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अप्रैल में रजिस्ट्री ऑफिस को 13 करोड़ का फटका
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अप्रैल में रजिस्ट्री ऑफिस को 13 करोड़ का फटका
मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन का आर्थिक नुकसान प्रत्येक विभाग को हुआ है। खासकर जो सरकार की आय का साधन है, उन विभागों में भारी आर्थिक हानि है। रजिस्ट्री विभाग में अप्रैल माह में 13 करोड़ का अनुमानित नुकसान है।
यदि हम बीते दो वर्षो के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2018 में अप्रैल माह में जिले की चारों तहसीलों में 2030 लोगों ने बैनामे कराए थे। इनसे सरकार को 12 करोड़ 41 लाख का राजस्व गया था। वर्ष 2019 में अप्रैल माह में 2186 लोगों ने बैनामे कराए और सरकार को 13 करोड़ 64 लाख के राजस्व का लाभ हुआ। लॉकडाउन होने से अप्रैल 2020 में विभाग ने 15 अप्रैल से ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की। ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रक्रिया इतनी जटिल थी कि आम आदमी बैनामे कराने की हिम्मत ही नहीं कर पाया। पूरे जिले में मात्र चार बैनामे हुए। इनमें खतौली तहसील में एक बैनामा हुआ, जिसमें एक लाख 35 हजार का राजस्व सरकार को मिला। तीन बैनामे जानसठ तहसील में हुए, जिनसे सरकार को पांच लाख 89 हजार का राजस्व मिला। जिले की सबसे बड़ी तहसील सदर और बुढाना तहसील में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई। लॉकडाउन न होता तो इस बार अप्रैल माह में रजिस्ट्री की संख्या और राजस्व दोनों बढ़ सकते थे। सहायक महानिरीक्षक निबंधन पुनीत कुमार का कहना है कि लॉकडाउन में घर से बाहर निकलने पर प्रतिबंध होने के कारण यह स्थिति रही है।
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मुजफ्फरनगर। लॉकडाउन का आर्थिक नुकसान प्रत्येक विभाग को हुआ है। खासकर जो सरकार की आय का साधन है, उन विभागों में भारी आर्थिक हानि है। रजिस्ट्री विभाग में अप्रैल माह में 13 करोड़ का अनुमानित नुकसान है।
यदि हम बीते दो वर्षो के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2018 में अप्रैल माह में जिले की चारों तहसीलों में 2030 लोगों ने बैनामे कराए थे। इनसे सरकार को 12 करोड़ 41 लाख का राजस्व गया था। वर्ष 2019 में अप्रैल माह में 2186 लोगों ने बैनामे कराए और सरकार को 13 करोड़ 64 लाख के राजस्व का लाभ हुआ। लॉकडाउन होने से अप्रैल 2020 में विभाग ने 15 अप्रैल से ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की। ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रक्रिया इतनी जटिल थी कि आम आदमी बैनामे कराने की हिम्मत ही नहीं कर पाया। पूरे जिले में मात्र चार बैनामे हुए। इनमें खतौली तहसील में एक बैनामा हुआ, जिसमें एक लाख 35 हजार का राजस्व सरकार को मिला। तीन बैनामे जानसठ तहसील में हुए, जिनसे सरकार को पांच लाख 89 हजार का राजस्व मिला। जिले की सबसे बड़ी तहसील सदर और बुढाना तहसील में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई। लॉकडाउन न होता तो इस बार अप्रैल माह में रजिस्ट्री की संख्या और राजस्व दोनों बढ़ सकते थे। सहायक महानिरीक्षक निबंधन पुनीत कुमार का कहना है कि लॉकडाउन में घर से बाहर निकलने पर प्रतिबंध होने के कारण यह स्थिति रही है।
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