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छात्रों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों का बौध कराया
Updated Sat, 23 Dec 2017 12:22 AM IST
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मुजफ्फरनगर।
चौधरी छोटूराम महाविद्यालय में प्रशिक्षण एवं सेवायोजन इकाई की ओर से आयोजित सेमिनार में छात्रों को उनको अधिकारों और कर्तव्यों का बोध कराया। सेमिनार का विषय ‘भारतीय नागरिकों के मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य’ रखा गया। जिस पर विभिन्न शिक्षाविदों ने अपने विचार रखे।
श्रीराम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रविंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि हम सब अपने अधिकारों की बात तो करते हैं, किंतु कर्तव्यों की बात नहीं करते। किसी भी देश की तरक्की के लिए देश के नागरिकों को कर्तव्यों का बोध होना चाहिए। मौलिक अधिकारों को तो संविधान सभा ने संविधान में जगह दी परंतु संविधान के 42वें संशोधन द्वारा 1976 मौलिक कर्तव्यों को भी जगह दी गई। अधिकारों की चर्चा करते हुए उन्होंने छात्र-छात्राओं को विभिन्न अनुच्छेदों की बारीकियों की जानकारी दी, जिससे बच्चोंमें इस बात का स्वत: ही ज्ञान हो जाए कि मौलिक अधिकारों को संविधान की आत्मा के नाम से जाना जाता है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नरेश कुमार मालिक ने भी कर्तव्यों का जिक्र करते हुए कहा कि हम सबको प्राकृतिक संसाधनों का इस प्रकार इस्तेमाल करना चाहिए कि आने वाली पीढ़ियां भी इनका इस्तेमाल कर सके। उन्होंने सभी वक्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के समन्वयक डॉ. ओमबीर सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। डॉ. नरेश कुमार परूथी, डॉ. हरेंद्र सिरोही, डॉ. एके सिंह, डॉ. संदीप, डॉ. अवनीश, डॉ. गिरिराज किशोर, डॉ. एसके सिंह, गौरव जैन, कृष्ण कुमार, सुशील आदि उपस्थित रहे।
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चौधरी छोटूराम महाविद्यालय में प्रशिक्षण एवं सेवायोजन इकाई की ओर से आयोजित सेमिनार में छात्रों को उनको अधिकारों और कर्तव्यों का बोध कराया। सेमिनार का विषय ‘भारतीय नागरिकों के मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य’ रखा गया। जिस पर विभिन्न शिक्षाविदों ने अपने विचार रखे।
श्रीराम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रविंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि हम सब अपने अधिकारों की बात तो करते हैं, किंतु कर्तव्यों की बात नहीं करते। किसी भी देश की तरक्की के लिए देश के नागरिकों को कर्तव्यों का बोध होना चाहिए। मौलिक अधिकारों को तो संविधान सभा ने संविधान में जगह दी परंतु संविधान के 42वें संशोधन द्वारा 1976 मौलिक कर्तव्यों को भी जगह दी गई। अधिकारों की चर्चा करते हुए उन्होंने छात्र-छात्राओं को विभिन्न अनुच्छेदों की बारीकियों की जानकारी दी, जिससे बच्चोंमें इस बात का स्वत: ही ज्ञान हो जाए कि मौलिक अधिकारों को संविधान की आत्मा के नाम से जाना जाता है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नरेश कुमार मालिक ने भी कर्तव्यों का जिक्र करते हुए कहा कि हम सबको प्राकृतिक संसाधनों का इस प्रकार इस्तेमाल करना चाहिए कि आने वाली पीढ़ियां भी इनका इस्तेमाल कर सके। उन्होंने सभी वक्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के समन्वयक डॉ. ओमबीर सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। डॉ. नरेश कुमार परूथी, डॉ. हरेंद्र सिरोही, डॉ. एके सिंह, डॉ. संदीप, डॉ. अवनीश, डॉ. गिरिराज किशोर, डॉ. एसके सिंह, गौरव जैन, कृष्ण कुमार, सुशील आदि उपस्थित रहे।
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