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Muzaffarnagar News: 1281 किसानों ने लगाई आपत्ति
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मुजफ्फरनगर। आवास विकास परिषद मेरठ की ओर से शहर से सटे गांव शेरनगर, धंधेड़ा और बिलासपुर के किसानों से 280 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण किए जाने की प्रक्रिया का विरोध तेज हो गया है। तीन गांव के 1281 किसानों की ओर से आवास विकास परिषद कार्यालय में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के विरोध में सामूहिक हस्ताक्षर कर आपत्ति दर्ज कराई गई।
आवास विकास परिषद की ओर से शहर से सटे तीन गांव की 280 हेक्टेयर भूमि में आवासीय कॉलोनी बसाए जाने का प्रस्ताव है। परिषद की ओर से धारा-29 की कार्रवाई शुरू करते हुए अधिग्रहण के दायरे में आ रही भूमि से संबंधित किसानों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिसका विरोध हो रहा है।
तीनों गांव के किसानों की ओर से अधिशासी अभियंता निर्माण खंड मेरठ, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को एक पत्र दिया गया है। शहर से सटे तीन गांव की भूमि में प्रस्तावित मुजफ्फरनगर-जानसठ रोड भूमि विकास एवं गृहस्थान योजना-3 को लेकर विरोध दर्ज कराया गया है। किसानों का आरोप है कि परिषद की ओर से धारा-29 की प्रक्रिया मनमाने तरीके से प्रारंभ की गई। किसानों को इससे संबंधी कोई जानकारी नहीं दी गई। कर्मचारियों ने स्वयं के विवेक से जिन खसरा नंबरान को शामिल दर्शाया, उसी रिकॉर्ड को सही मानकर बिना भौतिक सत्यापन गजट पेश किया गया।
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किसानों ने किसी भी सूरत में अपनी कृषि योग्य भूमि आवासीय कॉलोनी के लिए नहीं देने की बात कहते हुए तर्क दिया कि पूर्व में प्रारंभ की गई आवासीय योजनाओं में निर्मित किए गए हजारों आवास आज भी खाली पड़े हुए हैं। किसानों का कहना है कि तीनों गांव की सार्वजनिक उपयोग ,कृषि, औद्योगिक, वाणिज्यिक व आवासीय भूमि का अधिग्रहण न किया जाए। उप्र. आवास विकास परिषद गृहस्थान योजना-3 निरस्त किया जाना चाहिए। आपत्ति जताने वालों में ग्राम प्रधान शेरनगर गुलफाना, बिलासपुर प्रधान गुलफशा, श्याम सुंदर, सुभाष सिंह, सुकेश कुमार एडवोकेट, शैलेश, जमुना देवी, रोहन राठी, बबीता और अदिति राठी शामिल रहे।
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आवास विकास परिषद की ओर से शहर से सटे तीन गांव की 280 हेक्टेयर भूमि में आवासीय कॉलोनी बसाए जाने का प्रस्ताव है। परिषद की ओर से धारा-29 की कार्रवाई शुरू करते हुए अधिग्रहण के दायरे में आ रही भूमि से संबंधित किसानों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिसका विरोध हो रहा है।
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तीनों गांव के किसानों की ओर से अधिशासी अभियंता निर्माण खंड मेरठ, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को एक पत्र दिया गया है। शहर से सटे तीन गांव की भूमि में प्रस्तावित मुजफ्फरनगर-जानसठ रोड भूमि विकास एवं गृहस्थान योजना-3 को लेकर विरोध दर्ज कराया गया है। किसानों का आरोप है कि परिषद की ओर से धारा-29 की प्रक्रिया मनमाने तरीके से प्रारंभ की गई। किसानों को इससे संबंधी कोई जानकारी नहीं दी गई। कर्मचारियों ने स्वयं के विवेक से जिन खसरा नंबरान को शामिल दर्शाया, उसी रिकॉर्ड को सही मानकर बिना भौतिक सत्यापन गजट पेश किया गया।
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किसानों ने किसी भी सूरत में अपनी कृषि योग्य भूमि आवासीय कॉलोनी के लिए नहीं देने की बात कहते हुए तर्क दिया कि पूर्व में प्रारंभ की गई आवासीय योजनाओं में निर्मित किए गए हजारों आवास आज भी खाली पड़े हुए हैं। किसानों का कहना है कि तीनों गांव की सार्वजनिक उपयोग ,कृषि, औद्योगिक, वाणिज्यिक व आवासीय भूमि का अधिग्रहण न किया जाए। उप्र. आवास विकास परिषद गृहस्थान योजना-3 निरस्त किया जाना चाहिए। आपत्ति जताने वालों में ग्राम प्रधान शेरनगर गुलफाना, बिलासपुर प्रधान गुलफशा, श्याम सुंदर, सुभाष सिंह, सुकेश कुमार एडवोकेट, शैलेश, जमुना देवी, रोहन राठी, बबीता और अदिति राठी शामिल रहे।