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भारतीय चिकित्सा को सजीव बनाए रखना जरुरी-ओमानंद
Updated Sat, 08 Dec 2018 11:04 PM IST
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भारतीय चिकित्सा को सजीव बनाए रखना जरूरी : ओमानंद
अमर उजाला ब्यूरो
मोरना। महाराष्ट्र की गंगाजल रथयात्रा का शुभारंभ करते हुए भागवत पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि भारतीय चिकित्सा को सजीव बनाए रखना जरूरी है। भारत को रोग मुक्त एवं स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्राचीन चिकित्सा संसाधन की आवश्यकता है। रथयात्रा से जनजागरण का माहौल उत्पन्न होता है। इस दौरान सुमन शास्त्री के साथ संस्कृत विद्यार्थियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच माटी कलश का पूजन कर नगर में यात्रा का शुभारंभ कराया।
शुकतीर्थ स्थित गंगाघाट पर महाराष्ट्र से पधारे राजेश जैन ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा शोध संस्थान प्रचार प्रसार अभियान के तहत 18 नवंबर से हरिद्वार से गंगाजल रथयात्रा का शुभारंभ हुआ है। 101 दिनों तक यह रथयात्रा देश के धर्मनगरी और प्रसिद्ध शहरों के बीच से निकाली जाएगी। यात्रा में मिट्टी, जल, वायु व अग्नि से इलाज किया जाता है। भारत देश के लोगों को अपनी संस्कृति से रू-ब रू कराकर देश के माटी से शरीर के रोगों को दूर करने के बारे में गहनता से जानकारी दी जाएगी। गंगा घाट पर लोगों को गंगाजल के भरे टब में रोगों को मिट्टी के द्वारा इलाज किया गया और मिट्टी के मानव जीवन के फायदों के बारे में बताया गया। इस मौके पर कल्याण भगवान अघाव, विजय कुमार, सुंदर राव सर्वव्यग, अरुण गुरुशाढ़ी, दीपक डिगरो, लक्ष्मण दादाराव, सुरेंद्र, रामखांडे, बालूखांडे, प्रभाकर महाराज, चौधरी सुरेंद्र सिंह, विपिन मैनेजर, महेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
मोरना। महाराष्ट्र की गंगाजल रथयात्रा का शुभारंभ करते हुए भागवत पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि भारतीय चिकित्सा को सजीव बनाए रखना जरूरी है। भारत को रोग मुक्त एवं स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्राचीन चिकित्सा संसाधन की आवश्यकता है। रथयात्रा से जनजागरण का माहौल उत्पन्न होता है। इस दौरान सुमन शास्त्री के साथ संस्कृत विद्यार्थियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच माटी कलश का पूजन कर नगर में यात्रा का शुभारंभ कराया।
शुकतीर्थ स्थित गंगाघाट पर महाराष्ट्र से पधारे राजेश जैन ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा शोध संस्थान प्रचार प्रसार अभियान के तहत 18 नवंबर से हरिद्वार से गंगाजल रथयात्रा का शुभारंभ हुआ है। 101 दिनों तक यह रथयात्रा देश के धर्मनगरी और प्रसिद्ध शहरों के बीच से निकाली जाएगी। यात्रा में मिट्टी, जल, वायु व अग्नि से इलाज किया जाता है। भारत देश के लोगों को अपनी संस्कृति से रू-ब रू कराकर देश के माटी से शरीर के रोगों को दूर करने के बारे में गहनता से जानकारी दी जाएगी। गंगा घाट पर लोगों को गंगाजल के भरे टब में रोगों को मिट्टी के द्वारा इलाज किया गया और मिट्टी के मानव जीवन के फायदों के बारे में बताया गया। इस मौके पर कल्याण भगवान अघाव, विजय कुमार, सुंदर राव सर्वव्यग, अरुण गुरुशाढ़ी, दीपक डिगरो, लक्ष्मण दादाराव, सुरेंद्र, रामखांडे, बालूखांडे, प्रभाकर महाराज, चौधरी सुरेंद्र सिंह, विपिन मैनेजर, महेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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