कहा कि नोन सीसीएल वाली चीनी मिलों तितावी, रोहाना, भैसाना एवं खाईखेड़ी चीनी बिक्री कर अवशेष गन्ना मूल्य का भुगतान सुनिश्चित कराएं। डीसीओ नेबताया कि वर्तमान में रिकवरी 11.51 प्रतिशत है। आज तक टिकौला शुगर मिल द्वारा तीन अरब नौ करोड़ 51 लाख का भुगतान किया है। मोरना शुगर मिल ने 94 करोड़ छह लाख का, तितावी शुगर मिल ने दो अरब 26 करोड़ 28 लाख, खतौली ने चार अरब 46 करोड़ 54 लाख, मंसूरपुर ने तीन अरब एक करोड़ सात लाख, रोहाना ने 43 करोड़ 26 लाख, खाईखेड़ी ने 68 करोड़ 91 लाख, भैंसाना ने 87 करोड़ 65 लाख का भुगतान किया है। मंसूरपुर चीनी मिल ने सबसे अधिक 90.82 प्रतिशत भुगतान कर दिया है। भैसाना चीनी मिल सबसे पीछे है और यह अभी तक केवल 23.23 प्रतिशत भुगतान ही कर पाई है। खतौली ने 87 प्रतिशत, तितावी ने 61 प्रतिशत, टिकौला ने 84 प्रतिशत, खाईखेड़ी ने 42 प्रतिशत, रोहाना ने 66 प्रतिशत और मोरना ने 78 प्रतिशत भुगतान किया है। जिले में अब तक कुल 68.69 प्रतिशत गन्ना भुगतान हुआ है। बैठक में एडीएम प्रशासन अमित सिंह, एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र, डीसीओ और सभी चीनी मिलों को प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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