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बेटी का भेजा केक देख फफक पड़ी मॉ
Updated Mon, 14 May 2018 12:09 AM IST
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मुजफ्फरनगर।
बेटी ने मदर्स-डे पर बुक कराया गया केक लेकर दुकानदार घर पर पहुंचा तो परिवार के सदस्य सन्न रह गए। मां केक को देखकर फफक कर रोने लगी। बोली अब मेरा जिगर का टुकड़ा, मेरी बेटी नहीं रही। केक लेकर पहुंचे युवक की भी आंखें नम हो गई। बीमारी के चलते मदर्स-डे से दो दिन पहले बेटी की मौत हो गई।
शहर के हंडिया मोहल्ले की एक युवती अपनी मां को बहुत ज्यादा प्यार करती थी। मदर्स-डे पर मां के लिए उसने केक काटने का प्लान बनाया। दस मई को बालाजी चौक के निकट एक रेस्टोरेंट पर उसने केक बुक कराया। दुकानदार से कहा कि मदर्स-डे को वह आ नहीं पाएगी। उसके घर पर केक भिजवा दें। घर पास में ही होने का कारण दुकानदार ने कहा कि कोई बात नहीं वह घर पर ही केक भिजवा देगा। रविवार को अंकुश नाम का लड़का घर पर केक लेेकर पहुंचा। घर पर बिल्कुल सुनसान सा माहौल मिला। घर की घंटी बजाई तो एक बच्चा बाहर आया। बच्चे को बताया कि उनके यहां केक बुक हुआ था, बुक कराने वाली लड़की को भेज दो। बच्चा चुपचाप घर के अंदर चला गया और एक महिला गेट पर आई। महिला ने पूछा तो लड़के ने पूरी बात बताई, इस पर महिला सुबक-सुबक कर रोने लगी। महिला ने बताया कि वह बदनसीब मां मै ही हूं। मेरी बेटी बीमार थी, दो दिन पहले उसकी मौत हो गई। केक लेकर पहुंचा युवक भी ऐसे माहौल में अपने आंसू नहीं रोक सका। चुपचाप केक लेकर दुकान पर वापिस लौट आया। बेटी की ममता थी कि मरने के बाद भी मां के पास केक भिजवा दिया।
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बेटी ने मदर्स-डे पर बुक कराया गया केक लेकर दुकानदार घर पर पहुंचा तो परिवार के सदस्य सन्न रह गए। मां केक को देखकर फफक कर रोने लगी। बोली अब मेरा जिगर का टुकड़ा, मेरी बेटी नहीं रही। केक लेकर पहुंचे युवक की भी आंखें नम हो गई। बीमारी के चलते मदर्स-डे से दो दिन पहले बेटी की मौत हो गई।
शहर के हंडिया मोहल्ले की एक युवती अपनी मां को बहुत ज्यादा प्यार करती थी। मदर्स-डे पर मां के लिए उसने केक काटने का प्लान बनाया। दस मई को बालाजी चौक के निकट एक रेस्टोरेंट पर उसने केक बुक कराया। दुकानदार से कहा कि मदर्स-डे को वह आ नहीं पाएगी। उसके घर पर केक भिजवा दें। घर पास में ही होने का कारण दुकानदार ने कहा कि कोई बात नहीं वह घर पर ही केक भिजवा देगा। रविवार को अंकुश नाम का लड़का घर पर केक लेेकर पहुंचा। घर पर बिल्कुल सुनसान सा माहौल मिला। घर की घंटी बजाई तो एक बच्चा बाहर आया। बच्चे को बताया कि उनके यहां केक बुक हुआ था, बुक कराने वाली लड़की को भेज दो। बच्चा चुपचाप घर के अंदर चला गया और एक महिला गेट पर आई। महिला ने पूछा तो लड़के ने पूरी बात बताई, इस पर महिला सुबक-सुबक कर रोने लगी। महिला ने बताया कि वह बदनसीब मां मै ही हूं। मेरी बेटी बीमार थी, दो दिन पहले उसकी मौत हो गई। केक लेकर पहुंचा युवक भी ऐसे माहौल में अपने आंसू नहीं रोक सका। चुपचाप केक लेकर दुकान पर वापिस लौट आया। बेटी की ममता थी कि मरने के बाद भी मां के पास केक भिजवा दिया।
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