{"_id":"5b5cbd364f1c1b6e118b61a5","slug":"131532804406-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ आने की आशंका, ग्रामीणों की नींद उड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ आने की आशंका, ग्रामीणों की नींद उड़ी
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोरना। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से गंगा खादर शुक्रताल के किसानों के लिए चिंता का सबब बन गई है। बाढ़ आने की आशंका को लेकर गंगा के खादर से सटे गांव के ग्रामीणों रातों की नींद उड़ गई है।
पिछले तीन दिनों लगातार हो रही बारिश से शुक्रताल गंगा खादर सहित मोरना विकास खंड के कई गांव में बाढ़ के हालात बन गए हैं। शुक्रताल गंगा खादर के इंच्छावाला, बिहारगढ़, मज्जलिसपुर तौफीर, महाराजनगर, सिताबपुरी में अपने निजी मकान और कृषि फार्म पर रहने वाले किसानों और ग्रामीणों के बीच पानी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने चिंतित होने लगे हैं। गांव मजलिसपुर तौफीर के प्रधान योगेश चौहान, भाजपा नेता महेंद्र चौहान, सुबोध कुमार, वेदराम, डा. बुधराम, योगेश, सुमित सहित गांव बिहारगढ़ के प्रधान बुधराम, डा. शिवकुमार, रोहित, मास्टर पप्पू, सत्यपाल व शुक्रताल प्रधान सुशील शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, सुरेंद्र चौधरी, तीर्थपाल प्रधान, विनोद शर्मा चेयरमैन, रामकुमार कश्यप आदि ने बताया कि हर साल बाढ़ का पानी आता है और खेतों में रुक जाए, तो ज्वार, गन्ने, धान आदि की फसल को भारी नुकसान पहुंचाता है।
गंगा खादर के किसानों के लिए सरकार को ठोस योजना बनानी चाहिए, ताकि उसकी फसल के नुकसान की भरपाई हो सके। वहीं शुक्रताल गंगा घाट पर पानी के साथ बहकर आ रही जलकुंभी और पानी के जल स्तर के कारण घाट के दुकानदारों व पुरोहितों ने अपने सामान को उठाकर सुरक्षित स्थान पर रख लिया है। वहीं मोरना क्षेत्र में देर रात बारिश के साथ आई तेज हवा ने गन्ने सहित ज्वार की फसल को जमीन पर गिरा दिया है। लगातार हो रही बारिश से पक्के मकानों के लेंटर की छत से पानी टपने लगा है। उधर, एसडीएम विजय कुमार ने बताया कि शुक्रताल गंगा खादर में निगरानी चौकियों को स्थापित किया जा रहा है। लेखपालों की टीम को शुक्रताल से हस्तिनापुर खादर क्षेत्र में निगरानी पर लगाया गया है। जल स्तर बढ़ने की सूचना मिलने पर बाढ़ प्रभावित गांव सहित किसानों के कृषि फार्म पर तुरंत सूचना करा दी जाएगी। ताकि समय रहते वे लोग सुरक्षित स्थान पर चले जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले तीन दिनों लगातार हो रही बारिश से शुक्रताल गंगा खादर सहित मोरना विकास खंड के कई गांव में बाढ़ के हालात बन गए हैं। शुक्रताल गंगा खादर के इंच्छावाला, बिहारगढ़, मज्जलिसपुर तौफीर, महाराजनगर, सिताबपुरी में अपने निजी मकान और कृषि फार्म पर रहने वाले किसानों और ग्रामीणों के बीच पानी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने चिंतित होने लगे हैं। गांव मजलिसपुर तौफीर के प्रधान योगेश चौहान, भाजपा नेता महेंद्र चौहान, सुबोध कुमार, वेदराम, डा. बुधराम, योगेश, सुमित सहित गांव बिहारगढ़ के प्रधान बुधराम, डा. शिवकुमार, रोहित, मास्टर पप्पू, सत्यपाल व शुक्रताल प्रधान सुशील शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, सुरेंद्र चौधरी, तीर्थपाल प्रधान, विनोद शर्मा चेयरमैन, रामकुमार कश्यप आदि ने बताया कि हर साल बाढ़ का पानी आता है और खेतों में रुक जाए, तो ज्वार, गन्ने, धान आदि की फसल को भारी नुकसान पहुंचाता है।
विज्ञापन
गंगा खादर के किसानों के लिए सरकार को ठोस योजना बनानी चाहिए, ताकि उसकी फसल के नुकसान की भरपाई हो सके। वहीं शुक्रताल गंगा घाट पर पानी के साथ बहकर आ रही जलकुंभी और पानी के जल स्तर के कारण घाट के दुकानदारों व पुरोहितों ने अपने सामान को उठाकर सुरक्षित स्थान पर रख लिया है। वहीं मोरना क्षेत्र में देर रात बारिश के साथ आई तेज हवा ने गन्ने सहित ज्वार की फसल को जमीन पर गिरा दिया है। लगातार हो रही बारिश से पक्के मकानों के लेंटर की छत से पानी टपने लगा है। उधर, एसडीएम विजय कुमार ने बताया कि शुक्रताल गंगा खादर में निगरानी चौकियों को स्थापित किया जा रहा है। लेखपालों की टीम को शुक्रताल से हस्तिनापुर खादर क्षेत्र में निगरानी पर लगाया गया है। जल स्तर बढ़ने की सूचना मिलने पर बाढ़ प्रभावित गांव सहित किसानों के कृषि फार्म पर तुरंत सूचना करा दी जाएगी। ताकि समय रहते वे लोग सुरक्षित स्थान पर चले जाए।
विज्ञापन