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नाग ने लिया नागिन की मौत का बदला
Updated Mon, 04 Sep 2017 12:36 AM IST
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सर्पदंश से ग्रामीण की मौत
चरथावल/रोहाना (मुजफ्फरनगर)। क्षेत्र के गांव बहेड़ी में सर्पदंश से एक ग्रामीण की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक ने चार माह पहले एक सर्प को मार डाला था। अंधविश्वास के शिकार ग्रामीण घटना को नाग-नागिन के बदले की कहानी से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि वन्य जीव जंतु विशेषज्ञ इस तरह की कहानियों को खारिज करते हैं।
शुक्रवार की रात अब्दुल वली (52) पुत्र कल्लू अपने कमरे में सोने के लिए गया, तो उसे कमर में चुभने की पीड़ा महसूस हुई। करवट बदली तो करीब पांच फीट का काला नाग तकिये के बराबर में फन फैलाए बैठा था। नाग के डसने का अहसास होते ही उसके चेहरे की हवाईयां उड़ गई। गुस्साए वली ने कमरे में रखे डंडे से प्रहार कर नाग को पीट-पीट कर मार दिया। शोरगुल होने के बाद परिजन उसे लेकर स्वामी कल्याण देव राजकीय जिला चिकित्सालय ले गए, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। जान बचाने के लिए भोपा और रामराज में झाड़ फूंक भी कराया गया। इलाज की तमाम कोशिशों से भी वली की जान नहीं बच पाई। परिजनों के मुताबिक करीब चार माह पहले पेड़ के रास्ते नाग-नागिन का एक जोड़ा घर में घुस आया था। अब्दुल वली ने नागिन को मार दिया था। अब्दुल वली टैक्सी ड्राइवर था। काफी समय गुजरने के बाद वह भी घटना को भूल चुका था। शुक्रवार को टीवी देखने के बाद वली मकान के ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में सोने गया था। घटना के बाद से बहेड़ी गांव में नाग-नागिन के इसी जोडे़ की चर्चा है। शनिवार को वली की मौत से बकरीद की खुशियां भी मातम में बदल गई। देर शाम उसके शव को दफना दिया गया।
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चरथावल/रोहाना (मुजफ्फरनगर)। क्षेत्र के गांव बहेड़ी में सर्पदंश से एक ग्रामीण की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक ने चार माह पहले एक सर्प को मार डाला था। अंधविश्वास के शिकार ग्रामीण घटना को नाग-नागिन के बदले की कहानी से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि वन्य जीव जंतु विशेषज्ञ इस तरह की कहानियों को खारिज करते हैं।
शुक्रवार की रात अब्दुल वली (52) पुत्र कल्लू अपने कमरे में सोने के लिए गया, तो उसे कमर में चुभने की पीड़ा महसूस हुई। करवट बदली तो करीब पांच फीट का काला नाग तकिये के बराबर में फन फैलाए बैठा था। नाग के डसने का अहसास होते ही उसके चेहरे की हवाईयां उड़ गई। गुस्साए वली ने कमरे में रखे डंडे से प्रहार कर नाग को पीट-पीट कर मार दिया। शोरगुल होने के बाद परिजन उसे लेकर स्वामी कल्याण देव राजकीय जिला चिकित्सालय ले गए, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। जान बचाने के लिए भोपा और रामराज में झाड़ फूंक भी कराया गया। इलाज की तमाम कोशिशों से भी वली की जान नहीं बच पाई। परिजनों के मुताबिक करीब चार माह पहले पेड़ के रास्ते नाग-नागिन का एक जोड़ा घर में घुस आया था। अब्दुल वली ने नागिन को मार दिया था। अब्दुल वली टैक्सी ड्राइवर था। काफी समय गुजरने के बाद वह भी घटना को भूल चुका था। शुक्रवार को टीवी देखने के बाद वली मकान के ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में सोने गया था। घटना के बाद से बहेड़ी गांव में नाग-नागिन के इसी जोडे़ की चर्चा है। शनिवार को वली की मौत से बकरीद की खुशियां भी मातम में बदल गई। देर शाम उसके शव को दफना दिया गया।
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