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बिना एनओसी के पांच चीनी मिलें बंद हुई
Updated Thu, 17 May 2018 12:44 AM IST
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बिना एनओसी के पांच चीनी मिलें बंद हुई
मुजफ्फरनगर। जिले में आठ में से पांच चीनी मिलों में गन्ने की कमी के कारण पेराई बंद कर दी गई है। तीन चीनी मिलों के पास ही गन्ना बचा है जो चल रही है। इनमें टिकौला के भी जल्द बंद होने की संभावना है। मोरना चीनी मिल 22 मई तक चल सकती है। हालांकि बंद चीनी मिलों को विभाग ने कोई एनओसी नहीं दी है।
जिले के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि अक्तूबर में पेराई शुरू करने के बाद भी चीनी मिल मई माह तक चली। जिले की आठों चीनी मिलों ने इस बार मई माह में पेराई की। जिस चीनी मिल के पास गन्ना खत्म होता रहा उसमें पेराई बंद होती चली गई। अब तक पांच चीनी मिल बंद हो चुकी है। सबसे पहले भैंसाना चीनी मिल में तीन मई को पेराई बंद हुई। इसके बाद खाईखेड़ी, फिर तितावी ने पेराई बंद की। खतौली ने दो दिन पूर्व और मंसूरपुर ने 16 मई की सुबह गन्ने की पेराई बंद की, जो चीनी मिल बंद हो चुकी है। इनमें से किसी को भी बंद करने के लिए गन्ना विभाग ने एनओसी जारी नहीं की। जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि टिकौला, रोहाना और मोरना में पेराई लगातार चल रही है। टिकौला दो या तीन दिन में पेराई का समापन कर सकती है। इसके बाद रोहाना 20 या 22 मई तक चल सकती है। मोरना चीनी मिल सबसे आखिर तक चलेगी। जिले के किसी भी किसान का गन्ना बाकी रहेगा तो उसे लिया जाएगा। यह मिल 22 मई तक चलाने की योजना है, यदि गन्ना बचता है तो एक दो दिन बढ़ भी सकती है।
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मुजफ्फरनगर। जिले में आठ में से पांच चीनी मिलों में गन्ने की कमी के कारण पेराई बंद कर दी गई है। तीन चीनी मिलों के पास ही गन्ना बचा है जो चल रही है। इनमें टिकौला के भी जल्द बंद होने की संभावना है। मोरना चीनी मिल 22 मई तक चल सकती है। हालांकि बंद चीनी मिलों को विभाग ने कोई एनओसी नहीं दी है।
जिले के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि अक्तूबर में पेराई शुरू करने के बाद भी चीनी मिल मई माह तक चली। जिले की आठों चीनी मिलों ने इस बार मई माह में पेराई की। जिस चीनी मिल के पास गन्ना खत्म होता रहा उसमें पेराई बंद होती चली गई। अब तक पांच चीनी मिल बंद हो चुकी है। सबसे पहले भैंसाना चीनी मिल में तीन मई को पेराई बंद हुई। इसके बाद खाईखेड़ी, फिर तितावी ने पेराई बंद की। खतौली ने दो दिन पूर्व और मंसूरपुर ने 16 मई की सुबह गन्ने की पेराई बंद की, जो चीनी मिल बंद हो चुकी है। इनमें से किसी को भी बंद करने के लिए गन्ना विभाग ने एनओसी जारी नहीं की। जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि टिकौला, रोहाना और मोरना में पेराई लगातार चल रही है। टिकौला दो या तीन दिन में पेराई का समापन कर सकती है। इसके बाद रोहाना 20 या 22 मई तक चल सकती है। मोरना चीनी मिल सबसे आखिर तक चलेगी। जिले के किसी भी किसान का गन्ना बाकी रहेगा तो उसे लिया जाएगा। यह मिल 22 मई तक चलाने की योजना है, यदि गन्ना बचता है तो एक दो दिन बढ़ भी सकती है।
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