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दारुल उलूम के पूर्व मोहतमिम वस्तानवी के बेटे के इंतकाल पर दुख जताया
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देवबंद (सहारनपुर)। दारुल उलूम के पूर्व मोहतमिम व संस्था की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी के बड़े बेटे मौलाना मो. सईद वस्तानवी के इंतकाल पर दारुल उलूम और दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम समेत उलमा ने गहरे दुख का इजहार किया है।
मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी के बेटे मौलाना सईद वस्तानवी अक्कलकुआं में स्थित मदरसा जामिया इशातुल उलूम के शेखुल हदीस थे। वह पिछले काफी दिनों से गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थे। बुधवार की रात्रि तबीयत खराब होने पर चिकित्सक को दिखाया गया, लेकिन चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जब मौलाना सईद के इंतकाल की खबर यहां पहुंची तो इस्लामिक हल्कों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके इंतकाल पर विभिन्न मदरसों में कुरआन ख्वानी का आयोजन हुआ और उनके लिए दुआ-ए-मगरिफत की गई। दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी, दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी, हज्जतुल इस्लाम एकेडमी के डायरेक्टर मौलाना शकेब कासमी, दारुल उलूम फारुकिया के मोहतमिम मौलाना नूरुलहुदा कासमी, दारुल उलूम जकरिया के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती शरीफ खान, मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी, फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी, दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर, जामिया कासमिया दारुत्तालीम वस्सना के मोहतमिम मौलाना कारी इब्राहीम कासमी, मुफ्ती तारिक कासमी समेत पूर्व विधायक माविया अली, पालिकाध्यक्ष इनाम कुरैशी आदि ने गहरे दुख का इजहार किया।
मलेशिया दूतावास के अधिकारियों ने किया दारुल उलूम का दौरा
देवबंद। दिल्ली स्थित मलेशिया दूतावास के दो अधिकारियों ने विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यहां दी जानी वाली तालीम और छात्रों के रहन सहन के बारे में जानकारी हासिल की।
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बृहस्पतिवार को दारुल उलूम पहुंचे मलेशिया दूतावास के दो अधिकारियों ने संस्था के नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी से मुलाकात की। इस दौरान मद्रासी ने उन्हें उलमा-ए-देवबंद, संस्था के इतिहास और यहां दी जानी वाली तालीम के बारे में विस्तार से जानकारी। दोनों अधिकारियों ने लाइब्रेरी में ऐतिहासिक पुस्तकों को देखा उनके बारे में जाना। इसके बाद वह मस्जिद रशीदिया को देखने गए। जिसे देख उन्होंने उसकी जमकर प्रशंसा की।
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मौलाना गुलाम मोहम्मद वस्तानवी के बेटे मौलाना सईद वस्तानवी अक्कलकुआं में स्थित मदरसा जामिया इशातुल उलूम के शेखुल हदीस थे। वह पिछले काफी दिनों से गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थे। बुधवार की रात्रि तबीयत खराब होने पर चिकित्सक को दिखाया गया, लेकिन चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जब मौलाना सईद के इंतकाल की खबर यहां पहुंची तो इस्लामिक हल्कों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके इंतकाल पर विभिन्न मदरसों में कुरआन ख्वानी का आयोजन हुआ और उनके लिए दुआ-ए-मगरिफत की गई। दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी, दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी, हज्जतुल इस्लाम एकेडमी के डायरेक्टर मौलाना शकेब कासमी, दारुल उलूम फारुकिया के मोहतमिम मौलाना नूरुलहुदा कासमी, दारुल उलूम जकरिया के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती शरीफ खान, मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी, फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी, दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर, जामिया कासमिया दारुत्तालीम वस्सना के मोहतमिम मौलाना कारी इब्राहीम कासमी, मुफ्ती तारिक कासमी समेत पूर्व विधायक माविया अली, पालिकाध्यक्ष इनाम कुरैशी आदि ने गहरे दुख का इजहार किया।
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मलेशिया दूतावास के अधिकारियों ने किया दारुल उलूम का दौरा
देवबंद। दिल्ली स्थित मलेशिया दूतावास के दो अधिकारियों ने विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यहां दी जानी वाली तालीम और छात्रों के रहन सहन के बारे में जानकारी हासिल की।
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बृहस्पतिवार को दारुल उलूम पहुंचे मलेशिया दूतावास के दो अधिकारियों ने संस्था के नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी से मुलाकात की। इस दौरान मद्रासी ने उन्हें उलमा-ए-देवबंद, संस्था के इतिहास और यहां दी जानी वाली तालीम के बारे में विस्तार से जानकारी। दोनों अधिकारियों ने लाइब्रेरी में ऐतिहासिक पुस्तकों को देखा उनके बारे में जाना। इसके बाद वह मस्जिद रशीदिया को देखने गए। जिसे देख उन्होंने उसकी जमकर प्रशंसा की।