{"_id":"5abe87c64f1c1b99618b4958","slug":"121522436038-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा ऋषि का जीवन प्रेरणादायी: ओमानंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा ऋषि का जीवन प्रेरणादायी: ओमानंद
Updated Sat, 31 Mar 2018 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर।
गुरु बिरजानंद इंटर कॉलेज रामपुर में वीतराग स्वामी कल्याणदेव की प्रतिमा का अनावरण भागवत पीठ शुकदेव आश्रम शुक्रताल के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऋषि का पवित्र जीवन युवा पीढ़ी के लिए अनुकरणीय और प्रेरणादायी है।
प्रतिमा अलंकरण समारोह में मुख्य अतिथि स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि वीतराग स्वामी कल्याणदेव का समाज और राष्ट्र की सेवा को समर्पित जीवन वंदनीय एवं अभिनंदनीय है। कर्मयोगी संत त्याग, तपस्या, करुणा और परोपकार की प्रतिमूर्ति थे, साधु समाज का गौरव थे। ग्रामीण शिक्षा के विकास में उनकी अमूल्य सेवाओं का राष्ट्र ऋणी रहेगा। नि:स्वार्थ भाव से सेवा करना प्रभु की सच्ची पूजा है। गांव-गांव उच्च शिक्षा पहुंचेगी, तभी शिक्षा ऋषि के सपनों का भारत बनेगा। विद्यार्थी शहीदों और महापुरुषों के जीवन दर्शन को पढ़े। अभिभावक बेटियों को अवश्य पढ़ाये, संस्कृति से जोड़े और उनमें आत्मविश्वास जगाये। पूर्व प्रधानाचार्य धर्मराज त्यागी ने कहा कि यह संस्था महान संत की अमूल्य देन है। पूर्व प्रधानाचार्य रविंद्र पाल सिंह चौहान ने कहा कि समाज में अशिक्षा का अंधियारा मिटाने को स्वामी कल्याणदेव ने ग्रामीण भारत को सेवा का केंद्र बनाया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं को परीक्षाफल वितरित किया गया। प्रधानाचार्य बारूराम शर्मा ने कॉलेज की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। शिक्षक भोपाल सिंह, जगमेर सिंह, धर्मवीर शर्मा, छाया राय आदि मौजूद रहे।
बारूराम को किया सम्मानित
गुरु बिरजानंद इंटर कालेज रामपुर के प्रधानाचार्य बारूराम शर्मा का स्वामी ओमानंद सरस्वती ने सम्मानित किया। शनिवार को रिटायर हो रहे शर्मा ने वीतराग स्वामी कल्याणदेव के जीवन से मिली शिक्षा के प्रसंग सुनाए। छात्र-छात्राओं ने गीत प्रस्तुत किये। वेदपाठ अचल शास्त्री ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुरु बिरजानंद इंटर कॉलेज रामपुर में वीतराग स्वामी कल्याणदेव की प्रतिमा का अनावरण भागवत पीठ शुकदेव आश्रम शुक्रताल के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऋषि का पवित्र जीवन युवा पीढ़ी के लिए अनुकरणीय और प्रेरणादायी है।
प्रतिमा अलंकरण समारोह में मुख्य अतिथि स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि वीतराग स्वामी कल्याणदेव का समाज और राष्ट्र की सेवा को समर्पित जीवन वंदनीय एवं अभिनंदनीय है। कर्मयोगी संत त्याग, तपस्या, करुणा और परोपकार की प्रतिमूर्ति थे, साधु समाज का गौरव थे। ग्रामीण शिक्षा के विकास में उनकी अमूल्य सेवाओं का राष्ट्र ऋणी रहेगा। नि:स्वार्थ भाव से सेवा करना प्रभु की सच्ची पूजा है। गांव-गांव उच्च शिक्षा पहुंचेगी, तभी शिक्षा ऋषि के सपनों का भारत बनेगा। विद्यार्थी शहीदों और महापुरुषों के जीवन दर्शन को पढ़े। अभिभावक बेटियों को अवश्य पढ़ाये, संस्कृति से जोड़े और उनमें आत्मविश्वास जगाये। पूर्व प्रधानाचार्य धर्मराज त्यागी ने कहा कि यह संस्था महान संत की अमूल्य देन है। पूर्व प्रधानाचार्य रविंद्र पाल सिंह चौहान ने कहा कि समाज में अशिक्षा का अंधियारा मिटाने को स्वामी कल्याणदेव ने ग्रामीण भारत को सेवा का केंद्र बनाया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं को परीक्षाफल वितरित किया गया। प्रधानाचार्य बारूराम शर्मा ने कॉलेज की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। शिक्षक भोपाल सिंह, जगमेर सिंह, धर्मवीर शर्मा, छाया राय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बारूराम को किया सम्मानित
गुरु बिरजानंद इंटर कालेज रामपुर के प्रधानाचार्य बारूराम शर्मा का स्वामी ओमानंद सरस्वती ने सम्मानित किया। शनिवार को रिटायर हो रहे शर्मा ने वीतराग स्वामी कल्याणदेव के जीवन से मिली शिक्षा के प्रसंग सुनाए। छात्र-छात्राओं ने गीत प्रस्तुत किये। वेदपाठ अचल शास्त्री ने किया।
विज्ञापन