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ऊपरवाले के भरोसे नहीं बैठें, खुद मेहनत करें: नवाजुद्दीन
Updated Wed, 22 Nov 2017 01:02 AM IST
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मुजफ्फरनगर।
अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने फिल्म दशरथ मांझी के एक डायलॉग से लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऊपर वाले के भरोसे मत बैठिए, हो सकता है वह भी आपके भरोसे बैठा हो। ऊपर वाला भी उसी का साथ देता है, जो कुछ करने की सोचता है और करता है। चुनने से ही जहनियत का पता चलता है। जो हम कर सकते हैं, उसे वो (विपक्ष) लोग नहीं कर सकते हैं। कस्बे को बुलंदियों पर पहुंचाने के लिए जनता का सहयोग चाहिए। राजनीति एक ऐसा प्लेटफार्म है, जहां एक-दूसरे के साथ और युवाओं के बिना कुछ नहीं है।
हेलीकॉप्टर से अपने पैतृक कस्बे बुढ़ाना पहुंचे अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक जनसभा में कहा कि 26 नवंबर को हर व्यक्ति के लिए भूल सुधारने का मौका है, इसे गवाएं नहीं। युवा, समाज सोच-समझकर चुनाव करें। हालांकि नवाजुद्दीन ने सीधे विरोधी पार्टी और नेताओं पर कटाक्ष करने से परहेज किया। कहा कि विपक्ष में भी कुछ लोग अच्छे हैं, मगर अपने कस्बे के लिए जो वह कर सकते हैं, दूसरे लोग नहीं कर सकते हैं। सपा के साथ मिलकर वह सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे, जिससे बुढ़ाना की तस्वीर बदलेगी। अभिनेता ने अपनी फिल्म दशरथ मांझी के डायलोग के जरिए युवाओं को समझाया। युवाओं के पास ऊर्जा है, उसे बस सही रास्ता दिखाने की जरूरत है। उस रास्ते को वह दिखाएंगे। राजनीति एक ऐसा प्लेटफार्म है, जिससे जनता की सेवा करना आसान है।
अपने कस्बे में वह कलाकार नहीं एक आम इंसान की तरह आए हैं। पहले घर से मुझे मजबूत करें। उसके बाद काम करने की जिम्मेदारी उनकी है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने देश-प्रदेश की सरकार पर कटाक्ष करने से परहेज किया। अंत में उन्होंने यह भी कहा कि सबा सिद्दीकी को वोट दें या न दें, बुढ़ाना के लिए उनका परिवार कार्य करता रहेगा।
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अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने फिल्म दशरथ मांझी के एक डायलॉग से लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऊपर वाले के भरोसे मत बैठिए, हो सकता है वह भी आपके भरोसे बैठा हो। ऊपर वाला भी उसी का साथ देता है, जो कुछ करने की सोचता है और करता है। चुनने से ही जहनियत का पता चलता है। जो हम कर सकते हैं, उसे वो (विपक्ष) लोग नहीं कर सकते हैं। कस्बे को बुलंदियों पर पहुंचाने के लिए जनता का सहयोग चाहिए। राजनीति एक ऐसा प्लेटफार्म है, जहां एक-दूसरे के साथ और युवाओं के बिना कुछ नहीं है।
हेलीकॉप्टर से अपने पैतृक कस्बे बुढ़ाना पहुंचे अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक जनसभा में कहा कि 26 नवंबर को हर व्यक्ति के लिए भूल सुधारने का मौका है, इसे गवाएं नहीं। युवा, समाज सोच-समझकर चुनाव करें। हालांकि नवाजुद्दीन ने सीधे विरोधी पार्टी और नेताओं पर कटाक्ष करने से परहेज किया। कहा कि विपक्ष में भी कुछ लोग अच्छे हैं, मगर अपने कस्बे के लिए जो वह कर सकते हैं, दूसरे लोग नहीं कर सकते हैं। सपा के साथ मिलकर वह सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे, जिससे बुढ़ाना की तस्वीर बदलेगी। अभिनेता ने अपनी फिल्म दशरथ मांझी के डायलोग के जरिए युवाओं को समझाया। युवाओं के पास ऊर्जा है, उसे बस सही रास्ता दिखाने की जरूरत है। उस रास्ते को वह दिखाएंगे। राजनीति एक ऐसा प्लेटफार्म है, जिससे जनता की सेवा करना आसान है।
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अपने कस्बे में वह कलाकार नहीं एक आम इंसान की तरह आए हैं। पहले घर से मुझे मजबूत करें। उसके बाद काम करने की जिम्मेदारी उनकी है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने देश-प्रदेश की सरकार पर कटाक्ष करने से परहेज किया। अंत में उन्होंने यह भी कहा कि सबा सिद्दीकी को वोट दें या न दें, बुढ़ाना के लिए उनका परिवार कार्य करता रहेगा।
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