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योग के बिना मानव जीवन व्यर्थ
Updated Thu, 29 Mar 2018 12:12 AM IST
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योग के बिना मानव जीवन व्यर्थ
मुजफ्फरनगर।
ग्रीन फील्ड हाईस्कूल में बुधवार को सात दिवसीय नि:शुल्क ध्यान योग शिविर का शुभारंभ हुआ। भारतीय योग संस्थान के प्रांतीय संगठन मंत्री सुरेंद्रपाल सिंह आर्य ने शिविर का शुभारंभ किया।
शिविर में वानप्रस्थ आश्रम हरिद्वार से आए स्वामी केवलानंद सरस्वती ने विशेष प्राणायाम आभ्यंतर आक्षेपी, बाह्य आक्षेपी तथा स्तंभ वृत्ति प्राणायाम की जानकारी दी। साथ ही साधक एवं साधिकाओं के चित्त को शांत व निर्मल करके उन्हें ध्यान के असीम आनंद की अनुभूति कराई। बताया कि योग के आठ अंग होते हैं। यम नियम का पालन करने से ही योग में सफलता मिलेगी। योग ऐसी उत्कृष्ट विद्या है, जिससे मानव जीवन के उद्देश्य की पूर्ति होती है। योग की शिक्षा के अभाव में मानव जीवन व्यर्थ है। योगाचार्य सुरेंद्रपाल सिंह आर्य ने अर्द्ध चंद्रासन,वज्रासन, उष्टरासन और मंडूक आसन कराए। कहा कि योग साधना करने से हमारे शरीर में देवीय गुणों का विकास होता है। सत्यवीर पंवार ने ईश्वर भक्ति का भजन प्रस्तुत किया। शिविर संयोजक डॉ जीत सिंह तोमर, रामपाल सिंह आर्य, सरला, सुदेश रानी आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर।
ग्रीन फील्ड हाईस्कूल में बुधवार को सात दिवसीय नि:शुल्क ध्यान योग शिविर का शुभारंभ हुआ। भारतीय योग संस्थान के प्रांतीय संगठन मंत्री सुरेंद्रपाल सिंह आर्य ने शिविर का शुभारंभ किया।
शिविर में वानप्रस्थ आश्रम हरिद्वार से आए स्वामी केवलानंद सरस्वती ने विशेष प्राणायाम आभ्यंतर आक्षेपी, बाह्य आक्षेपी तथा स्तंभ वृत्ति प्राणायाम की जानकारी दी। साथ ही साधक एवं साधिकाओं के चित्त को शांत व निर्मल करके उन्हें ध्यान के असीम आनंद की अनुभूति कराई। बताया कि योग के आठ अंग होते हैं। यम नियम का पालन करने से ही योग में सफलता मिलेगी। योग ऐसी उत्कृष्ट विद्या है, जिससे मानव जीवन के उद्देश्य की पूर्ति होती है। योग की शिक्षा के अभाव में मानव जीवन व्यर्थ है। योगाचार्य सुरेंद्रपाल सिंह आर्य ने अर्द्ध चंद्रासन,वज्रासन, उष्टरासन और मंडूक आसन कराए। कहा कि योग साधना करने से हमारे शरीर में देवीय गुणों का विकास होता है। सत्यवीर पंवार ने ईश्वर भक्ति का भजन प्रस्तुत किया। शिविर संयोजक डॉ जीत सिंह तोमर, रामपाल सिंह आर्य, सरला, सुदेश रानी आदि मौजूद रहे।
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